फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   The construction of the second phase of the Economic Corridor also got involved in the compensation dispute.

इकॉनमिक कॉरिडोर के दूसरे चरण का निर्माण भी मुआवजे के विवाद में फंसा

Wed, 16 Mar 2022 10:51 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 16 Mar 2022 10:51 PM IST
विज्ञापन
The construction of the second phase of the Economic Corridor also got involved in the compensation dispute.
- दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर के लिए चार जिलों के करीब 70 गांवों के किसानों की 1100 हेक्टेयर जमीन हुई अधिग्रहीत
विज्ञापन

- सर्किल रेट बढ़ाकर मुआवजा देने के लिए बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर के किसान कर रहे आंदोलन
- अभी तक करीब 250 किसानों ने लिया मुआवजा, दो हजार से ज्यादा किसानों को मुआवजा दिया जाना बाकी
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड इकनॉमिक कॉरिडोर के पहले चरण का निर्माण जहां कंपनी का टेंडर निरस्त करने के कारण खटाई में पड़ा है, वहीं अब दूसरे चरण का निर्माण मुआवजे के विवाद में फंस गया है। किसान अभी तक केवल अधिकारियों के दफ्तरों में जाकर मुआवजा बढ़ाने की मांग करते थे। मगर, अब एनएचएआई व कंपनी के कर्मियों के काम करने जाने पर विरोध किया जा रहा है। किसानों ने मुआवजा नहीं बढ़ने तक कार्य नहीं होने देने की चेतावनी दी है।
दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड इकनॉमिक कॉरिडोर के लिए बागपत के 27 गांव, मुजफ्फरनगर के सात गांव, शामली के 22 गांव, सहारनपुर के 25 गांव की करीब 1100 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। यह जमीन ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे से लेकर सहारनपुर तक है, जिसमें बागपत की करीब 350 हेक्टेयर जमीन शामिल है। इस अधिग्रहीत जमीन के मुआवजे को लेकर विवाद चल रहा है, जिसमें अभी तक अधिकारियों के पास जाकर किसान मुआवजा बढ़ाने की मांग करते थे। मगर, अब एनएचएआई व कंपनी के कर्मी काम करने जाते है तो उनका भी विरोध शुरू हो गया है। इससे कॉरिडोर के दूसरे चरण का निर्माण भी लटकता दिख रहा है।
विज्ञापन

दो हजार से ज्यादा का मुआवजा अभी लटका
जिन किसानों की कॉरिडोर के लिए जमीन का अधिग्रहण किया गया है, उनमें अभी तक करीब 250 किसानों ने मुआवजा लिया है। दो हजार से ज्यादा किसानों को मुआवजा नहीं मिला है। इनमें कुछ किसान मुआवजा लेना भी चाहते है, लेकिन उनमें कुछ का जमीन को लेकर आपसी विवाद होने से वह लटका हुआ है। कुछ लोग 2022 के सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा मांग रहे है। सरकार उनको 2016 के सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा दे रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पहले चरण का निर्माण कंपनी के कारण लटका हुआ
इकनॉमिक कॉरिडोर का निर्माण दो चरणों में होना है, जिनमें एक दिल्ली से लेकर ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे तक है तो दूसरा एक्सप्रेस वे से लेकर देहरादून तक है। इनमें पहले चरण का दिल्ली से ईपीई तक का निर्माण कंपनी को टेंडर रद्द करने का नोटिस भेजने के कारण अटका हुआ है।
जिन किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया है, उनको बढ़ाकर मुआवजा दिया जाना चाहिए। इसको लेकर कई बार बैठक हो चुकी है, लेकिन यह मामला नहीं सुलझ रहा है। - कृष्णपाल चेयरमैन, मवीकलां

किसानों को नियम के अनुसार मुआवजा दिया जा रहा है। हमारे पास मुआवजे के लिए किसान पहुंच रहे है। जिनको मुआवजे को लेकर आपत्ति है, वह कार्य में बाधा डालने की जगह नियम के अनुसार कार्रवाई करें। - अमित कुमार, एडीएम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed