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जांच में नकली निकले रेमडेसिविर इंजेक्शन

Fri, 28 May 2021 12:28 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 28 May 2021 12:28 AM IST
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Remedesivir injection turned out to be fake during investigation
- 19 मई की रात में पुलिस ने पिता-पुत्रों समेत तीन को किया था गिरफ्तार
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- 60 इंजेक्शन हुए थे बरामद, मुख्य आरोपी अभी तक फरार
बागपत। 19 मई को क्राइम ब्रांच और एफडीए की संयुक्त टीम द्वारा गिरफ्तार किए गए पिता-पुत्र समेत तीन लोगों से बरामद हुए 60 रेमडेसिविर इंजेक्शन जांच में नकली पाए गए हैं। अब एफडीए आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर करने की तैयारियों में जुट गया है। जबकि मुख्य आरोपी अभी भी फरार हैं। जिनके पास अभी भी कई नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन होने की आशंका है। माना जा रहा है कि इन आरोपियों ने नकली इंजेक्शन से न जाने कितने लोगों की जान से खिलवाड़ किया है।
राष्ट्र वंदना चौक पर 19 मई की देर रात चेकिंग के दौरान बड़ौत की तरफ से आ रही एक्सयूवी 500 गाड़ी से 60 रेमडेसिविर इंजेक्शन बरामद हुए थे। गाड़ी में मुजफ्फरनगर के गांधी कॉलोनी निवासी कपड़ा व्यापारी मनमोहन साहनी और उसका पुत्र मुकुल साहनी सवार थे। गाड़ी चंपावत (उत्तराखंड) निवासी बिशन पुत्र लक्ष्मण सिंह चला रहा था। वह हाल में सेलमपुर चौक रानीपुर हरिद्वार में रह रहा था। बिशन ने बताया कि मनमोहन साहनी के बड़े पुत्र विशाल से उसकी मुलाकात हुई थी। विशाल के माध्यम से 92 इंजेक्शन पंजाब के जिरकपुर स्थित वेदांग फार्मा कंपनी से किसी सुखपाल चौहान से खरीदे थे। 32 इंजेक्शन इन लोगों ने खपा दिए हैं। 54 सौ एमआरपी का एक इंजेक्शन करीब 9 हजार में खरीदकर 25 से 30 हजार तक में बेचते थे। विशाल और सुखपाल अभी भी पुलिस के हाथ नहीं आए हैं।
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नकली होने का पहले ही था शक
- ड्रग इंस्पेक्टर वैभव बब्बर का कहना है कि प्रथम दृष्टया इंजेक्शन नकली लग रहे थे। इंजेक्शनों का सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजा गया था। बृहस्पतिवार को वहां से रिपोर्ट आई। जिसमें पता चला कि इंजेक्शन नकली हैं। आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में वाद दायर किया जाएगा।
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अंतिम सांसे गिन रहे लोगों को लगे नकली इंजेक्शन
- पैसे कमाने के लालच में आरोपियों ने अंतिम सांस गिन रहे मरीजों को भी नहीं छोड़ा। उन्हें भी कई गुना कीमत लेकर नकली इंजेक्शन थमा दिए। जाहिर है कि नकली इंजेक्शन लगने से ऐसे मरीजों की जान नहीं बची होगी। पुलिस के मुताबिक फरार विशाल और सुखपाल पर बड़ी संख्या में नकली इंजेक्शन हो सकते हैं। जो बेहद ही खतरनाक बात है। एसपी अभिषेक सिंह का कहना है कि विशाल और सुखपाल को तलाश किया जा रहा है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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