{"_id":"62ae19307d882701e552bf0d","slug":"shopkeeper-s-daughter-and-laborer-s-son-included-in-toppers-baghpat-news-mrt593436013","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुकानदार की बेटी और मजदूर का बेटा टॉपरों में शामिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुकानदार की बेटी और मजदूर का बेटा टॉपरों में शामिल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागपत/बड़ौत/रमाला/अमीनगर सराय। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के परीक्षा परिणाम में दुकानदार की बेटी ने टॉपर तो मजदूर के बेटे ने टॉपरों में शामिल होकर सभी को चौंकाया है। इनके पिता ने पढ़ाई में कभी कोई बाधा नहीं आने दी और इनका खूब साथ दिया। टॉपरों ने खुद भी एकाग्रता बनाकर पढ़ाई की और सोशल मीडिया से दूर रहे। जिला टॉपरों का सिविल सर्विस में जाने व शिक्षक बनने का सपना है और यही लक्ष्य लेकर वह आगे की पढ़ाई करेंगे।
जिस लक्ष्य के साथ पढ़ी, उसको पूरा किया : मानसी शर्मा
हाईस्कूल में 93.66 प्रतिशत अंक के साथ जिला टॉपर बनी हिसावदा गांव की मानसी शर्मा ने बताया कि 90 प्रतिशत से ज्यादा अंक लाने का लक्ष्य लेकर पढ़ाई की थी। वह अपने लक्ष्य को तय करने में कामयाब रही। सभी विषयों में पढ़ाई के लिए समय सारिणी बनाई थी और वह 13-14 घंटे प्रतिदिन पढ़ती थी। उसने गणित को कुछ ज्यादा समय दिया था। वह सोशल मीडिया से दूर रही और मोबाइल को केवल पढ़ाई के लिए इस्तेमाल किया। मानसी के पिता मुकेश शर्मा की अमीनगर सराय में स्पेयर पार्ट्स की दुकान है, तो मां गृहणी है। मानसी को पढ़ाई में पिता का पूरा साथ मिला तो शिक्षकों ने हर बाधा को दूर किया। मानसी का सपना सिविल सर्विस में जाना है।
--
भाई-बहन को मिला दूसरा और तीसरा स्थान
हाईस्कूल की टॉप टेन की सूची में श्रीराम शिक्षा मंदिर इंटर कॉलेज के डायरेक्टर उपेंद्र चौधरी के बेटे वीशू चौधरी ने 93.5 प्रतिशत के साथ दूसरा व बेटी खुशी चौधरी ने 92.5 प्रतिशत अंक के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया। दोनों ने इसका श्रेय अपने पिता उपेंद्र चौधरी को दिया कि वह पढ़ाई में हमेशा उसकी मदद करते थे और उसको अच्छे अंक लाने के लिए प्रेरित करते रहे। दोनों ने आठ से दस घंटे कड़ी मेहनत की। दोनों मोबाइल व सोशल मीडिया से दूर रहे और दोनों ने चिकित्सक बनने की इच्छा जताई।
विज्ञापन
मजदूर के बेटे ने भी टॉपर की सूची में बनाई जगह
बड़ौत के कमलानगर के रहने वाले छात्र रोहित ने 91.67 प्रतिशत अंक के साथ जिला टॉपर की सूची में सातवां स्थान प्राप्त किया। उसके पिता रवि मजदूरी करके परिवार का गुजारा करते हैं। रोहित का कहना है कि मजदूरी करने के बाद रात को जब पिता घर आते थे तो वह पढ़ाई करके आगे बढने के लिए प्रेरित करते थे। रोहित ने जिले में सातवां स्थान आने का श्रेय अपने पिता को दिया है।
सोशल मीडिया से दूर रहकर इंटरमीडिएट की जिला टॉपर बनी आकांक्षा
किशनपुर बराल के आदर्श शिक्षा मंदिर इंटर कालेज की छात्रा आकांक्षा शर्मा ने विज्ञान वर्ग में गणित विषय में 89.90 प्रतिशत अंक लेकर जिला टॉप किया है। आकांक्षा बताती है कि उसने केवल अपनी पढ़ाई पर ध्यान दिया और वह दिन में समय सारिणी बनाकर दस घंटे पढ़ी। वह कहती है कि भले कम घंटे पढ़ा जाए, लेकिन ध्यान लगाकर पढना जरूरी है। वह सोशल मीडिया से दूर रही और मोबाइल का केवल पढ़ाई के लिए इस्तेमाल किया। उसको शिक्षक पिता विनीत शर्मा का काफी सहयोग मिला। आकांक्षा का सपना शिक्षिका बनना है और उस लक्ष्य के साथ वह आगे पढ़ाई करेगी।
पिता ने मजदूरी करके बेटे को पढ़ाया, जिले में दूसरे स्थान पर रहा
गॉडविल इंटर कालेज किरठल में पढ़ने वाले अंकुश ने इंटरमीडिएट में विज्ञान वर्ग में गणित विषय से पढ़ाई करके 88.40 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। अंकुश ने बताया कि उसके पिता रामपाल मजदूरी करते हैं, लेकिन इसके बाद भी पिता ने उसकी पढ़ाई में कभी कोई परेशानी नहीं आने दी। हमेशा उसको पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया। अंकुश ने दिन में दस घंटे तक पढ़ाई की और वह सोशल मीडिया से दूर रहा। अब उसका लक्ष्य सिविल सेवा में जाकर आईपीएस बनना है और इस लक्ष्य के साथ ही वह पढ़ाई करेगा।
खुशी ने विषय के अनुसार समय देकर की पढ़ाई
पारस इंटर कालेज किशनपुर बराल की छात्रा खुशी ने इंटरमीडिएट में विज्ञान वर्ग में गणित विषय से पढ़ाई करके 87.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में तीसरा स्थान प्राप्त किया। खुशी ने बताया कि उसने विषय के अनुसार समय देकर पढ़ाई की। कठिन विषय को ज्यादा समय दिया तो अन्य विषयों को कम समय दिया। उसके पिता सोमेंद्र तोमर भी इसी इंटर कालेज में शिक्षक है तो घर में पढ़ाई में उनका सहयोग भी खूब मिला। खुशी ने बताया कि वह पढ़ाई में एकाग्रता के लिए मोबाइल व सोशल मीडिया से दूर रही। उसका सपा सिविल सर्विस में जाना है और उसके लिए ही वह आगे लक्ष्य तय करके पढ़ाई करती रहेगी।
हाईस्कूल में यूपी टॉपर रहने वाले अपने परीक्षा परिणाम से संतुष्ट नहीं
बड़ौत। हाईस्कूल में यूपी टॉपर रहने वाली रिया जैन इस बार मात्र 82.6 प्रतिशत अंक ही प्राप्त कर सकी। जबकि हाईस्कूल में यूपी में चौथा स्थान प्राप्त करने वाले छात्र उज्जवल तोमर भी इस बार 85.6 प्रतिशत अंक ही प्राप्त कर सके। दोनों अपने परीक्षा परिणाम से नाखुश दिखाई दिए। उन्होंने बातचीत में बताया कि जिन विषय में 90 अंकों से ज्यादा आने की उम्मीद थी, उनमें 70 से 75 अंक आए। उन्होंने दोबारा से कॉपी जांच कराए जाने की मांग की। संवाद
विज्ञापन
जिस लक्ष्य के साथ पढ़ी, उसको पूरा किया : मानसी शर्मा
हाईस्कूल में 93.66 प्रतिशत अंक के साथ जिला टॉपर बनी हिसावदा गांव की मानसी शर्मा ने बताया कि 90 प्रतिशत से ज्यादा अंक लाने का लक्ष्य लेकर पढ़ाई की थी। वह अपने लक्ष्य को तय करने में कामयाब रही। सभी विषयों में पढ़ाई के लिए समय सारिणी बनाई थी और वह 13-14 घंटे प्रतिदिन पढ़ती थी। उसने गणित को कुछ ज्यादा समय दिया था। वह सोशल मीडिया से दूर रही और मोबाइल को केवल पढ़ाई के लिए इस्तेमाल किया। मानसी के पिता मुकेश शर्मा की अमीनगर सराय में स्पेयर पार्ट्स की दुकान है, तो मां गृहणी है। मानसी को पढ़ाई में पिता का पूरा साथ मिला तो शिक्षकों ने हर बाधा को दूर किया। मानसी का सपना सिविल सर्विस में जाना है।
विज्ञापन
--
भाई-बहन को मिला दूसरा और तीसरा स्थान
हाईस्कूल की टॉप टेन की सूची में श्रीराम शिक्षा मंदिर इंटर कॉलेज के डायरेक्टर उपेंद्र चौधरी के बेटे वीशू चौधरी ने 93.5 प्रतिशत के साथ दूसरा व बेटी खुशी चौधरी ने 92.5 प्रतिशत अंक के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया। दोनों ने इसका श्रेय अपने पिता उपेंद्र चौधरी को दिया कि वह पढ़ाई में हमेशा उसकी मदद करते थे और उसको अच्छे अंक लाने के लिए प्रेरित करते रहे। दोनों ने आठ से दस घंटे कड़ी मेहनत की। दोनों मोबाइल व सोशल मीडिया से दूर रहे और दोनों ने चिकित्सक बनने की इच्छा जताई।
विज्ञापन
मजदूर के बेटे ने भी टॉपर की सूची में बनाई जगह
बड़ौत के कमलानगर के रहने वाले छात्र रोहित ने 91.67 प्रतिशत अंक के साथ जिला टॉपर की सूची में सातवां स्थान प्राप्त किया। उसके पिता रवि मजदूरी करके परिवार का गुजारा करते हैं। रोहित का कहना है कि मजदूरी करने के बाद रात को जब पिता घर आते थे तो वह पढ़ाई करके आगे बढने के लिए प्रेरित करते थे। रोहित ने जिले में सातवां स्थान आने का श्रेय अपने पिता को दिया है।
सोशल मीडिया से दूर रहकर इंटरमीडिएट की जिला टॉपर बनी आकांक्षा
किशनपुर बराल के आदर्श शिक्षा मंदिर इंटर कालेज की छात्रा आकांक्षा शर्मा ने विज्ञान वर्ग में गणित विषय में 89.90 प्रतिशत अंक लेकर जिला टॉप किया है। आकांक्षा बताती है कि उसने केवल अपनी पढ़ाई पर ध्यान दिया और वह दिन में समय सारिणी बनाकर दस घंटे पढ़ी। वह कहती है कि भले कम घंटे पढ़ा जाए, लेकिन ध्यान लगाकर पढना जरूरी है। वह सोशल मीडिया से दूर रही और मोबाइल का केवल पढ़ाई के लिए इस्तेमाल किया। उसको शिक्षक पिता विनीत शर्मा का काफी सहयोग मिला। आकांक्षा का सपना शिक्षिका बनना है और उस लक्ष्य के साथ वह आगे पढ़ाई करेगी।
पिता ने मजदूरी करके बेटे को पढ़ाया, जिले में दूसरे स्थान पर रहा
गॉडविल इंटर कालेज किरठल में पढ़ने वाले अंकुश ने इंटरमीडिएट में विज्ञान वर्ग में गणित विषय से पढ़ाई करके 88.40 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। अंकुश ने बताया कि उसके पिता रामपाल मजदूरी करते हैं, लेकिन इसके बाद भी पिता ने उसकी पढ़ाई में कभी कोई परेशानी नहीं आने दी। हमेशा उसको पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया। अंकुश ने दिन में दस घंटे तक पढ़ाई की और वह सोशल मीडिया से दूर रहा। अब उसका लक्ष्य सिविल सेवा में जाकर आईपीएस बनना है और इस लक्ष्य के साथ ही वह पढ़ाई करेगा।
खुशी ने विषय के अनुसार समय देकर की पढ़ाई
पारस इंटर कालेज किशनपुर बराल की छात्रा खुशी ने इंटरमीडिएट में विज्ञान वर्ग में गणित विषय से पढ़ाई करके 87.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में तीसरा स्थान प्राप्त किया। खुशी ने बताया कि उसने विषय के अनुसार समय देकर पढ़ाई की। कठिन विषय को ज्यादा समय दिया तो अन्य विषयों को कम समय दिया। उसके पिता सोमेंद्र तोमर भी इसी इंटर कालेज में शिक्षक है तो घर में पढ़ाई में उनका सहयोग भी खूब मिला। खुशी ने बताया कि वह पढ़ाई में एकाग्रता के लिए मोबाइल व सोशल मीडिया से दूर रही। उसका सपा सिविल सर्विस में जाना है और उसके लिए ही वह आगे लक्ष्य तय करके पढ़ाई करती रहेगी।
हाईस्कूल में यूपी टॉपर रहने वाले अपने परीक्षा परिणाम से संतुष्ट नहीं
बड़ौत। हाईस्कूल में यूपी टॉपर रहने वाली रिया जैन इस बार मात्र 82.6 प्रतिशत अंक ही प्राप्त कर सकी। जबकि हाईस्कूल में यूपी में चौथा स्थान प्राप्त करने वाले छात्र उज्जवल तोमर भी इस बार 85.6 प्रतिशत अंक ही प्राप्त कर सके। दोनों अपने परीक्षा परिणाम से नाखुश दिखाई दिए। उन्होंने बातचीत में बताया कि जिन विषय में 90 अंकों से ज्यादा आने की उम्मीद थी, उनमें 70 से 75 अंक आए। उन्होंने दोबारा से कॉपी जांच कराए जाने की मांग की। संवाद