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‘चीनी मिल मालिकों को सरकारों का है संरक्षण’
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
Updated Tue, 13 Sep 2016 02:06 AM IST
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ककड़ीपुर में बैठक को संबोधित करते सरदार वीएम सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
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रमाला। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह ने कहा गन्ने के करोड़ों रुपये यूपी की मिलों पर बकाया हैं। किसान भुखमरी के कगार पर पहुंच गया है। केंद्र और राज्य सरकारें मिल मालिकों को ही फायदा पहुंचा कर किसानों का शोषण कर रही है।
ककड़ीपुर गांव में स्थित न्यू इरा इंटर नेशनल स्कूल में सोमवार को किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह ने कहा किसान आर्थिक परेशानी झेल रहा है, लेकिन सरकारों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। बागपत गन्ना बाहुल्य क्षेत्र है। यहां सबसे ज्यादा गन्ने की फसल उगाई जाती है, लेकिन भुगतान नहीं होने से किसान बर्बादी के कगार पर पहुंच गया है। केंद्र और राज्य सरकारें मिल मालिकों को फायदा पहुंचा रही है।
उन्होंने कहा मिल को सात प्रतिशत लोन मिल जाता है, यही नहीं ब्याज भी माफ कर दिया जाता है। वह 23 वर्ष से किसानों की इज्जत की लड़ाई लड़ रहे हैं। जब तक किसानों का गन्ना मिलों में जाता रहेगा, तब मिल बंद नहीं होंगे। यदि मिल बंद हो गए तो खेत में खड़े गन्ने के रुपये भी मिल को देना होगा। यह आदेश जल्द ही कोर्ट द्वारा आने वाला है।
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उन्होंने कहा किसान क्रेडिट कार्ड से जिंदगी जी रहा है। किसान को लाभ नहीं मिल रहा है। आज किसान मसीहा चौधरी चरण सिंह को याद कर रहे हैं। इसमें विराज तोमर, आजाद सिंह, प्रधान मह सिंह, डायरेक्टर राजीव चौहान, रविंद्र सिंह, लोकेंद्र सिंह, मनोज बालियान, भूपेंद्र सिंह, कृष्णपाल और हरपाल मौजूद रहे।
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ककड़ीपुर गांव में स्थित न्यू इरा इंटर नेशनल स्कूल में सोमवार को किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह ने कहा किसान आर्थिक परेशानी झेल रहा है, लेकिन सरकारों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। बागपत गन्ना बाहुल्य क्षेत्र है। यहां सबसे ज्यादा गन्ने की फसल उगाई जाती है, लेकिन भुगतान नहीं होने से किसान बर्बादी के कगार पर पहुंच गया है। केंद्र और राज्य सरकारें मिल मालिकों को फायदा पहुंचा रही है।
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उन्होंने कहा मिल को सात प्रतिशत लोन मिल जाता है, यही नहीं ब्याज भी माफ कर दिया जाता है। वह 23 वर्ष से किसानों की इज्जत की लड़ाई लड़ रहे हैं। जब तक किसानों का गन्ना मिलों में जाता रहेगा, तब मिल बंद नहीं होंगे। यदि मिल बंद हो गए तो खेत में खड़े गन्ने के रुपये भी मिल को देना होगा। यह आदेश जल्द ही कोर्ट द्वारा आने वाला है।
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उन्होंने कहा किसान क्रेडिट कार्ड से जिंदगी जी रहा है। किसान को लाभ नहीं मिल रहा है। आज किसान मसीहा चौधरी चरण सिंह को याद कर रहे हैं। इसमें विराज तोमर, आजाद सिंह, प्रधान मह सिंह, डायरेक्टर राजीव चौहान, रविंद्र सिंह, लोकेंद्र सिंह, मनोज बालियान, भूपेंद्र सिंह, कृष्णपाल और हरपाल मौजूद रहे।