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Baghpat News: लाक्षागृह टीले की सुरक्षा बढ़ाई, खुफिया विभाग ने शुरू की जांच
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बिनौली। दुल्हैंडी पर समुदाय विशेष के सात युवकों के बरनावा के महाभारतकालीन ऐतिहासिक लाक्षागृह के टीले पर रोजा इफ्तार करने पर प्रशाशन ने वहां सुरक्षा बढ़ा दी है। पुलिसकर्मी बेरिकेडिंग कर सभी आने-जाने वालों पर नजर रखे हुए हैं। खुफिया विभाग भी युवकों की कुंडली खंगालने में लगा है।
बरनावा में कृष्णा व हिंडन नदी के संगम पर स्थित महाभारतकालीन ऐतिहासिक टीले लाक्षागृह पर दुल्हैंडी पर समुदाय विशेष के सात युवकों ने रोजा इफ्तार कर दिया था। गुरुकुल लाक्षागृह समिति व हिंदू समाज के लोगों ने उनकी धार्मिक भावनाओं को आहत पहुंचाने और धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने की पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी को गिरफ्तार कर उनके मोबाइल और बाइक कब्जे में ले लिया। बाद में पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
विदित है की शेख बदरुउद्दीन की दरगाह व कब्रिस्तान बताने वाली मुस्लिम पक्ष की याचिका को कोर्ट ने 5 फरवरी को खारिज कर हिंदू पक्ष को मालिकाना हक दे दिया। सुरक्षा को लेकर लाक्षागृह के मुख्य द्वार से लेकर टीले, ऐतिहासिक गुफा, संस्कृत विद्यालय परिसर में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस फोर्स तैनात किया गया। मामले को लेकर अपर कोर्ट में हिंदू पक्ष ने केवियट डाली। मुस्लिम पक्ष ने भी कोर्ट के फैसले को चुनोती देकर अपील डाल रखी है। इस मामले में अब 29 मार्च को सुनवाई होगी।
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इंस्पेक्टर एमपी सिंह ने कहा कि जो भी असामाजिक तत्व सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ कठोर कानूनी करवाई की जाएगी।
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बरनावा में कृष्णा व हिंडन नदी के संगम पर स्थित महाभारतकालीन ऐतिहासिक टीले लाक्षागृह पर दुल्हैंडी पर समुदाय विशेष के सात युवकों ने रोजा इफ्तार कर दिया था। गुरुकुल लाक्षागृह समिति व हिंदू समाज के लोगों ने उनकी धार्मिक भावनाओं को आहत पहुंचाने और धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने की पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी को गिरफ्तार कर उनके मोबाइल और बाइक कब्जे में ले लिया। बाद में पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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विदित है की शेख बदरुउद्दीन की दरगाह व कब्रिस्तान बताने वाली मुस्लिम पक्ष की याचिका को कोर्ट ने 5 फरवरी को खारिज कर हिंदू पक्ष को मालिकाना हक दे दिया। सुरक्षा को लेकर लाक्षागृह के मुख्य द्वार से लेकर टीले, ऐतिहासिक गुफा, संस्कृत विद्यालय परिसर में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस फोर्स तैनात किया गया। मामले को लेकर अपर कोर्ट में हिंदू पक्ष ने केवियट डाली। मुस्लिम पक्ष ने भी कोर्ट के फैसले को चुनोती देकर अपील डाल रखी है। इस मामले में अब 29 मार्च को सुनवाई होगी।
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इंस्पेक्टर एमपी सिंह ने कहा कि जो भी असामाजिक तत्व सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ कठोर कानूनी करवाई की जाएगी।