Baghpat News: बेमौसम बारिश से गेहूं की फसल को बीस तो सब्जियों को 30 प्रतिशत तक नुकसान
मौसम के अचानक बदले मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि पांच दिन में तीन बार हो चुकी बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान गेहूं व सरसों के साथ ही सब्जियों की फसल को पहुंचा है।
विस्तार
मौसम के अचानक बदले मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि पांच दिन में तीन बार हो चुकी बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान गेहूं व सरसों के साथ ही सब्जियों की फसल को पहुंचा है। गेहूं व सरसों को 20 फीसदी तो सब्जियों को 30 प्रतिशत नुकसान पहुंचा है। वहीं सब्जियों व आम के बौर में रोग लगने का खतरा बना हुआ है। वहीं चीनी मिल चलने में भी परेशानी हो रही है और दोपहर में एक घंटा मिल बंद होने से किसान परेशान रहे।
यहां बुधवार को बारिश शुरू हुई थी, जो दो दिन बंद रही। इसके बाद शनिवार व सोमवार सुबह को फिर से बारिश हुई। हवा के साथ बारिश होने के कारण सबसे अधिक नुकसान गेहूं, सरसों व सब्जियों की फसल को पहुंच रहा है। सोमवार सुबह शुरू हुई बारिश रुक-रुककर चार घंटे तक होती रही। खेतों में तैयार खड़ी और कटी फसलों पर संकट मंडराने लगा। सबसे ज्यादा कटी पड़ी सरसों की फसल को लेकर किसानों की चिंता बढ़ी है।
बारिश का चीनी मिल पर पड़ा असर, एक घंटा रही बंद
बारिश का असर अब चीनी मिलों पर भी पड़ने लगा है। सोमवार दोपहर एक बजे के करीब चेन उतरने के कारण मिल बंद हो गई थी, जिसके चलते किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
इतना ही नहीं दिन में कई बार पांच-पांच मिनट को मिल बंद रही। यदि बारिश होने का सिलसिला जारी रहा तो पेराई बंद हो सकती है। वहीं मिल के प्रधान प्रबंधक प्रदीप कुमार ने बताया कि दोपहर में एक घंटा मिल बंद होने से थोड़ी परेशानी हुई थी। इसके बाद मिल सही से चल रही है।
आम के बौर पर फफूंदी रोग तो सब्जियों को भी पहुंचा नुकसान
बारिश के कारण सब्जियों के साथ ही अब आम के बौर पर भी रोग लगने का खतरा बढ़ गया है। किसान हरिओम, रहीस, महताब, चंद्रपाल, विनोद, इमरान आदि ने बताया कि सरसों की फसल खेतों में पककर तैयार खड़ी है और बारिश के कारण फसल खेतों में गिरनी शुरू हो गई है।
तेज हवा के कारण गेहूं को भी 20 फीसदी नुकसान पहुंच रहा है। इसके अलावा आलू, टमाटर, खीरा, लौकी आदि सब्जियों की फसल में भी गलन रोग लगने का खतरा बना हुआ और सब्जियों की फसल में 30 फीसदी नुकसान हुआ है। वहीं बारिश के कारण आम बौर पर फफूंदी रोग लगने की आशंका बनी हुई है।
हबीब चौहान, जावेद चौधरी, सुखबीर ने बताया कि बारिश से आम की फसल प्रभावित होगी। वहीं कृषि वैज्ञानिकों ने कीटनाशक दवाई का छिड़काव करने की सलाह दी।
बारिश से आम के बौर में फंगस, हॉपर कीट लगने का खतरा बना हुआ है। यदि लगातार बारिश होती रही तो इस बार आम की अधिक पैदावार नहीं होगी। आम को बचाने के लिए किसान सल्फर का छिड़काव कर रहे हैं। -हबीब चौहान, रटौल
बारिश से गेहूं व सरसों की फसल में नुकसान दिख रहा है। सब्जियों की फसल को बचाने के लिए किसानों को खेतों में पानी निकासी की व्यवस्था करनी चाहिए। -बाल गोविंद यादव, जिला कृषि अधिकारी