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ट्रांसफार्मरों की मरम्मत में खेल
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
Updated Tue, 13 Sep 2016 02:22 AM IST
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बड़ौत में बिजली विभाग की वर्कशाप में रखे हुए फुंके ट्रांसफार्मर।
- फोटो : अमर उजाला
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बड़ौत। ऊर्जा निगम के अफसरों की अनदेखी के चलते दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित ट्रांसफार्मर वर्कशाप पर प्रतिदिन 110 से अधिक फूंके हुए ऐसा ट्रांसफार्मर जमा हो रहे हैं, जिनमें या तो तेल की कमी है या फिर उनमें तेल नहीं डाला गया।
ट्रांसफार्मर फूंकने से जहां ग्रामीणों को विद्युत संकट से जूझना पड़ रहा है, वहीं विभाग को उक्त ठेकेदार लाखों रुपये का चूना लग रहा है। उधर, लौहड्डा समेत कई गांव के ग्रामीणों ने कोताना रोड पर स्थित एक्सईएन प्रथम और एक्सईएन द्वितीय कार्यालय में पहुंचकर संबंधित ठेकेदार का टेंडर निरस्त कर प्रत्येक ट्रांसफार्मर की जांच कराने की मांग की।
ग्रामीणों ने बताया छछरपुर, सूप, हिलवाडी, मुकंदपुर, बिराल, सिरसली, बरनावा, लुहारी, गुराना, बिनौली सहित सैकड़ों गांवों मेें रखे 250, 100, 63 और 25 केवीए के हजारों ट्रांसफार्मरों में पिछले कई साल से खानापूर्ति के लिए भी ट्रांसफार्मरों में तेल नहीं डाला गया। इस कारण प्रतिदिन करीबन 110 ट्रांसफार्मर वर्कशाप पर जमा हो रहे हैं।
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आरोप लगाया संबंधित ठेकेदार कागजों में ही ट्रांसफार्मरों को रिपेयर कर रहा है। उधर, सोमवार को लौहड्डा, वाजिदपुर, माखर, बिजरौल, ढिकाना, बड़ौत, बड़ौली आदि गांवों के ग्रामीणों ने एक्सईएन प्रथम अजय कुमार और एक्सईएन द्वितीय में तैनात एसडीओ राहुल गौतम से मिलकर संबंधित ठेकेदार का टेंडर निरस्त कर हर ट्रांसफार्मर की जांच कराने की मांग की।
एक्सईएन अजय कुमार ने कहा ट्रांसफार्मर उस समय फूंकता है, जब उसमें तेल की कमी होती है, इस प्रकार की शिकायतें भी अधिक आ रही है, जल्द ही ट्रांसफार्मरों की जांच कराई जाएगी। जेई जितेंद्र तोमर ने कहा कि पिछले कई साल से सूप, जिवाना, जिवानी, किशनपुर, बिराल, मुकंदपुर आदि गांवों मेेें रखे ट्रांसफार्मरों में तेल नहीं डाला गया।
तीन माह पहले संबंधित ठेकेदार का सिर्फ तेल डलवाने के लिए फोन आया था, इसके बाद न तो ट्रांसफार्मरों में तेल डाला है और न ही फोन आया। शिकायत करने वालों में बिजेंद्र, हरेंद्र, देवेंद्र, सुधीर, राजपाल, धर्मेंद्र, अनिल कुमार, प्रवीण, रविंद्र, पंकज आदि रहे।
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ट्रांसफार्मर फूंकने से जहां ग्रामीणों को विद्युत संकट से जूझना पड़ रहा है, वहीं विभाग को उक्त ठेकेदार लाखों रुपये का चूना लग रहा है। उधर, लौहड्डा समेत कई गांव के ग्रामीणों ने कोताना रोड पर स्थित एक्सईएन प्रथम और एक्सईएन द्वितीय कार्यालय में पहुंचकर संबंधित ठेकेदार का टेंडर निरस्त कर प्रत्येक ट्रांसफार्मर की जांच कराने की मांग की।
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ग्रामीणों ने बताया छछरपुर, सूप, हिलवाडी, मुकंदपुर, बिराल, सिरसली, बरनावा, लुहारी, गुराना, बिनौली सहित सैकड़ों गांवों मेें रखे 250, 100, 63 और 25 केवीए के हजारों ट्रांसफार्मरों में पिछले कई साल से खानापूर्ति के लिए भी ट्रांसफार्मरों में तेल नहीं डाला गया। इस कारण प्रतिदिन करीबन 110 ट्रांसफार्मर वर्कशाप पर जमा हो रहे हैं।
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आरोप लगाया संबंधित ठेकेदार कागजों में ही ट्रांसफार्मरों को रिपेयर कर रहा है। उधर, सोमवार को लौहड्डा, वाजिदपुर, माखर, बिजरौल, ढिकाना, बड़ौत, बड़ौली आदि गांवों के ग्रामीणों ने एक्सईएन प्रथम अजय कुमार और एक्सईएन द्वितीय में तैनात एसडीओ राहुल गौतम से मिलकर संबंधित ठेकेदार का टेंडर निरस्त कर हर ट्रांसफार्मर की जांच कराने की मांग की।
एक्सईएन अजय कुमार ने कहा ट्रांसफार्मर उस समय फूंकता है, जब उसमें तेल की कमी होती है, इस प्रकार की शिकायतें भी अधिक आ रही है, जल्द ही ट्रांसफार्मरों की जांच कराई जाएगी। जेई जितेंद्र तोमर ने कहा कि पिछले कई साल से सूप, जिवाना, जिवानी, किशनपुर, बिराल, मुकंदपुर आदि गांवों मेेें रखे ट्रांसफार्मरों में तेल नहीं डाला गया।
तीन माह पहले संबंधित ठेकेदार का सिर्फ तेल डलवाने के लिए फोन आया था, इसके बाद न तो ट्रांसफार्मरों में तेल डाला है और न ही फोन आया। शिकायत करने वालों में बिजेंद्र, हरेंद्र, देवेंद्र, सुधीर, राजपाल, धर्मेंद्र, अनिल कुमार, प्रवीण, रविंद्र, पंकज आदि रहे।