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आए दिन मारपीट करने और रुपये छीनने की रंजिश में की गई थी सुरेश पाल की हत्या
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25-25 हजार के दो इनामी बदमाश गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
दोघट। दोघट के किसान सुरेश पाल उर्फ बोना की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया। 25-25 हजार रुपये के दो इनामी बदमाश पकड़े है। पुलिस के मुताबिक मृतक अपने साथियों के साथ मिलकर आए दिन आरोपियों से मारपीट करता था और रुपये भी छीने थे। इसी रंजिश में हत्या की गई थी।
एएसपी मनीष मिश्रा ने बताया कि दोघट निरपुडा मार्ग से पुलिस ने मुठभेड़ में इनामी गोविंद पंडित पुत्र राज सिंह पंडित उर्फ राजवीर और हरीश पुत्र चंदर को गिरफ्तार किया गया है। दो तमंचे और कारतूस बरामद किए गए। पुलिस पूछताछ में गोविंद ने पुलिस को बताया कि दो साल पहले उसने कैंटर गाड़ी खरीदी थी। इसे वह और उसका साथी हरीश खुद ही चलाते थे। गाड़ी खरीदने के बाद से ही सुरेशपाल उर्फ बोना और गांव का अमित और भोंदू उसके साथ मारपीट करते थे। खर्च के लिए रुपये मांगते थे। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से एक दिन पहले उसकी कैंटर गाड़ी चोरी हो गई थी। सुरेशपाल उर्फ बोना ने गाड़ी बरामद करा दी थी। चार सितंबर को गाड़ी लेकर शामली से लौट रहे थे। दोघट के पास अमित और सुरेशपाल उफ्र बोना मिले और चार-पांच हजार हजार रुपये ले लिए थे। इसी रंजिश में सुरेश पाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
दोघट। दोघट के किसान सुरेश पाल उर्फ बोना की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया। 25-25 हजार रुपये के दो इनामी बदमाश पकड़े है। पुलिस के मुताबिक मृतक अपने साथियों के साथ मिलकर आए दिन आरोपियों से मारपीट करता था और रुपये भी छीने थे। इसी रंजिश में हत्या की गई थी।
एएसपी मनीष मिश्रा ने बताया कि दोघट निरपुडा मार्ग से पुलिस ने मुठभेड़ में इनामी गोविंद पंडित पुत्र राज सिंह पंडित उर्फ राजवीर और हरीश पुत्र चंदर को गिरफ्तार किया गया है। दो तमंचे और कारतूस बरामद किए गए। पुलिस पूछताछ में गोविंद ने पुलिस को बताया कि दो साल पहले उसने कैंटर गाड़ी खरीदी थी। इसे वह और उसका साथी हरीश खुद ही चलाते थे। गाड़ी खरीदने के बाद से ही सुरेशपाल उर्फ बोना और गांव का अमित और भोंदू उसके साथ मारपीट करते थे। खर्च के लिए रुपये मांगते थे। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से एक दिन पहले उसकी कैंटर गाड़ी चोरी हो गई थी। सुरेशपाल उर्फ बोना ने गाड़ी बरामद करा दी थी। चार सितंबर को गाड़ी लेकर शामली से लौट रहे थे। दोघट के पास अमित और सुरेशपाल उफ्र बोना मिले और चार-पांच हजार हजार रुपये ले लिए थे। इसी रंजिश में सुरेश पाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
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