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Baghpat News: टमाटर को पहले सड़क पर फेंकना पड़ा, अब उसी ने बनाया लखपति
Tue, 18 Jul 2023 12:49 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Tue, 18 Jul 2023 12:49 AM IST
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रटौल (बागपत)। टमाटर का दाम कम होने पर किसान कुछ समय पहले तक सड़क पर फेंकने के लिए मजबूर थे। उसी टमाटर ने किसानों को एक महीने में लखपति बना दिया है। लहचौड़ा में चाचा-भतीजा किसान ने टमाटर से एक माह में आठ लाख रुपये का मुनाफा लिया है। इतना मुनाफा भी तब मिला, जब पहले टमाटर सस्ते होने पर फेंके और 50 प्रतिशत फसल बारिश में खराब हो गई।
लहचौड़ा गांव के 80 प्रतिशत किसान आलू, टमाटर, प्याज, मिर्च, लोकी की सब्जियां उगाते हैं। गांव में टमाटर की भी काफी खेती की जाती है। गांव के सुरेश शर्मा और प्रवेश शर्मा चाचा-भतीजा है, जिन्होंने चार एकड़ जमीन में टमाटर की खेती की थी। उन्होंने बताया कि मंडी में दाम कम होने पर लागत भी नहीं मिल रही थी और उन्होंने शुरू में काफी टमाटर तोड़कर सड़क पर फेंके हैं। बारिश के कारण 50 प्रतिशत फसल नष्ट हो गई थी। लेकिन टमाटर के दाम अचानक से बढ़ने पर उन्होंने बची हुई फसल से एक माह में आठ लाख रुपये से अधिक का मुनाफा लिया है। इनके अलावा गांव के आदेश यादव और कृष्ण शर्मा ने भी टमाटर से काफी मुनाफा लिया है।
मंडी में 2520 रुपये में बिक रहा 24 किलो टमाटर
सुरेश ने बताया कि एक दिन में एक लाख रुपये के टमाटर की बिक्री हुई। 24 किलो की क्रेट की 2520 रुपये के हिसाब से मंडी में बिक्री हुई। 40 क्रेट टमाटर एक लाख 800 रुपये में बिका। उन्होंने बताया कि इस बार मिर्च का दाम भी अच्छा मिल रहा। रोजाना 20 हजार रुपये की मिर्च बाजार में बिक रही है।
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दाम बढ़े तो बढ़ गया मुनाफा
आदेश यादव ने बताया कि मचान विधि से चार बीघा में टमाटर की फसल उगाई थी। बाजार में टमाटर की मांग और दाम बढ़ने से एक माह में खर्च से अलग ढाई लाख रुपये की आमदनी हुई है।
डेढ़ लाख का मुनाफा मिला
कृष्ण शर्मा ने बताया की पहले टमाटर का दाम कम होने से मजदूरी भी नहीं निकाल पा रहे थे। मगर दाम बढ़ने पर एक महीने में तीन बीघा टमाटर से डेढ़ लाख रुपये का मुनाफा मिला है।
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लहचौड़ा गांव के 80 प्रतिशत किसान आलू, टमाटर, प्याज, मिर्च, लोकी की सब्जियां उगाते हैं। गांव में टमाटर की भी काफी खेती की जाती है। गांव के सुरेश शर्मा और प्रवेश शर्मा चाचा-भतीजा है, जिन्होंने चार एकड़ जमीन में टमाटर की खेती की थी। उन्होंने बताया कि मंडी में दाम कम होने पर लागत भी नहीं मिल रही थी और उन्होंने शुरू में काफी टमाटर तोड़कर सड़क पर फेंके हैं। बारिश के कारण 50 प्रतिशत फसल नष्ट हो गई थी। लेकिन टमाटर के दाम अचानक से बढ़ने पर उन्होंने बची हुई फसल से एक माह में आठ लाख रुपये से अधिक का मुनाफा लिया है। इनके अलावा गांव के आदेश यादव और कृष्ण शर्मा ने भी टमाटर से काफी मुनाफा लिया है।
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मंडी में 2520 रुपये में बिक रहा 24 किलो टमाटर
सुरेश ने बताया कि एक दिन में एक लाख रुपये के टमाटर की बिक्री हुई। 24 किलो की क्रेट की 2520 रुपये के हिसाब से मंडी में बिक्री हुई। 40 क्रेट टमाटर एक लाख 800 रुपये में बिका। उन्होंने बताया कि इस बार मिर्च का दाम भी अच्छा मिल रहा। रोजाना 20 हजार रुपये की मिर्च बाजार में बिक रही है।
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दाम बढ़े तो बढ़ गया मुनाफा
आदेश यादव ने बताया कि मचान विधि से चार बीघा में टमाटर की फसल उगाई थी। बाजार में टमाटर की मांग और दाम बढ़ने से एक माह में खर्च से अलग ढाई लाख रुपये की आमदनी हुई है।
डेढ़ लाख का मुनाफा मिला
कृष्ण शर्मा ने बताया की पहले टमाटर का दाम कम होने से मजदूरी भी नहीं निकाल पा रहे थे। मगर दाम बढ़ने पर एक महीने में तीन बीघा टमाटर से डेढ़ लाख रुपये का मुनाफा मिला है।