फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Three auspicious times of Diwali worship

दिवाली पूजन के तीन शुभ मुहूर्त, लक्ष्मी-गणेश की पूजा करने से मिलेगी सुख समृद्धि

Sun, 23 Oct 2022 11:43 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 23 Oct 2022 11:43 PM IST
विज्ञापन
Three auspicious times of Diwali worship
बागपत की शौकत मार्किट में खरीदारी के लिए लगी लोगों की भीड़ - फोटो : BAGHPAT
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

बागपत। दीपावली पर शुभ मुहूर्त के कारण मां लक्ष्मी की इस बार विशेष कृपा बरसेगी। शुभ मुहूर्त में पूजन फलदायी साबित होगा। सोमवार को पांच बजकर 45 मिनट पर प्रदोष काल शुरू होगा। त्योहार पर स्थिर लग्न और प्रदोष काल में मां लक्ष्मी और गणेश की पूजा का विशेष महत्व होता है।
पंडित राजकुमार शास्त्री ने बताया कि दीपावली पर पूजन के तीन मुहूर्त बन रहे हैं। दीपावली प्रदोष काल का समय शाम छह बजकर 25 मिनट से शुरू होगा। स्थिर लगन का शुभ मुहूर्त शाम छह बजकर 25 मिनट से रात आठ बजकर 50 मिनट तक रहेगा। इसके अतिरिक्त रात दस बजकर 15 मिनट से साढ़े 11 बजे तक भी पूजन का शुभ मुहूर्त है। दीपावली पर अर्द्ध रात्रि की पूजा रात 12 बजकर 25 मिनट से रात एक बजकर 27 मिनट तक होगी। दीपावली पर्व पर शुभ मुर्हूत में पूजन करने से शुभ फल की प्राप्ति होगी। दिवाली पर लक्ष्मी पूजन का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि दिवाली की रात मां लक्ष्मी पूथ्वी लोक में भ्रमण करती हैं। वृष और सिंह लग्न को स्थिर लग्न माना जाता है। स्थिर लग्न और प्रदोष काल में पूजा का करने का विशेष महत्व होता है।
विज्ञापन

सर्वार्थ सिद्ध व सौभाग्य का बन रहा संयोग
ज्योतिषाचार्य पंडित राजकुमार शास्त्री ने बताया कि कार्तिक अमावस्या पर सर्वार्थ सिद्ध और सौभाग्य का संयोग बन रहा है। पूजन के लिए लक्ष्मी गणेश की मूर्तियां घर लाएं। लक्ष्मी जी को अर्पित करने के लिए लाल कपड़ा, गुलाल, लौंग, अगरबत्ती, हल्दी, अर्घ्य पात्र, फूलों की माला और खुले फूल, सुपारी, सिंदूर, इत्र, इलायची, कपूर, केसर, सीताफल, गंगाजल, देसी घी, चंदन, चांदी का सिक्का, चीनी, शहद, नारियल और हल्दी की गांठ का प्रयोग करें। पूजा के स्थान पर कलश पर महालक्ष्मी को विराजमान कर उनका पूजन करना चाहिए। गणेश, कलश, वरुण, कुबेर, इंद्र, विष्णु का पूजन करना चाहिए। लक्ष्मी प्राप्ति के लिए महालक्ष्मी के मंत्र ऊं ह्रीं श्री ह्रीं महालक्ष्मयै नम: और ऊं श्री महालक्ष्मी नम: का जाप करना चाहिए। पूजन में श्री सूक्त, कनकधारा स्त्रोत, विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ भी कर सकते हैं। दीपावली पर गोपाल सहस्त्रनाम का पाठ करने से स्थिर लक्ष्मी की प्राप्ति होती है।

बागपत में दीपावली पर्व के लिए खरीदारी करते बच्चें

बागपत में दीपावली पर्व के लिए खरीदारी करते बच्चें- फोटो : BAGHPAT

बागपत के गांधी बाजार में दीपावली पर्व पर पूजन के लिए लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति खरीदती महिला

बागपत के गांधी बाजार में दीपावली पर्व पर पूजन के लिए लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति खरीदती महिला- फोटो : BAGHPAT

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed