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कोताना गांव के खादर में सर्वे करने गई टीम किसानों के खेतों से भर लाई ककड़ी, लकी व खीरा
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यमुना खादर में जहां पैमाईश को लेकर पिछलें कई दिनों से बवाल चल रहा है और हरियाणा व यूपी के अधिकारी आ
- फोटो : BARAUT
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बड़ौत। कोताना गांव के यमुना खादर में मंगलवार को प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों की टीम सर्वे करने पहुंची। इस दौरान कई घंटे पैमाइश की गई परंतु समय रहते कार्य पूरा नहीं हो सका। वहीं, सर्वे के दौरान कुछ कर्मचारी किसानों के खेतों से लौकी, खीरा, ककड़ी भरते नजर आए। इस पर किसानों ने नाराजगी जताई। उधर, एसडीएम ने कहा कि यदि ऐसा हुआ है तो जांचकर कठोर कार्रवाई कराई जाएगी।
डीएम राजकमल के निर्देश पर मंगलवार को तहसीलदार हर्ष चावला की टीम कोताना गांव के खादर में पैमाइश करने पहुंची। यहां पैमाइश में अंतर आने पर इसे रोक दिया। वहीं, सर्वे टीम में शामिल कुछ कर्मचारियों को छोड़कर अन्य किसानों के खेतों से लौकी, ककड़ी, खीरा आदि बैग में भरने में व्यस्त रहे। इस दौरान किसानों ने नाराजगी जताई। वहीं, तहसीलदार हर्ष चावला ने बताया कि मशीन व फीते की पैमाइश में अंतर आने पर इसे बीच में रोकना पड़ा। अब जल्द ही दोबारा हरियाणा व यूपी के अधिकारी संयुक्त रूप से पैमाइश कराएंगे। वहीं, एसडीएम पूजा चौधरी ने बताया कि किसानों के खेतों से लौकी, खीरा व ककड़ी आदि तोड़ने का मामला संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा हुआ तो जांचकर कार्रवाई की जाएगी।
असरे से जारी है विवाद
खेड़ा इस्लामपुर गांव में खादर की पैमाइश करने बीते सोमवार को पहुंचे सोनीपत और बड़ौत के तहसील अधिकारियों के बीच पिलर लगाने को लेकर नोकझोंक हो गई थी। गांव के कालू, भीमा, सुरेंद्र, आशु और सुल्तानपुर हटाना के सचिन प्रधान आदि किसानों का आरोप है कि सोनीपत के अधिकारी उनके खेतों में जबरन सीमा निर्धारित करना चाहते थे। किसानों ने बताया कि हरियाणा पुलिस ने किसानों को जबरन गाड़ी में बैठा लिया। बड़ौत कोतवाली पुलिस ने किसानों को छुड़वाया था।
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डीएम राजकमल के निर्देश पर मंगलवार को तहसीलदार हर्ष चावला की टीम कोताना गांव के खादर में पैमाइश करने पहुंची। यहां पैमाइश में अंतर आने पर इसे रोक दिया। वहीं, सर्वे टीम में शामिल कुछ कर्मचारियों को छोड़कर अन्य किसानों के खेतों से लौकी, ककड़ी, खीरा आदि बैग में भरने में व्यस्त रहे। इस दौरान किसानों ने नाराजगी जताई। वहीं, तहसीलदार हर्ष चावला ने बताया कि मशीन व फीते की पैमाइश में अंतर आने पर इसे बीच में रोकना पड़ा। अब जल्द ही दोबारा हरियाणा व यूपी के अधिकारी संयुक्त रूप से पैमाइश कराएंगे। वहीं, एसडीएम पूजा चौधरी ने बताया कि किसानों के खेतों से लौकी, खीरा व ककड़ी आदि तोड़ने का मामला संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा हुआ तो जांचकर कार्रवाई की जाएगी।
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खेड़ा इस्लामपुर गांव में खादर की पैमाइश करने बीते सोमवार को पहुंचे सोनीपत और बड़ौत के तहसील अधिकारियों के बीच पिलर लगाने को लेकर नोकझोंक हो गई थी। गांव के कालू, भीमा, सुरेंद्र, आशु और सुल्तानपुर हटाना के सचिन प्रधान आदि किसानों का आरोप है कि सोनीपत के अधिकारी उनके खेतों में जबरन सीमा निर्धारित करना चाहते थे। किसानों ने बताया कि हरियाणा पुलिस ने किसानों को जबरन गाड़ी में बैठा लिया। बड़ौत कोतवाली पुलिस ने किसानों को छुड़वाया था।

कोताना गांव के खादर में सर्वे करती टीम।- फोटो : BARAUT
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