{"_id":"63dffa1f64ac354ec03e8124","slug":"started-mushroom-farming-leaving-wages-became-a-millionaire-baghpat-news-c-14-1-106279-2023-02-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Baghpat News: मजदूरी छोड़ शुरू की मशरूम की खेती, बन गया लखपति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baghpat News: मजदूरी छोड़ शुरू की मशरूम की खेती, बन गया लखपति
Mon, 06 Feb 2023 12:19 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Mon, 06 Feb 2023 12:19 AM IST
विज्ञापन
अमीनगर सराय। जिले में परंपरागत खेती को छोड़कर किस तरह से नया किया जा सकता है, यह बसौद गांव के तासीम ने बखूबी करके दिखाया है। मजदूरी करने पर परिवार का गुजारा नहीं हुआ तो उसने मशरूम की खेती अपना ली। तीन बीघा जमीन ठेके पर लेकर खेती करने वाले तासीम ने एक सीजन में लाखों रुपये का मुनाफा कमाया।
तासीम ने बताया कि पांच साल पहले वह हरियाणा के एक मशरूम के फार्म में मजदूरी करता था। मजदूरी में परिवार का गुजारा नहीं होता था। जिसके बाद उसने मशरूम की खेती करने की तैयारी की। वह पिछले साल मजदूरी छोड़कर गांव आ गया। खुद की जमीन नहीं होने के कारण तीन बीघा जमीन ठेके पर लेकर बांस, फूस, बीज, खाद आदि की व्यवस्था कर चार फार्म बनाकर मशरूम की खेती शुरू की।
नवंबर से शुरू होने वाली मशरूम की फसल अप्रैल तक चलेगी। मशरूम की पैदावार शुरू होने के बाद रोजाना पैकिंग कर दिल्ली मंडी भेजी जा रही है। तासीम ने बताया कि सीजन अभी चल रहा है, लेकिन उसकी लागत से अधिक मुनाफा कमा चुका है। अभी तक वह दस लाख रुपये से अधिक मुनाफा हासिल कर चुका है।
विज्ञापन
-- -
एक सीजन में 16 लाख से अधिक रुपये का होगा मुनाफा
तासीम ने बताया कि एक फार्म से 55 से 60 क्विंटल मशरूम का उत्पादन होता है। उसके बाद 200 ग्राम के पैकेट तैयार कर दिल्ली मंडी में भेज दिया जाता है। पूरे सीजन में एक फार्म से करीब आठ लाख रुपये के हिसाब से 332 लाख रुपये की मशरूम का उत्पादन होता है। जिसकी लागत में 15 लाख रुपये खर्चा आता है। जिसमें किसान को 17 लाख रुपये का लाभ मिलेगा। इस बार करीब 20 फार्म लगाने हैं जिनकी लिए खेती को उपजाऊ और अन्य तैयारी अभी से शुरू कर दी है।
कोट...
परंपरागत खेती की जगह मशरूम, सब्जी व दाल समेत अन्य की खेती करके ज्यादा लाभ लिया जा सकता है। इस तरह की खेती करके कई किसान अच्छा फायदा ले रहे हैं। किसानों को कुछ नया करना चाहिए। - प्रशांत कुमार, उप निदेशक कृषि
विज्ञापन
तासीम ने बताया कि पांच साल पहले वह हरियाणा के एक मशरूम के फार्म में मजदूरी करता था। मजदूरी में परिवार का गुजारा नहीं होता था। जिसके बाद उसने मशरूम की खेती करने की तैयारी की। वह पिछले साल मजदूरी छोड़कर गांव आ गया। खुद की जमीन नहीं होने के कारण तीन बीघा जमीन ठेके पर लेकर बांस, फूस, बीज, खाद आदि की व्यवस्था कर चार फार्म बनाकर मशरूम की खेती शुरू की।
विज्ञापन
नवंबर से शुरू होने वाली मशरूम की फसल अप्रैल तक चलेगी। मशरूम की पैदावार शुरू होने के बाद रोजाना पैकिंग कर दिल्ली मंडी भेजी जा रही है। तासीम ने बताया कि सीजन अभी चल रहा है, लेकिन उसकी लागत से अधिक मुनाफा कमा चुका है। अभी तक वह दस लाख रुपये से अधिक मुनाफा हासिल कर चुका है।
विज्ञापन
एक सीजन में 16 लाख से अधिक रुपये का होगा मुनाफा
तासीम ने बताया कि एक फार्म से 55 से 60 क्विंटल मशरूम का उत्पादन होता है। उसके बाद 200 ग्राम के पैकेट तैयार कर दिल्ली मंडी में भेज दिया जाता है। पूरे सीजन में एक फार्म से करीब आठ लाख रुपये के हिसाब से 332 लाख रुपये की मशरूम का उत्पादन होता है। जिसकी लागत में 15 लाख रुपये खर्चा आता है। जिसमें किसान को 17 लाख रुपये का लाभ मिलेगा। इस बार करीब 20 फार्म लगाने हैं जिनकी लिए खेती को उपजाऊ और अन्य तैयारी अभी से शुरू कर दी है।
कोट...
परंपरागत खेती की जगह मशरूम, सब्जी व दाल समेत अन्य की खेती करके ज्यादा लाभ लिया जा सकता है। इस तरह की खेती करके कई किसान अच्छा फायदा ले रहे हैं। किसानों को कुछ नया करना चाहिए। - प्रशांत कुमार, उप निदेशक कृषि