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संजीव खोखर ने हर कदम पर रची साजिश, मौके पर पहुंचा और रिपोर्ट दर्ज कराई
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अंतिम संस्कार से तेरहवीं तक पीड़ितों के साथ रहा हत्यारोपी
बागपत। संजय खोखर की हत्या की साजिश रचने का आरोपी संजीव खोखर वारदात के बाद मौके पर पहुंचा। पीड़ित परिवार को हिम्मत बंधाई। वारदात को साल 2018 की रंजिश से जोड़ने का काम भी आरोपी ने किया। अंतिम संस्कार से लेकर तेरहवीं तक वह परिवार का हितैषी बनाकर साथ रहा और हर घटनाक्रम पर नजर रखी।
मिलनसार स्वभाव के संजय खोखर के घर पर कुछ दिनों से संजीव खोखर की आवाजाही बढ़ गई थी। खेत और घर के पड़ोसी होने के नाते किसी को शक नहीं हुआ। संजीव आए दिन खाना भी संजय खोखर के घर पर ही खा रहा था। हैरान कर देने वाली बात यह है कि वह घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचने वाले लोगों में शामिल रहा। संजय खोखर के बेटों की मदद करने का ढोंग किया। संजीव खोखर ने भी पुलिस के सामने कहा था कि साल 2018 की रंजिश की वजह से हत्या हुई है। लेकिन पुलिस की जांच में वह पकड़ा गया।
नाम का फायदा उठाने की कोशिश
अभियुक्त संजीव खोखर ने पुलिस पूछताछ में भी नाम का फायदा उठाने की कोशिश की। अपने नाम के दूसरे लोगों के नाम गिनाने शुरू कर दिए। संजय खोखर के नजदीकियों के नाम भी बताए। लेकिन पुलिस जांच में झूठ पकड़ा गया।
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बागपत। संजय खोखर की हत्या की साजिश रचने का आरोपी संजीव खोखर वारदात के बाद मौके पर पहुंचा। पीड़ित परिवार को हिम्मत बंधाई। वारदात को साल 2018 की रंजिश से जोड़ने का काम भी आरोपी ने किया। अंतिम संस्कार से लेकर तेरहवीं तक वह परिवार का हितैषी बनाकर साथ रहा और हर घटनाक्रम पर नजर रखी।
मिलनसार स्वभाव के संजय खोखर के घर पर कुछ दिनों से संजीव खोखर की आवाजाही बढ़ गई थी। खेत और घर के पड़ोसी होने के नाते किसी को शक नहीं हुआ। संजीव आए दिन खाना भी संजय खोखर के घर पर ही खा रहा था। हैरान कर देने वाली बात यह है कि वह घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचने वाले लोगों में शामिल रहा। संजय खोखर के बेटों की मदद करने का ढोंग किया। संजीव खोखर ने भी पुलिस के सामने कहा था कि साल 2018 की रंजिश की वजह से हत्या हुई है। लेकिन पुलिस की जांच में वह पकड़ा गया।
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नाम का फायदा उठाने की कोशिश
अभियुक्त संजीव खोखर ने पुलिस पूछताछ में भी नाम का फायदा उठाने की कोशिश की। अपने नाम के दूसरे लोगों के नाम गिनाने शुरू कर दिए। संजय खोखर के नजदीकियों के नाम भी बताए। लेकिन पुलिस जांच में झूठ पकड़ा गया।
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