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Baghpat News: मेडिकल काॅलेज विवाद में बंट गया जिला, पार्टियों के नेता भी बंटे

Sat, 15 Feb 2025 09:25 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत Updated Sat, 15 Feb 2025 09:25 PM IST
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The district got divided in the medical college dispute, the leaders of the parties also got divided
मुख्यमंत्री के नाम राज्यमंत्री केपी मलिक द्वारा लिखा गया पत्र
बागपत। मेडिकल काॅलेज निर्माण के लिए जमीन के विवाद में जिला बंट गया है और बागपत व बड़ौत के बीच खुलकर विवाद शुरू हो गया। लोग ही नहीं, बल्कि पार्टियों के नेता भी राजनीति क्षेत्र के अनुसार बंट गए हैं। बागपत की राजनीति करने वाले मीतली में मेडिकल काॅलेज की पैरोकारी कर रहे हैं तो बड़ौत व छपरौली वाले बड़ौत में कालेज निर्माण की मांग कर रहे हैं।
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मेडिकल कालेज निर्माण के लिए मीतली में जमीन चिह्नित की गई थी। इस जमीन को वर्ष 2023 में राजस्व विभाग ने बंजर में दर्ज कर दिया था। वहीं मेडिकल कालेज के निर्माण के लिए श्री जयपाल सिंह शर्मा ट्रस्ट के साथ मिलकर 101 करोड़ रुपये का अनुमोदन हो गया है। मगर, जनता वैदिक कॉलेज की प्रबंध समिति ने पांच दिन पहले मेडिकल काॅलेज निर्माण के लिए 96 बीघा भूमि दान देने का प्रस्ताव पास करके डीएम को सौंपा तो इसको लेकर विवाद शुरू हो गया।
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जहां बागपत क्षेत्र के करीब 50 गांवों के लोग इसके विरोध में उतर गए और मीतली में मेडिकल काॅलेज निर्माण की मांग करने लगे। अब यह एक ही जिले में बागपत व बड़ौत के बीच विवाद शुरू हो गया है। पंचायतों से लेकर सोशल मीडिया पर दोनों क्षेत्रों के लोग एक-दूसरे पर खूब कटाक्ष कर रहे हैं। वहीं रालोद, भाजपा, सपा, बसपा सभी पार्टियों के नेता भी बागपत व बड़ौत क्षेत्र में बंट गए हैं।
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बागपत क्षेत्र के नेता खुलकर पंचायतों में शामिल हो रहे हैं और बड़ौत में मेडिकल कालेज निर्माण की खिलाफत कर रहे हैं। जबकि बड़ौत क्षेत्र के नेता मीतली में काॅलेज निर्माण की खिलाफत कर रहे हैं। इस तरह से खींचतान बढ़ती जा रही हैं।
मंत्री केपी मलिक भी मीतली में काॅलेज निर्माण की पैरवी कर चुके
भाजपा के विधायक योगेश धामा जहां खुलकर मीतली में काॅलेज निर्माण किए जाने का मामला उठा रहे हैं और इसमें सीएम से मिलने की बात कह रहे हैं। वहीं राज्यमंत्री केपी मलिक भी डेढ़ साल पहले इस मामले में सीएम से मिलकर पत्र सौंप चुके हैं। उन्होंने सीएम को पत्र सौंपकर मीतली में जल्द मेडिकल काॅलेज निर्माण कराए जाने की मांग रखी थी। राज्यमंत्री केपी मलिक का वह पत्र काफी वायरल करके कहा जा रहा है कि वह भी मीतली में काॅलेज निर्माण कराने के लिए साथ है।
काॅलेज की समिति का नहीं अधिकार तो प्रस्ताव कैसे कर दिया
जनता वैदिक काॅलेज की समिति पर मेडिकल काॅलेज के लिए जमीन का प्रस्ताव देने पर दूसरे पक्ष ने सवाल उठाने शुरू कर दिए। जाट शिक्षा सभा के अध्यक्ष होने का दावा करते हुए जगवीर सिंह, मंत्री मोनिका, राजवीर जोनमाना, जयवीर मलिक, बलराज आदि ने शनिवार को डीएम अस्मिता लाल से मिलकर शिकायत दी। उन्होंने कहा कि जनता वैदिक काॅलेज की समिति ने 96 बीघा जमीन मेडिकल कॉलेज के लिए देने का प्रस्ताव किस आधार पर किया है। क्योंकि उनको जमीन को लेकर कोई फैसला करने का अधिकारी नहीं है और यह फैसला केवल जाट शिक्षा सभा की समिति ले सकती है। इस मामले में डीएम से गलत प्रस्ताव करने वालों पर कार्रवाई की मांग की गई।

हमारे पास पूरा अधिकार, झूठ बोला जा रहा
जनता वैदिक काॅलेज की प्रबंध समिति के अध्यक्ष वीरेंद्रपाल सिंह का कहना है कि जाट शिक्षा सभा का कुछ दिन के लिए दूसरे लोगों को अध्यक्ष व अन्य पद दिए गए थे। मगर, इसके बाद हाईकोर्ट में गए तो उसपर स्टे कर दिया गया था और अब काॅलेज की समिति ही पूरी जिम्मेदारी संभाल रही है। इसलिए काॅलेज की समिति के पास सभी फैसले लेने का हक है और प्रस्ताव गलत करने का आरोप लगाने वाले खुद झूठ बोल रहे हैं।
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