दामाद की गला दबाकर हत्या: कत्ल को आत्महत्या दिखाने के लिए शव फांसी पर लटकाया, CCTV कैमरों ने उगला घटना का राज
सास और दो साले समेत सात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया, पुलिस मामले की जांच में जुटी है। सभी ने युवक की पत्नी सोनिया को डरा धमकाकर चुप कर दिया था।
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बागपत के बिनौली जिवाना गुलियान गांव के सोनू सैनी (35) की शनिवार रात ससुराल वालों ने घर से साथ ले जाकर गला दबाकर हत्या कर दी। उसको रात में वापस घर लाकर आत्महत्या दिखाने के लिए शव फांसी के फंदे पर लटका दिया और उसका रविवार सुबह अंतिम संस्कार भी करा दिया। इस मामले में उसके भाई मोनू ने रविवार शाम को सोनू की सास व साले समेत सात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया।
जिवाना गुलियान के सोनू सैनी गांव में मजदूरी करता था। उसकी 14 साल पहले मुज्जफरनगर के बरला बसेड़ा गांव की सोनिया के साथ शादी हुई थी। उसे तीन बच्चे संध्या, वंश और आर्यन हैं। उसके भाई मोनू ने बताया कि सोनू की सास सरोज आठ महीने से जिवाना गुलियान में उसके साथ रहती थी। मोनू के अनुसार रविवार सुबह उसके भाई सोनू का शव घर में रस्सी से बने फंदे से फांसी पर लटका मिला। सोनू की सास ने उसके आत्महत्या करने की बात कहते हुए रविवार सुबह ही उसका अंतिम संस्कार भी करा दिया।
इसके बाद मोनू ने रविवार शाम को बिनौली थाने में मुकदमा दर्ज कराया। उसके अनुसार उसे सोनू की पत्नी सोनिया ने बताया कि शनिवार की रात साढ़े आठ बजे सोनू का साला मोनू व आशीष, सास सरोज, पप्पू निवासी जाटन मोहल्ला बिजनौर, लोकेश निवासी जट मुझेड़ा मुजफ्फरनगर, बिजेंद्र व सुरेश निवासी बसेड़ा मुजफ्फरनगर सभी घर आए थे। वह सोनू को बुलाकर ले गए थे। वह रात में करीब 12 बजे उसको मारने के बाद घर लेकर आए और उसका शव फांसी के फंदे पर लटका दिया।
उन सभी ने सोनिया को डरा धमकाकर चुप कर दिया था। सोनिया को इस बारे में बताने पर उसे और बच्चों को मारने की धमकी दी गई। वह सोनू का फोन भी अपने साथ लेकर गए हैं। इस तरह मामला हत्या का होने पर सीओ श्रेष्ठा ठाकुर ने गांव में आकर घटना की जानकारी ली और मृतक की पत्नी के बयान दर्ज किए। सीओ ने बताया कि सभी आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्लॉट के विवाद में सोनू की हत्या की बात कही गई
मोनू ने बताया कि उसके भाई सोनू ने बिजनौर में कुछ महीने पहले एक प्लॉट लिया था। जिसे उसने अपनी सास सरोज के नाम कराया। उसकी सास उसके पास ही रहती थी और वह बीमार हो गई थी। उसके इलाज में सोनू ने लाखों रुपये खर्च किए। जिससे वह कर्ज में डूब गया। अब सोनू अपनी सास से प्लॉट बेचने की कह रहा था और वह प्लॉट बेचने का विरोध कर रही थी। इसलिए ही हत्या करने की बात कही जा रही है।
सीसीटीवी कैमरों ने उगला घटना का राज
सोनू के आत्महत्या करने की घटना पर परिवार वालों को विश्वास नहीं हुआ। उन्होंने उसका मोबाइल नंबर मिलाया जो स्विच ऑफ आया। उसका मोबाइल तलाश किया गया मगर वह नहीं मिला। शक होने पर उसके भाई परमानन्द और मोनू ने गांव में घरों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे चैक किए। उनमें सोनू को उसकी सास और कई लोग ई-रिक्शा में बैठाकर ले जाते और देर रात दो बाइक पर उसे घर लेकर आते दिख रहे हैं। इसके बाद ही सोनू की पत्नी सोनिया से पूरी जानकारी की गई और उसने पूरी घटना के बारे में बताया।