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Baghpat News: सपा कार्यालय 23 साल कब्जा करके चला, अब आवंटन फर्जी तरीके से हुआ
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जिला पंचायत की खबर से संबंधित फोटो। जिला पंचायत स्थित सपा कार्यालय । संवाद
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- एडीएम से लेकर प्रमुख सचिव तक पत्र लिखने के बाद भी खाली नहीं कराया जा सका भवन
- अब बोर्ड बैठक में प्रस्ताव कराए बिना ही दस लाख रुपये की रसीद काटकर आवंटन कर दिया गया
- जिला योजना समिति की सदस्य के पति ने आरटीआई से जानकारी जुटाने के बाद शासन को भेजी शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। सपा का जिला कार्यालय 23 साल तक जिला पंचायत के भवन पर कब्जा करके चलाया गया और अब उसका आवंटन भी फर्जी तरीके से कर दिया गया। बोर्ड बैठक से प्रस्ताव तक नहीं कराया गया और भवन को जर्जर बताकर वर्ष 2025 तक के किराए की दस लाख रुपये की रसीद काट दी गई। जिला योजना समिति की सदस्य निगम शर्मा के पति विनोद शर्मा ने शासन को शिकायत भेजी है।
सपा का कार्यालय वर्ष 2003 से जिला पंचायत के भवन में चल रहा है। इसके लिए तब बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव रखा गया था। भवन को जर्जर बताते हुए 600 रुपये प्रति माह के किराए पर देने की बात कही गई मगर प्रस्ताव पर किसी के हस्ताक्षर नहीं है। इसके बावजूद कभी उस भवन का किराया जिला पंचायत में जमा नहीं कराया गया। वर्ष 2014 में तत्कालीन अपर मुख्य अधिकारी उज्ज्वल अम्बेश ने भवन पर अवैध कब्जा करने की बात कहते हुए उसे खाली करने के लिए नोटिस दिया गया।
एडीएम को पत्र भेजकर अवैध कब्जा करने के कारण कार्रवाई की मांग की गई। वहां से कार्रवाई नहीं होने पर प्रमुख सचिव पंचायतीराज को पत्र भेजकर स्थिति से अवगत कराया गया। तब भी भवन खाली नहीं कराया जा सका। सपा कार्यालय खाली कराने को लेकर चार साल पहले भी तत्कालीन अपर मुख्य अधिकारी नईम अख्तर ने नोटिस भेजा तो चार महीने पहले भी फाइल डीएम के पास भेजी गई।
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इस तरह मामला बढ़ने पर अब भवन आवंटन किए बिना ही अक्तूबर 2003 से सितंबर 2025 तक की 10,18,980 रुपये किराए की रशीद काट दी गई। यह 1245 वर्ग मीटर जमीन है और इसके लिए कोई जमानत राशि तक नहीं ली गई। इस तरह से सपा को लाभ पहुंचाने का पता चलने पर भाजपा की जिला योजना समिति की सदस्य निगम शर्मा के पति विनोद शर्मा ने आरटीआई से पूरी जानकारी लेकर कार्रवाई के लिए शासन को शिकायत की है।
-- जिला पंचायत से सपा कार्यालय के लिए भवन आवंटन का एक प्रस्ताव वर्ष 2003 में हुआ था। उसका किराया जमा नहीं हो रहा था जो दस लाख रुपये से ज्यादा जमा करा लिया गया है। भवन पर कब्जा बताकर नोटिस किस लिए दिए गए थे, इसको दिखवाया जाएगा। - जितेंद्र सिंह, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत
-- सपा के जिला कार्यालय के लिए भवन का आवंटन सही तरीके से हुआ है। फर्जीवाड़े के आरोप पूरी तरह से गलत है। हमारे पास किराए की रशीद भी मौजूद है जो पिछले दिनों ही जमा किया गया था। - रविंद्र यादव, जिलाध्यक्ष सपा
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- अब बोर्ड बैठक में प्रस्ताव कराए बिना ही दस लाख रुपये की रसीद काटकर आवंटन कर दिया गया
- जिला योजना समिति की सदस्य के पति ने आरटीआई से जानकारी जुटाने के बाद शासन को भेजी शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। सपा का जिला कार्यालय 23 साल तक जिला पंचायत के भवन पर कब्जा करके चलाया गया और अब उसका आवंटन भी फर्जी तरीके से कर दिया गया। बोर्ड बैठक से प्रस्ताव तक नहीं कराया गया और भवन को जर्जर बताकर वर्ष 2025 तक के किराए की दस लाख रुपये की रसीद काट दी गई। जिला योजना समिति की सदस्य निगम शर्मा के पति विनोद शर्मा ने शासन को शिकायत भेजी है।
सपा का कार्यालय वर्ष 2003 से जिला पंचायत के भवन में चल रहा है। इसके लिए तब बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव रखा गया था। भवन को जर्जर बताते हुए 600 रुपये प्रति माह के किराए पर देने की बात कही गई मगर प्रस्ताव पर किसी के हस्ताक्षर नहीं है। इसके बावजूद कभी उस भवन का किराया जिला पंचायत में जमा नहीं कराया गया। वर्ष 2014 में तत्कालीन अपर मुख्य अधिकारी उज्ज्वल अम्बेश ने भवन पर अवैध कब्जा करने की बात कहते हुए उसे खाली करने के लिए नोटिस दिया गया।
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एडीएम को पत्र भेजकर अवैध कब्जा करने के कारण कार्रवाई की मांग की गई। वहां से कार्रवाई नहीं होने पर प्रमुख सचिव पंचायतीराज को पत्र भेजकर स्थिति से अवगत कराया गया। तब भी भवन खाली नहीं कराया जा सका। सपा कार्यालय खाली कराने को लेकर चार साल पहले भी तत्कालीन अपर मुख्य अधिकारी नईम अख्तर ने नोटिस भेजा तो चार महीने पहले भी फाइल डीएम के पास भेजी गई।
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इस तरह मामला बढ़ने पर अब भवन आवंटन किए बिना ही अक्तूबर 2003 से सितंबर 2025 तक की 10,18,980 रुपये किराए की रशीद काट दी गई। यह 1245 वर्ग मीटर जमीन है और इसके लिए कोई जमानत राशि तक नहीं ली गई। इस तरह से सपा को लाभ पहुंचाने का पता चलने पर भाजपा की जिला योजना समिति की सदस्य निगम शर्मा के पति विनोद शर्मा ने आरटीआई से पूरी जानकारी लेकर कार्रवाई के लिए शासन को शिकायत की है।