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Baghpat News: प्रधानों का बढ़ाया जाए कार्यकाल, नहीं तो होगा आंदोलन

Tue, 05 May 2026 01:10 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 05 May 2026 01:10 AM IST
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The tenure of village heads must be extended; otherwise, a protest will be launched.
बागपत। प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने वाला है और ऐसे में कार्यकाल नहीं बढ़ने से प्रधानों की चिंता भी बढ़ने लगी है। क्योंकि कार्यकाल नहीं बढ़ने से प्रधान गांवों का विकास नहीं करा सकेंगे। उनका मानना है कि प्रशासक नियुक्त होने से वह समस्याओं का समाधान नहीं करेंगे। प्रधानों की मांग है कि प्रदेश सरकार को समय से पंचायत चुनाव कराने चाहिएं ताकि गांवों के विकास कार्य में किसी भी तरह की अड़चन न आए।
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-प्रधानों को सौंपी जाए जिम्मेदारी

बिलौचपुरा गांव के प्रधान नासिर खान ने कहा कि गांव की जिम्मेदारी सिर्फ प्रधानों को सौंपी जाए। प्रधान ही गांव का सही से विकास करा सकते हैं। पिछली बार भी पंचायत चुनाव से पहले प्रशासक नियुक्त कर दिए थे, जिससे विकास कार्य ठप हो गए थे। वहीं लोगों की समस्या का समाधान नहीं हो सका था।
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--गांवों को समय नहीं दे पाएंगे प्रशासक
डौला गांव के प्रधान प्रेमपाल का कहना है कि प्रशासक गांव को समय नहीं दे पाएंगे, क्योंकि वह अपने विभागों के कार्य में व्यस्त रहेंगे। ऐसे में गांवों में कार्य नहीं हो सकेंगे। प्रधान गांव के लोगों की हर समस्या के समाधान के लिए उनके बीच रहते हैं। इसके चलते प्रधानों के पास ही जिम्मेदारी रहनी चाहिए।
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--कार्यकाल नहीं बढ़ा तो होगा आंदोलन
चंदायन गांव के प्रधान मोहर सिंह ने कहा कि यदि प्रधानों का कार्यकाल नहीं बढ़ाया गया तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। वह गांव में प्रशासक को जिम्मेदारी नहीं सौंपने देंगे। यदि प्रदेश सरकार को कार्यकाल नहीं बढ़ाना है तो चुनाव को समय से कराना चाहिए ताकि लोग अपना प्रतिनिधि चुन सकें।

--रुक जाएगा विकास का पहिया
ट्योढ़ी गांव के प्रधान सचिन शर्मा ने बताया कि पंचायतों पर प्रशासक तैनात करने से विकास का पहिया रुक जाएगा। पिछली बार एडीओ को प्रशासक बनाकर ग्राम पंचायतों पर तैनात किया गया था, जो छह माह में सिर्फ छह बार ही गांव में आए होंगे। इसके कारण लोगों को अपने काम के लिए इधर-उधर भटकना पड़ेगा।
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