उत्तर प्रदेश में बागपत जनपद के बिनौली में सिपाही सोनू के घर में विवाद जरूर था, लेकिन किसी को इस बात का अंदेशा नहीं था कि इस विवाद में इतनी बड़ी वारदात हो जाएगी। कुछ ही मिनटों में कुनबा बिखर गया। रंछाड़ गांव में अब गम का माहौल है। दंपती की मौत से दो मासूम बेटियों के भविष्य पर सिर्फ सवाल रह गए हैं। सोनू तोमर खुद इकलौता बेटा था। पिता की मौत हो चुकी है।
खून...खून... कहते दादी की ओर दौड़ी मासूम, चंद मिनटों में बिखर गया कुनबा, गम में डूबा पूरा गांव, तस्वीरें
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छपरौली के कूड़ी गांव की रहने वाली साक्षी का विवाह रंछाड़ के सोनू के साथ हुआ था। तीन बहनों का इकलौता भाई सोनू यूपी पुलिस में मृत आश्रित कोटे में भर्ती हुआ था। दो बेटियों ने जन्म लिया, जिंदगी खुशी-खुशी गुजर रही थी। अचानक सोनू शराब का आदी होने लगा। सहारनपुर पुलिस लाइन मेें उसकी तैनाती थी। 18 मार्च 2020 को वह अचानक घर आ गया था और फिर ड्यूटी पर नहीं जा रहा था। साक्षी दो बेटियों का हवाला देकर उसे ड्यूटी पर जाने के लिए कहती थी। लेकिन सोनू इसके उलट शराब पीकर आता था। इस कारण दोनों में झगड़ा होता था।
वहीं बीते शनिवार रात भी ऐसा ही हुआ। इसी विवाद में सोनू ने पत्नी को गोली मार दी और खुद आत्महत्या कर ली। गोली की आवाज सुनकर मां के पास लेटी चार साल की ईशु की आंख खुल गई। मां के सिर से खून बहता देखा तो वह मकान के निचले हिस्से में सोई दादी संतरेश की तरफ दौड़ी और कहा दादी खून-खून...। अनहोनी की आशंका में संतरेश ऊपर पहुंची, तो बहू का खून से लथपथ शव पड़ा था और बेटे ने कमरा बंद कर फांसी लगा ली थी। बेटे की मौत पर संतरेश का कलेजा फट पड़ा। शोर शराबा सुनकर परिवार, मोहल्ले, गांव के लोग पहुंचे और संतरेश को किसी तरह संभालने की कोशिश की।
दरवाजा तोड़कर निकाला शव
संतरेश छत पर पहुंचीं तो कमरे का दरवाजा बंद था। लोगों ने पुलिस को जानकारी दी। एसडीएम बड़ौत दुर्गेश मिश्रा, सीओ सिटी ओमपाल सिंह, एसओ बिनौली रवेंद्र यादव मौके पर पहुंचे। दरवाजा तोड़कर सोनू के शव को पंखे से उतारा गया। पुलिस ने बिस्तर पर पड़े 315 बोर के तमंचे को कारतूस सहित बरामद किया। दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिए। रविवार को एसपी बागपत अजय कुमार सिंह भी गांव पहुंचे और परिवार के लोगों से जानकारी ली। सोनू के चाचा तेजपाल की तहरीर पर पुलिस ने धारा 302 व 25 आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज किया है।
पिता की जगह पुलिस में भर्ती हुआ था सोनू
सोनू मृतक आश्रित कोटे से यूपी पुलिस में भर्ती हुआ था। उसके पिता कृष्णपाल की 2006 में मृत्यु हो गई थी। वह अपने पिता की जगह यूपी पुलिस में भर्ती हुआ था। अब सोनू के खतरनाक कदम ने परिवार को पूरी तरह तोड़कर रख दिया है। घर में दो अनाथ बेटियों के आंसू देखकर पूरा गांव गमजदा है। पति को खो चुकी संतरेश ने अब बेटे और बहू को भी खो दिया है। सोनू की तीन बहनों में गोल्डी की शादी हो चुकी है। नीलू यूपी पुलिस में सिपाही है और नोएडा में तैनात है। तीसरी बहन शिखा भी यूपी पुलिस हरदोई में तैनात है।