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33 लाख खर्च, शुरू नहीं हुआ ट्यूबवेल, 500 परिवार पेयजल संकट से जूझ रहे

Wed, 01 Dec 2021 11:12 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 01 Dec 2021 11:12 PM IST
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Stone pelting on two sides for breaking the ram of the field
बड़ौत की बाजार पुलिस चौकी में बनी टयूबवेल । - फोटो : BARAUT
2016 में गांधी चौक पर लगाया गया था ट्यूबवेल, कुछ दिन बाद फेल हो गया था बोरिंग
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2018 में बोर्ड बैठक में ट्यूबवेल को बाजार चौकी पर स्थापित करने का पास हुआ प्रस्ताव
16 लाख की जगह 22 लाख रुपये खर्च किए गए ट्यूबवेल को नई जगह स्थापित करने में
11 लाख विद्युत निगम को दिए जा चुके जनवरी में, कनेक्शन नहीं मिलने से शुरू नहीं हो सका
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। पांच साल पहले गांधी चौक पर लगाया गया ट्यूबवेल आज तक भी नहीं शुरू हो सका है। इन पांच सालों में यह तो जरूर हुआ है कि ट्यूबवेल को गांधी चौक से बाजार चौकी पर स्थापित करते पर 22 लाख रुपये खर्च कर दिए गए। विद्युत निगम भी करीब 11 लाख रुपये कनेक्शन के नाम पर जनवरी में ही जमा करा चुका है, लेकिन आज तक कनेक्शन नहीं दिया। यहीं वजह है ट्यूबवेल में करंट नहीं दौड़ पाया। इसकी वजह से वार्ड नंबर 25 के करीब 500 परिवार पेयजल संकट से जूझ रहे है। इसकी न तो नगरपालिका को चिंता और न ही प्रशासन को।
बड़ौत नगर के वार्ड नंबर 25 के निवासियों को पेयजल व्यवस्था मुहैया कराने के लिए वर्ष 2016 में गांधी चौक पर ट्यूबवेल लगाया गया था। कुछ दिन बाद ही इसका बोरिंग फेल हो गया था। दो साल बाद तक लोग पेयजल संकट से जूझते रहे। इस दौरान काफी हंगामा हुआ। हंगामा बढ़ता देख वर्ष 2018 में ट्यूबवेल को गांधी चौक के बजाए बाजार पुलिस चौकी पर स्थापित करने और लागत के रूप में ठेकेदार को लगभग 16 लाख रुपये देने जाने का प्रस्ताव बोर्ड बैठक मेें पास हुआ था। इस पर तुरंत अमल करते हुए पालिका की ओर से ट्यूबवेल पुलिस चौकी पर स्थापित कर दिया गया और लागत के रूप में ठेकेदार को 22 लाख रुपयों का भुगतान भी कर दिया गया। इसके अलावा ऊर्जा निगम को कनेक्शन के लिए तकरीबन 11 लाख रुपयों का भुगतान जनवरी 2021 में दिया जा चुका है। लेकिन विद्युत कनेक्शन नहीं मिलने से यह ट्यूबवेल चालू नहीं हुआ। नतीजन वार्ड नंबर 25 से जुड़ 500 परिवार के लोग आज भी पेयजल संकट से जूझ रहे है।
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वार्ड वासी बोले, नहीं हो रही कोई सुनवाई
डीजे कॉलेज के पूर्व प्रवक्ता राज गोपाल शर्मा और राम अवतार राही का कहना है कि पांच सालों से पेयजल संकट से जूझ रहे है। लेकिन बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अमित वशिष्ठ एडवोकेट व नरेश कुमार वर्मा का कहना है कि पेयजल व्यवस्था बिल्कुल धड़ाम है। सोच-समझकर पानी खर्च करना पड़ रहा है। मोहल्ले में एक टंकी लगी हुई है। इसमें सप्ताह में दो से तीन बार पानी आता है, उसे ही काम चलाना पड़ रहा है।
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वार्ड नंबर 25 के सभासद अनुज जैन ने नगरपालिका के अफसरों पर ठेकेदार से मिलीभगत का आरोप लगाया। सवाल उठाए कि जब ट्यूबवेल चालू ही नहीं हुई तो ठेकेदार को भुगतान क्यों कर दिया गया। उन्होंने बताया कि ट्यूबवेल की बिना चालू हुए ही गारंटी खत्म हो गई। छह माह की गारंटी ट्यूबवेल की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार को बोर्ड बैठक में 16 लाख का भुगतान देना पास हुए थे, लेकिन पास हुए प्रस्ताव से ज्यादा भुगतान किया गया है। इस संबंध में डीएम से भी शिकायत की थी।
बिजली कनेक्शन न होने के कारण ट्यूबवेल चालू नहीं हो सकी। ऊर्जा निगम को कनेक्शन के लिए तकरीबन 11 लाख रुपयों का भुगतान गत जनवरी माह में दिया जा चुका है। ठेकेदार को भुगतान हुआ है या नहीं? इसकी मुझे जानकारी नहीं है। - अनुज कौशिक, ईओ, नगरपालिका।

गांधी चौक पर जो ट्यूबवेल लगी थी, उसका बोरिंग फेल हो गया था। इस कारण ठेकेदार का भुगतान रोक दिया गया था, लेकिन बाजार पुलिस चौकी पर जो ट्यूबवेल लगी है, उसके लिए 22 लाख का भुगतान ठेकेदार को दिया जा चुका है। ट्यूबवेल को जल्द से जल्द चालू किए जाने का प्रयास किया जा रहा है। - जेई कामेंद्र, नगरपालिका।
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