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पीएम की सुरक्षा में तैनात कांस्टेबल की मां पर हमला करने वालों को पकड़कर थाने से छोड़ा
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- कोर्ट से एनबीडब्ल्यू जारी होने के बाद पकड़ कर लाई थी सिंघावली अहीर थाने की पुलिस
- थाने से छोड़ने पर पीड़ित कांस्टेबल ने एसआई से बात करते हुए रिकार्डिंग की
- वीडियो फुटेज सहित सभी सबूत के साथ एसपी सौंप कर कार्रवाई की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में तैनात दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल की मां पर हमला करने के दो आरोपियों को सिंघावली अहीर थाने की पुलिस ने पकड़ने के बाद थाने से छोड़ दिया। आरोपियों का कोर्ट से एनबीडब्ल्यू जारी होने के बाद आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा था। सभी को पकड़कर लाते हुए पुलिस सीसीटीवी कैमरे में दिख रही है। इस प्रकरण में पीड़ित कांस्टेबल ने थाने के एसआई से फोन पर बात की तो उससे भी पूूरी पोल खुल गई। इसके बाद सभी सबूत के साथ एसपी से शिकायत की गई है।
डौला गांव का रहने वाला मनोज कुमार दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल है और वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यहां सुरक्षा में तैनात है। गांव में विवाद होने पर एक साल पहले कुछ लोगों ने घर में घुसकर उसकी मां मुन्नी देवी पर हमला कर दिया था। इसमें कोर्ट के आदेश पर सिंघावली अहीर थाने में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने मामले में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। इसके बाद भी आरोपियों के कोर्ट में पेश नहीं होने पर एनबीडब्ल्यू जारी कर दिए गए थे। मनोज का आरोप है कि पुलिस ने 19 सितंबर को दो आरोपियों को घर से पकड़ा था और उनको थाने लेकर गई थी। गली में लगे सीसीटीवी कैमरे में उन दोनों को पुलिस लेकर जाते हुए साफ दिख रही है। आरोप है कि दोनों आरोपियों को थाने लेकर जाने के कुछ देर बाद ही छोड़ दिया गया। उसने कॉल कर थाने के एसआई से इस बारे में पूछा तो उसने इंस्पेक्टर पर टाल दिया। उसने इंस्पेक्टर से इस बारे में बातचीत की तो उसने किसी को पकड़ने से साफ इंकार कर दिया।
मनोज ने बताया कि उसके पास मोबाइल पर हुई बातचीत की रिकार्डिंग के साथ ही सीसीटीवी की फुटेज भी है। अब उसने इस मामले में सभी सबूत के साथ एसपी से शिकायत की। उधर, सिंघावली अहीर थाना प्रभारी देवेश कुमार सिंह का कहना है कि पुलिस ने गलती से आरोपियों की जगह किसी अन्य को पकड़ लिया था, जिनको जांच के बाद छोड़ दिया गया। जिस तरह के आरोप पुलिस पर लगाए जा रहे है, वह पूरी तरह से गलत है।
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प्रकरण की जानकारी मिली है। पीड़ित को मामले की जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। प्रकरण में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - नीरज कुमार जादौन, एसपी।
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- थाने से छोड़ने पर पीड़ित कांस्टेबल ने एसआई से बात करते हुए रिकार्डिंग की
- वीडियो फुटेज सहित सभी सबूत के साथ एसपी सौंप कर कार्रवाई की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में तैनात दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल की मां पर हमला करने के दो आरोपियों को सिंघावली अहीर थाने की पुलिस ने पकड़ने के बाद थाने से छोड़ दिया। आरोपियों का कोर्ट से एनबीडब्ल्यू जारी होने के बाद आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा था। सभी को पकड़कर लाते हुए पुलिस सीसीटीवी कैमरे में दिख रही है। इस प्रकरण में पीड़ित कांस्टेबल ने थाने के एसआई से फोन पर बात की तो उससे भी पूूरी पोल खुल गई। इसके बाद सभी सबूत के साथ एसपी से शिकायत की गई है।
डौला गांव का रहने वाला मनोज कुमार दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल है और वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यहां सुरक्षा में तैनात है। गांव में विवाद होने पर एक साल पहले कुछ लोगों ने घर में घुसकर उसकी मां मुन्नी देवी पर हमला कर दिया था। इसमें कोर्ट के आदेश पर सिंघावली अहीर थाने में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने मामले में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। इसके बाद भी आरोपियों के कोर्ट में पेश नहीं होने पर एनबीडब्ल्यू जारी कर दिए गए थे। मनोज का आरोप है कि पुलिस ने 19 सितंबर को दो आरोपियों को घर से पकड़ा था और उनको थाने लेकर गई थी। गली में लगे सीसीटीवी कैमरे में उन दोनों को पुलिस लेकर जाते हुए साफ दिख रही है। आरोप है कि दोनों आरोपियों को थाने लेकर जाने के कुछ देर बाद ही छोड़ दिया गया। उसने कॉल कर थाने के एसआई से इस बारे में पूछा तो उसने इंस्पेक्टर पर टाल दिया। उसने इंस्पेक्टर से इस बारे में बातचीत की तो उसने किसी को पकड़ने से साफ इंकार कर दिया।
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मनोज ने बताया कि उसके पास मोबाइल पर हुई बातचीत की रिकार्डिंग के साथ ही सीसीटीवी की फुटेज भी है। अब उसने इस मामले में सभी सबूत के साथ एसपी से शिकायत की। उधर, सिंघावली अहीर थाना प्रभारी देवेश कुमार सिंह का कहना है कि पुलिस ने गलती से आरोपियों की जगह किसी अन्य को पकड़ लिया था, जिनको जांच के बाद छोड़ दिया गया। जिस तरह के आरोप पुलिस पर लगाए जा रहे है, वह पूरी तरह से गलत है।
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प्रकरण की जानकारी मिली है। पीड़ित को मामले की जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। प्रकरण में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - नीरज कुमार जादौन, एसपी।