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Baghpat News: रालोद की भाजपा के साथ से पहले भी लगी नैया पार

Wed, 06 Mar 2024 01:50 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 06 Mar 2024 01:50 AM IST
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RLD's alliance with BJP had already crossed its path.
अंकित चौहान
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बागपत। रालोद का भाजपा से गठबंधन होने के बाद बागपत व बिजनौर सीट पर प्रत्याशी भी उतार दिए गए हैं। दोनों लोकसभा सीटों पर रालोद के लिए अभी तक के सभी समीकरण सटीक बैठ रहे हैं क्योंकि रालोद का जब भी भाजपा के साथ गठबंधन हुआ है तो उसकी नैया पार जरूर लगी है। इस बार भी यही माना जा रहा है कि रालोद का लोकसभा का दस साल का सूखा जरूर खत्म होगा।
वर्ष 2009 में लोकसभा चुनाव के लिए रालोद का भाजपा के साथ गठबंधन हुआ था। तब रालोद को सात सीटें मिली थी और पांच सीटों पर उनके प्रत्याशी जीतकर सांसद बने थे। रालोद के मुखिया रहे चौधरी अजित सिंह को बागपत, चौधरी जयंत सिंह को मथुरा और संजय चौहान को बिजनौर, देवेंद्र नागपाल को अमरोहा और सारिका बघेल को हाथरस से जीत मिली थी। इसके बाद रालोद का वर्ष 2014 के चुनाव में कांग्रेस से गठबंधन हुआ। इसमें चौधरी अजित सिंह, चौधरी जयंत सिंह, जयाप्रदा, अमर सिंह बड़े चेहरों समेत सभी आठ प्रत्याशी चुनाव हार गए थे।
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वर्ष 2019 का चुनाव भी रालोद के लिए ठीक नहीं रहा और अजित सिंह व जयंत सिंह दोनों को सपा व बसपा के साथ गठबंधन में रहने के बाद भी चुनाव में हार झेलनी पड़ी थी। इस तरह यह माना जा रहा है कि भाजपा के साथ गठबंधन से रालोद की नैया पार लग जाती है और इस बार भी समीकरण रालोद के लिए बागपत व बिजनौर दोनों सीटों पर बेहतर दिख रहे हैं।
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विधानसभा चुनाव में भी भाजपा के साथ से मिली 14 सीट
रालोद ने 2002 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ गठबंधन में प्रत्याशी उतारे थे। इसमें 14 सीटों पर रालोद को जीत मिली थी और बागपत की सभी सीटों पर रालोद के प्रत्याशी जीत गए थे। इस तरह विधानसभा चुनाव में भी रालोद को भाजपा के साथ से काफी सीटों पर जीत मिली थी।

भाजपा को हारी सीटों पर रालोद से बड़ी उम्मीद
भाजपा को वर्ष 2019 के चुनाव में मोदी की आंधी में भी वेस्ट यूपी की सहारनपुर, बिजनौर, अमरोहा, नगीना, मुरादाबाद, संभल व रामपुर सीट पर कामयाबी नहीं मिल सकी थी। अब रालोद से गठबंधन होने पर उसके वोट बैंक से भाजपा को बड़ी उम्मीद है। रालोद का वोट अगर भाजपा प्रत्याशी को मिलता है तो पार्टी की जीत का आंकड़ा पिछली बार से ज्यादा हो सकता है।
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