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Baghpat News: निलंबन करने और वेतन रोकने के खिलाफ सचिवों ने आवाज की बुलंद
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बागपत। पिलाना ब्लॉक में बृहस्पतिवार को ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी संघ की बैठक हुई। इसमें उत्पीड़न, वेतन रोकने और निलंबन की कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया गया। संघ ने जल्द ही जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि न्याय नहीं मिलता है तो वे आंदोलन करेंगे।
ग्राम विकास अधिकारी संघ के अध्यक्ष अनिल मान ने कहा कि सचिवों का बिना कारण उत्पीड़न किया जा रहा है। यदि कोई सचिव विरोध करता है तो उनके खिलाफ निलंबन और वेतन रोकने की कार्रवाई की जाती है। इससे कई सचिवों की मानसिक हालत बिगड़ रही है। बैठक में 22 पंचायत सचिवों द्वारा अभिलेख और चार्ज नहीं देने के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश का भी विरोध किया गया।
सचिवों ने सात मुख्य मांगें उठाईं। इनमें उच्च अधिकारियों द्वारा आपातकालीन बैठक का विरोध करने, निलंबित सचिवों को बहाल करने और रुके हुए वेतन को जारी करने की मांग शामिल है। इसके अलावा सचिवों का उत्पीड़न रोकने सहित अन्य मांगों का समाधान करने की भी मांग की गई। ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के अध्यक्ष जोनी चौधरी ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने अधिकारियों के यहां काम कर रहे 40 सफाई कर्मियों को गांवों में भेजने की मांग की। इससे गांवों की सफाई व्यवस्था ठीक रखी जा सकेगी।
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जोनी चौधरी ने स्वच्छ भारत मिशन की फाइल पास करने में हो रहे भ्रष्टाचार को बंद करने की भी मांग की। जिला समन्वय समिति के अध्यक्ष संदीप कुमार ने तबादला नीति पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तबादला नीति सभी के लिए बराबर होनी चाहिए। जो लिपिक 10 से 15 साल से एक ही पटल या ब्लॉक में तैनात हैं, उनका भी तबादला किया जाए। इस दौरान शान मोहम्मद, नितिन शर्मा, नीता, कृष्णपाल तोमर और तेजेंद्र कुमार जैसे सदस्य मौजूद रहे।
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ग्राम विकास अधिकारी संघ के अध्यक्ष अनिल मान ने कहा कि सचिवों का बिना कारण उत्पीड़न किया जा रहा है। यदि कोई सचिव विरोध करता है तो उनके खिलाफ निलंबन और वेतन रोकने की कार्रवाई की जाती है। इससे कई सचिवों की मानसिक हालत बिगड़ रही है। बैठक में 22 पंचायत सचिवों द्वारा अभिलेख और चार्ज नहीं देने के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश का भी विरोध किया गया।
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सचिवों ने सात मुख्य मांगें उठाईं। इनमें उच्च अधिकारियों द्वारा आपातकालीन बैठक का विरोध करने, निलंबित सचिवों को बहाल करने और रुके हुए वेतन को जारी करने की मांग शामिल है। इसके अलावा सचिवों का उत्पीड़न रोकने सहित अन्य मांगों का समाधान करने की भी मांग की गई। ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के अध्यक्ष जोनी चौधरी ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने अधिकारियों के यहां काम कर रहे 40 सफाई कर्मियों को गांवों में भेजने की मांग की। इससे गांवों की सफाई व्यवस्था ठीक रखी जा सकेगी।
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जोनी चौधरी ने स्वच्छ भारत मिशन की फाइल पास करने में हो रहे भ्रष्टाचार को बंद करने की भी मांग की। जिला समन्वय समिति के अध्यक्ष संदीप कुमार ने तबादला नीति पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तबादला नीति सभी के लिए बराबर होनी चाहिए। जो लिपिक 10 से 15 साल से एक ही पटल या ब्लॉक में तैनात हैं, उनका भी तबादला किया जाए। इस दौरान शान मोहम्मद, नितिन शर्मा, नीता, कृष्णपाल तोमर और तेजेंद्र कुमार जैसे सदस्य मौजूद रहे।