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Baghpat News: हिंडन का जलस्तर बढ़ने से अस्थायी पुल बहा, खेतों में घुसा पानी
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पुरा गांव स्थित हिंडन नदी का बड़ा जलस्तर। संवाद
बालैनी/दोघट। हिंडन नदी का जलस्तर एक बार फिर से बढ़ गया है। जहां बामनौली में बना अस्थायी पुल बह गया है, वहीं पानी खेतों में घुसना शुरू हो गया है। जिससे हजारों बीघा फसल जलमग्न हो गई। इससे नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा बन गया है। इसके अलावा पुरा मंदिर के पिछले हिस्से तक फिर से पानी पहुंच गया।
पिछले महीने पहाड़ों पर भारी बारिश के बाद यमुना, हिंडन और कृष्णा नदी में बाढ़ आ गई थी। जिससे यमुना खादर, हिंडन और कृष्णा नदी किनारे हजारों बीघा जमीन में खड़ी फसल जलमग्न होकर बर्बाद हो गई। जिसके बाद कुछ दिन पहले जलस्तर सामान्य हुआ और लोग अपने खेतों में जाने लगे। बताया कि दो दिन से हिंडन नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इससे बामनौली गांव में हिंडन नदी पर इदरीशपुर मार्ग पर बनाया गया अस्थायी पुल बह गया है। इससे लोगों के खेतों में जाने का रास्ता बंद हो गया है।
वहीं चौगामा क्षेत्र के सरोरा, झूूंडपुर, मिलाना, हिम्मतपुर सूजती, गांगनौली, भगवानपुर नांगल, बामनौली में फसल जलमग्न हो गई। किसान सुरेंद्र, ओमपाल, विकास, धर्मेंद्र, विजय, हरपाल, जितेंद्र, कांवरपाल आदि ने बताया कि पिछले माह भी नदी का जल स्तर बढ़ने से हजारों बीघा सब्जी, चारे, गन्ने की फसल बर्बाद हो गई थी। जलस्तर घटने के बाद उन्होंने फिर से दूसरी फसल की बुवाई की, लेकिन फिर से फसल बर्बाद हो गई। उन्होंने मुआवजा दिलाने की मांग की। हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने पर बाढ़ राहत नियंत्रण विभाग की टीम अलर्ट हो गई।
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पुरा मंदिर के पिछले हिस्से तक पहुंचा पानी, खतरा बढ़ा
पिछले महीने हिंडन नदी के बाढ़ आने से डौलचा, मुकारी समेत कई गांवों के ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई थी। इसके अलावा पुरा मंदिर के पिछले हिस्से में पानी घुस गया था। जिससे पिछले हिस्से में बने शौचालयों की दीवारों में दरारें आ गई थी। उधर अब फिर से हिंडन नदी का पानी मंदिर के पिछले हिस्से तक पहुंच गया, जिससे खतरा बढ़ गया है। ग्रामीण कृष्णपाल, विनोद, सचिन, हरेंद्र, मोहित का कहना है कि पहले हुए नुकसान की भरपाई अभी तक नहीं हो पाई। अब फिर से नुकसान की भरपाई कैसे होगी।।
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पिछले महीने पहाड़ों पर भारी बारिश के बाद यमुना, हिंडन और कृष्णा नदी में बाढ़ आ गई थी। जिससे यमुना खादर, हिंडन और कृष्णा नदी किनारे हजारों बीघा जमीन में खड़ी फसल जलमग्न होकर बर्बाद हो गई। जिसके बाद कुछ दिन पहले जलस्तर सामान्य हुआ और लोग अपने खेतों में जाने लगे। बताया कि दो दिन से हिंडन नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इससे बामनौली गांव में हिंडन नदी पर इदरीशपुर मार्ग पर बनाया गया अस्थायी पुल बह गया है। इससे लोगों के खेतों में जाने का रास्ता बंद हो गया है।
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वहीं चौगामा क्षेत्र के सरोरा, झूूंडपुर, मिलाना, हिम्मतपुर सूजती, गांगनौली, भगवानपुर नांगल, बामनौली में फसल जलमग्न हो गई। किसान सुरेंद्र, ओमपाल, विकास, धर्मेंद्र, विजय, हरपाल, जितेंद्र, कांवरपाल आदि ने बताया कि पिछले माह भी नदी का जल स्तर बढ़ने से हजारों बीघा सब्जी, चारे, गन्ने की फसल बर्बाद हो गई थी। जलस्तर घटने के बाद उन्होंने फिर से दूसरी फसल की बुवाई की, लेकिन फिर से फसल बर्बाद हो गई। उन्होंने मुआवजा दिलाने की मांग की। हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने पर बाढ़ राहत नियंत्रण विभाग की टीम अलर्ट हो गई।
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पुरा मंदिर के पिछले हिस्से तक पहुंचा पानी, खतरा बढ़ा
पिछले महीने हिंडन नदी के बाढ़ आने से डौलचा, मुकारी समेत कई गांवों के ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई थी। इसके अलावा पुरा मंदिर के पिछले हिस्से में पानी घुस गया था। जिससे पिछले हिस्से में बने शौचालयों की दीवारों में दरारें आ गई थी। उधर अब फिर से हिंडन नदी का पानी मंदिर के पिछले हिस्से तक पहुंच गया, जिससे खतरा बढ़ गया है। ग्रामीण कृष्णपाल, विनोद, सचिन, हरेंद्र, मोहित का कहना है कि पहले हुए नुकसान की भरपाई अभी तक नहीं हो पाई। अब फिर से नुकसान की भरपाई कैसे होगी।।