UP: बागपत में बोले जयंत चौधरी- इंडिया गठबंधन में जल्द होगा सीटो का बंटवारा
राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी आज बागपत में जनता की नब्ज भांपेंगे। यहां से समरसता अभियान शुरू कर वह आठ गांव में रालोद की नीतियों का प्रचार करेंगे और लोगों से बातचीत करेंगे।
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अपने दादा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती के अगले ही दिन रविवार को रालोद अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह बागपत के आठ गांवों में लोगों की नब्ज टटोलने पहुंचे हैं। वह अहैड़ा गांव से समरसता अभियान की शुरुआत की और साढ़े चार बजे तक गांवों में जाएंगे।
इस दौरान उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि सदन में तो मौका नहीं मिला, हमने रणनीति बनाई है। बसपा के साथ आने की बात पर उन्होंने कहा कि बसपा से हमारी कोई बात नहीं चल रही है। मीडिया खबरें चला रहा है लेकिन उनसे भी पूछ लीजिए कि वह आना चाहती है कि नहीं, वह पहले दिन से कह रही हैं कि वह इंडिया में नहीं आना चाहती हैं।
इंडिया गठबंधन में जल्द होगा सीटो का बंटवारा। अभी किसी ने कोई दावा नहीं किया। रालोद के 12 सीटो पर दावा करने की चर्चा चलती है, अब देखते हैं कि क्या होता है। इंडिया गठबंधन में मायावती को लेकर नहीं चर्चा इंडिया से नहीं बीएसपी से पूछे मंशा पूछनी चाहिए बीएसपी इंडिया गठबंधन में नहीं आना चाहती।
मिमिक्री विवाद को व्यंग बताते हुए कहा कि उपराष्ट्रीपाति अपनी ताकत भूल गए हैं। आज देश में एक शक्तिशाली सरकार है। रातों रात फैसले लिए जाते हैं। फिर उन फैसलों को बेच दिया जाता है। कहा जाता है कि देशहित में फैसले लिए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री जो कहेंगे वहीं माना जाएगा।
भारतीय कुश्ती संघ को निलंबित किए जाने पर कहा कि दबाव में आकर ही सरकार फ़ैंसले वापस लेती है। खिलाड़ियों ने पद्मश्री वापस किए तो तब करवाई की गई।
रालोद अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह रविवार दोपहर सबसे पहले अहैड़ा गांव में पहुंचे। वहां लोगों को संबोधित करने के बाद बड़ौत विधानसभा के बाघू गांव मेंजाएंगे। उसके बाद ब्राह्मणपुट्ठी गांव में जाएंगे। इसके बाद दोपहर एक बजे गाधी, दोपहर दो बजे बिचपड़ी, दोपहर तीन बजे बुढ़ेडा, शाम चार बजे दोझा और साढ़े चार बजे धनौरा सिलवरनगर गांव में जाएंगे।
वहां लोगों की नब्ज टटोलने के साथ ही रालोद की नीतियों के बारे में बताया जाएगा। रालोद के प्रदेश महासचिव सुभाष गुर्जर प्रमुख ने बताया कि रालोद भाईचारे का संदेश लेकर गांव में जा रही है। जिससे गांवों में समरसता की भावना पैदा हो सके। कार्यक्रम की तैयारियां सभी गांवों में पूरी हो चुकी है।