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Baghpat News: भवन हो चुका तैयार, मशीन का इंतजार
Fri, 14 Apr 2023 12:54 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Fri, 14 Apr 2023 12:54 AM IST
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बागपत। जिला अस्पताल में भवन बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन मशीन नहीं मिलने के कारण ब्लड सेपरेशन यूनिट शुरू नही हो पा रही है। पिछले साल की तरह अगर डेंगू बढ़ा तो प्लेटलेट्स के लिए मारामारी मचेगी। क्योंकि मरीजों को प्लेटलेट्स के लिए सोनीपत, मेरठ और दिल्ली की दौड़ लगानी पड़ती है।
जिला अस्पताल में एक यूनिट से चार यूनिट ब्लड तैयार कराने के लिए ब्लड सेपरेशन यूनिट का निर्माण कराया गया था। शासन स्तर से दो मशीन उपलब्ध करा दी है, जबकि अभी एक अन्य मशीन आनी हैं। मशीन नहीं आने के कारण यूनिट शुरू नहीं हो पाई है। ब्लड सेपरेशन यूनिट शुरू होने पर एक यूनिट खून से लाल रक्त कणिकाएं (आरबीसी), श्वेत रक्त कणिकाएं (डब्ल्यूबीसी), प्लेटलेट्स, प्लाज्मा, फ्रेश फ्रोजन प्लाज्मा (एफएफपी) को अलग किया जाता है। इसमें थैलीसिया के मरीजों को आरबीसी, डेंगू के मरीजों को प्लेटलेट्स, जले हुए मरीजों को प्लाज्मा और एड्स के मरीजों को डब्ल्यूबीसी की जरूरत पड़ती है। यूनिट शुरू होने पर मरीजों को उनकी जरूरत के हिसाब से रक्त चढ़ाया जाता है। एक यूनिट खून से प्लाज्मा, रेड सेल और प्लेटलेट्स अलग कर तीन लोगों को चढ़ाया जा सकता है।
जिले में अभी नहीं मिला डेंगू का मरीज
-जिला मलेरिया अधिकारी डॉ मसूद ने बताया कि जिले में अभी तक एक भी डेंगू का मरीज नहीं मिला है। लोगों को बीमारी से बचाव के लिए संचारी अभियान के अंतर्गत जागरूक किया जा रहा है। जिले में पिछले साल मलेरिया के चार और डेंगू के 51 मरीज मिले थे।
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यूनिट शुरू करने की तैयारी जिला स्तर पर पूरी है। शासन से एक और मशीन आनी बाकी है। मशीन आने पर यूनिट को शुरू कराया जाएगा।
-डॉ एसके चौधरी, सीएमएस
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जिला अस्पताल में एक यूनिट से चार यूनिट ब्लड तैयार कराने के लिए ब्लड सेपरेशन यूनिट का निर्माण कराया गया था। शासन स्तर से दो मशीन उपलब्ध करा दी है, जबकि अभी एक अन्य मशीन आनी हैं। मशीन नहीं आने के कारण यूनिट शुरू नहीं हो पाई है। ब्लड सेपरेशन यूनिट शुरू होने पर एक यूनिट खून से लाल रक्त कणिकाएं (आरबीसी), श्वेत रक्त कणिकाएं (डब्ल्यूबीसी), प्लेटलेट्स, प्लाज्मा, फ्रेश फ्रोजन प्लाज्मा (एफएफपी) को अलग किया जाता है। इसमें थैलीसिया के मरीजों को आरबीसी, डेंगू के मरीजों को प्लेटलेट्स, जले हुए मरीजों को प्लाज्मा और एड्स के मरीजों को डब्ल्यूबीसी की जरूरत पड़ती है। यूनिट शुरू होने पर मरीजों को उनकी जरूरत के हिसाब से रक्त चढ़ाया जाता है। एक यूनिट खून से प्लाज्मा, रेड सेल और प्लेटलेट्स अलग कर तीन लोगों को चढ़ाया जा सकता है।
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जिले में अभी नहीं मिला डेंगू का मरीज
-जिला मलेरिया अधिकारी डॉ मसूद ने बताया कि जिले में अभी तक एक भी डेंगू का मरीज नहीं मिला है। लोगों को बीमारी से बचाव के लिए संचारी अभियान के अंतर्गत जागरूक किया जा रहा है। जिले में पिछले साल मलेरिया के चार और डेंगू के 51 मरीज मिले थे।
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यूनिट शुरू करने की तैयारी जिला स्तर पर पूरी है। शासन से एक और मशीन आनी बाकी है। मशीन आने पर यूनिट को शुरू कराया जाएगा।
-डॉ एसके चौधरी, सीएमएस