फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   The flow of Yamuna turned towards the old town, the crops were washed away due to erosion

Baghpat News: यमुना की धार पुराने कस्बे की तरफ मुड़ी, कटान होने से फसल बह गई

Wed, 14 Aug 2024 01:51 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत Updated Wed, 14 Aug 2024 01:51 AM IST
विज्ञापन
The flow of Yamuna turned towards the old town, the crops were washed away due to erosion
बागपत। पहाड़ों पर बारिश के बाद यमुना नदी उफान पर आ गई है, जिससे यमुना की धारा हरियाणा की तरफ से बदलकर पुराने कस्बे की तरफ मुड़ गई। पुराने कस्बे के यमुना खादर में बड़े पैमाने पर मिट्टी कटान शुरू हो गया है।
विज्ञापन

यमुना का जलस्तर बढ़ने के बाद मिट्टी कटान शुरू होने से किसानों की करीब 30 बीघा जमीन कटकर यमुना में बह गई। साथ ही कई किसानों की ईख और ज्वार की फसल भी कटान होने से यमुना में बह गई। किसान राधे निवासी मोहल्ला देशराज के नलकूप की दीवार भी गिरकर यमुना नदी में बह गई। पुराने कस्बे के यमुना खादर में मिट्टी कटान होने के बाद किसान हनीफ, इनाम समेत अन्य अपनी फसल काटने में जुट गए।
विज्ञापन

किसान सुनील चौहान, विरेंद्र, हनीफ आदि ने बताया कि अभी तक यमुना की धारा हरियाणा की तरफ थी, लेकिन दो दिन से जलस्तर बढ़ने के कारण पानी की धारा पुराने कस्बे की तरफ मुड़ गई। उधर, सिसाना, निवाड़ा, गौरीपुर, कोताना समेत कई गांवों के किसान भी अपनी फसल काटकर घर लाने में जुटे हुए है।
विज्ञापन
विज्ञापन

- यमुना में छोड़ा गया एक लाख क्यूसेक पानी
पहाड़ों पर भारी बारिश के चलते हथिनीकुंड बैराज से लगातार यमुना नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। सोमवार रात से मंगलवार तक एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जिससे यमुना उफान पर आ गई है।
- किसान रात में भी काट रहे फसल
यमुना का जलस्तर बढ़ने से छपरौली क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ गई है। जिसके चलते टांडा, शबगा, ककौरकलां, जागोस के किसान राजेंद्र, जितेंद्र, तेजवीर, कालू आदि ने बताया कि खेतों में खड़ी ईख, ज्वार, लौकी, गोभी, टमाटर, धनिया की फसल बचाने के लिए किसान रातभर खेतों में डेरा डाले हुए हैं और फसल काटकर अपने घर ले जाने में जुटे हुए हैं।
- खेताें में घुसने लगा पानी
यमुना खादर में 20 बीघा जमीन पर ज्वार और गेंदे की फसल उगा रखी है। अब यमुना का जलस्तर बढ़ते ही फसलों में पानी भरने लगा है। पिछले साल बाढ़ आने से तीन लाख रुपये से अधिक नुकसान हो गया था। - पवन कश्यप, पुराना कस्बा
- उखाड़नी पड़ रही है मूली
यमुना खादर में पांच बीघा खेत में मूली की फसल उगा रखी है। अब यमुना का जलस्तर बढ़ने लगा है, इसी वजह मूली उखाड़कर खेत खाली करने लगे हैं। इसके अलावा मिर्च, ज्वार की फसल में भी पानी भर गया। - जाकिर हुसैन, किसान पुराना कस्बा
- खेताें में भरा पानी
यमुना का जलस्तर बढ़ने से ज्वार समेत अन्य फसलों में पानी भरने लगा है। जिससे दस बीघा ईख की फसल जलमग्न हो गई है। अगर यमुना का जलस्तर कम नहीं हुआ तो फसल पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी। - कर्मवीर सिंह, किसान पुराना कस्बा

- वर्जन-यमुना और हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ गया है, लेकिन खतरे के निशान से काफी नीचे है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए किसानों को किनारों पर जाने से रोका जा रहा है। - मुकेश देव, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed