प्रधानाध्यापक के हत्यारोपी भाई-बहन को जेल भेजा
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प्रधानाध्यापक सतपाल के बेटे सोनू ने कोतवाली में 13 लोगों को नामजद कर 16 के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी रोहित और उसकी बहन पूजा को रविवार सुबह करीब 10 बजे उनके घर से ही गिरफ्तार कर लिया है। दोनों से लंबी पूछताछ की। सीओ कर्मवीर सिंह ने कहा पकड़े गए आरोपी रोहित और पूजा को कोर्ट में पेश कर दिया। वहां से उन्हें जेल भेजा। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है। जल्द ही गिरफ्तार कर जाएगा।
सतपाल पक्ष ने कई बार किया हम पर हमला
बागपत। आरोपी रोहित ने बताया चार साल पूर्व बाइक पर सवार उनके ताऊ राजकरण और रामकिशन को जान से मारने की नीयत से सतपाल पक्ष ने कार से टक्कर मारी थी। वे गंभीर घायल हो गए थे। इससे पहले आरोपियों ने उन पर फायरिंग की थी। वे बाल-बाल बचे थे। उसका कहना है कि उन्होंने न सतपाल की हत्या की है और न ही उनके बेटे सतीश की। उन्हें तो हर बार केस में झूठा फंसाया जाता है।
जेल जाने का नहीं पड़ रहा फर्क
बागपत। रोहित का कहना है कि उनके परिवार की उसके पैदा होने से पहले से सतपाल पक्ष से रंजिश चल रही है। सतपाल ने उनकी जमीन और नलकूप पर जबरदस्ती कब्जा कर लिया। उल्टा उनके खिलाफ ही झूठे केस दर्ज कराए जा रहे हैं। अब तो हम पूरी तरह से बर्बाद हो गए हैं। पिता और भाई करीब दो साल से जेल में बंद हैं। अब उन पर जेल जाने का कोई फर्क नहीं पड़ रहा है।
आरोपी के पिता और भाई पहले ही जेल में बंद
बागपत। आरोपी रोहित और उसकी बहन पूजा का कहना है कि उनके पिता आनंद और भाई मोहित पहले से ही मेरठ जेल में बंद हैं। उन पर सतपाल शर्मा के बेटे सतीश शर्मा की हत्या का आरोप है। इस मामले में उन्हें भी नामजद कराया था। पुलिस ने केस की निष्पक्ष जांच की थी। इससे वे जेल जाने से बच गए थे।
बोले आरोपी, वारदात के वक्त हम अस्पताल में थे
बागपत। आरोपी रोहित ने बताया वह पेट दर्द के कारण 21 अप्रैल से जिला अस्पताल में भर्ती था। उनकी बहन पूजा 22 तारीख की सुबह से उसके पास थी। उन्हें नहीं पता मास्टर सतपाल की हत्या किसने और क्यों की? उनका इससे कोई लेना देना नहीं है। उन्हें तो रंजिश में केस में फंसाया गया है।
मेरा भाई है समाचार पत्र का ब्यूरो चीफ
बागपत। आरोपी रोहित का कहना है कि उसका तहेरा भाई पंकज पाराशर नोएडा में एक समाचार पत्र का ब्यूरो चीफ है। उसका भी इस केस में नाम है। पंकज पाराशर तो गांव में बहुत कम आता-जाता है।