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50 किमी पैदल चलकर रोमानिया पहुंचे, अब वतन लौटने पर मिला सुकून
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अपने माता पिता के साथ असारा निवासी समद
- फोटो : BAGHPAT
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- असारा गांव के दो छात्र पैदल ही पहाड़ों और जंगल के रास्ते पहुंच गए थे रोमानिया, वहां से भारत लौटे
- बागपत की रहने वाली छात्रा भी हंगरी में पहुंची, भारत जल्द आने की उम्मीद तो अन्य कई अभी यूक्रेन में फंसे
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत/रमाला/अग्रवाल मंडी टटीरी। यूक्रेन में फंसे बागपत के दो छात्र हिम्मत दिखाते हुए 50 किलोमीटर पैदल चलकर रोमानिया पहुंच गए। भूख प्यास के साथ ठंड में हालत भी खराब हो गई। मगर, अब दोनों छात्र अपने देश पहुंच गए तो बड़ा सुकून मिला है। बागपत की रहने वाली छात्रा भी हंगरी पहुंच गई है, जिससे परिजनों की चिंता कुछ कम हुई है।
असारा गांव के रहने वाले गयूर का बेटा आमिर व तहसीन का बेटा समद भी यूक्रेन के इवानो की नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस कर रहे है। दोनों मंगलवार दोपहर को रोमानिया से होते हुए वापस अपने देश लौटे है। आमिर ने बताया कि युद्ध शुरू होने पर हालात खराब हुए तो वे किसी तरह अपने देश लौटने का प्रयास करने लगे। कोई व्यवस्था नहीं हुई तो वह पहाड़ी और जंगल के रास्ते से करीब 50 किलोमीटर पैदल चलकर रोमानिया बॉर्डर पर पहुंचे, लेकिन उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। माइनस पांच डिग्री सेल्सियस तापमान में पूरा दिन में भूखे-प्यासे बार्डर पर ही खड़ा रहना पड़ा। सोमवार को वह रोमानिया एयरपोर्ट पर पहुंचे, जहां से अपने देश लौटे है। आमिर कहते है कि यूक्रेन में रहते हुए दहशत के बीच रहने को मजबूर थे, लेकिन अब अपने देश लौटने पर काफी सुकून मिला है।
आमिर से मिलकर परिजनों के झलके आंसू
मास्टर गयूर ने बताया कि सोमवार रात में आमिर का फोन आया था कि वह मंगलवार को भारत पहुंच जाएंगे। वह परिवार के साथ सुबह तीन बजे दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। दिल्ली में आमिर की फ्लाइट दोपहर को पहुंची तो बेटे से मिलकर सभी के आंसू छलक पड़े।
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अनुष्का हंगरी पहुंची, पिता ने चढ़ाया पुरा में प्रसाद
बागपत में मेरठ रोड पर रहने वाले ओमबीर ढाका की बेटी अनुष्का ढाका भी अब हंगरी पहुंच गई है। वह करीब 24 घंटे तक हंगरी बॉर्डर पर रही। इसके बाद ही उसे अंदर जाने दिया गया। इससे अब परिवार की चिंता भी काफी कम हुई है। पिता ओमबीर ने बेटी की सकुशल वापसी के लिए पुरा महादेव में पहुंचकर प्रसाद चढ़ाया। ओमबीर ने बताया कि अब बेटी सुरक्षित है और उसके जल्द ही घर लौटने की उम्मीद है। अग्रवाल मंडी टटीरी के रहने वाले अटल वर्मा के परिवार का बेटे सागर वर्मा से संपर्क नहीं हो सका है। इससे परिजन काफी चिंतित है।
घर लौटी बेटी तो गले से लिपटकर रोई मां
बड़ौत। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर तहसील के सामने रहने वाले अमरीश तोमर की बेेटी साक्षी तोमर इस साल यूक्रेन मेें एमबीबीएस की पढ़ाई करने गई थी। साक्षी का यह पहला साल है। रूस के हमले के बाद साक्षी भी यूक्रेन में फंस गई थी। सोमवार की दोपहर साक्षी ने पिता अमरीश और मां संगीता से वीडियो कॉल कर बताया था कि यूक्रेन में सैनिक मारपीट कर रहे है। वीडियो बनाने पर मोबाइल भी तोड़ रहे है। इसके बाद परिजनों को साक्षी की चिंता हो गई थी। मंगलवार की देर शाम साक्षी सकुशल घर पहुंची गई। मां संगीता ने बेटी को गले से लगा लिया। दोनों के आंसू भी छलक पड़े। बेटी के सकुशल लौटने पर पूरा परिवार खुश है।
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- बागपत की रहने वाली छात्रा भी हंगरी में पहुंची, भारत जल्द आने की उम्मीद तो अन्य कई अभी यूक्रेन में फंसे
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत/रमाला/अग्रवाल मंडी टटीरी। यूक्रेन में फंसे बागपत के दो छात्र हिम्मत दिखाते हुए 50 किलोमीटर पैदल चलकर रोमानिया पहुंच गए। भूख प्यास के साथ ठंड में हालत भी खराब हो गई। मगर, अब दोनों छात्र अपने देश पहुंच गए तो बड़ा सुकून मिला है। बागपत की रहने वाली छात्रा भी हंगरी पहुंच गई है, जिससे परिजनों की चिंता कुछ कम हुई है।
असारा गांव के रहने वाले गयूर का बेटा आमिर व तहसीन का बेटा समद भी यूक्रेन के इवानो की नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस कर रहे है। दोनों मंगलवार दोपहर को रोमानिया से होते हुए वापस अपने देश लौटे है। आमिर ने बताया कि युद्ध शुरू होने पर हालात खराब हुए तो वे किसी तरह अपने देश लौटने का प्रयास करने लगे। कोई व्यवस्था नहीं हुई तो वह पहाड़ी और जंगल के रास्ते से करीब 50 किलोमीटर पैदल चलकर रोमानिया बॉर्डर पर पहुंचे, लेकिन उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। माइनस पांच डिग्री सेल्सियस तापमान में पूरा दिन में भूखे-प्यासे बार्डर पर ही खड़ा रहना पड़ा। सोमवार को वह रोमानिया एयरपोर्ट पर पहुंचे, जहां से अपने देश लौटे है। आमिर कहते है कि यूक्रेन में रहते हुए दहशत के बीच रहने को मजबूर थे, लेकिन अब अपने देश लौटने पर काफी सुकून मिला है।
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आमिर से मिलकर परिजनों के झलके आंसू
मास्टर गयूर ने बताया कि सोमवार रात में आमिर का फोन आया था कि वह मंगलवार को भारत पहुंच जाएंगे। वह परिवार के साथ सुबह तीन बजे दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। दिल्ली में आमिर की फ्लाइट दोपहर को पहुंची तो बेटे से मिलकर सभी के आंसू छलक पड़े।
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अनुष्का हंगरी पहुंची, पिता ने चढ़ाया पुरा में प्रसाद
बागपत में मेरठ रोड पर रहने वाले ओमबीर ढाका की बेटी अनुष्का ढाका भी अब हंगरी पहुंच गई है। वह करीब 24 घंटे तक हंगरी बॉर्डर पर रही। इसके बाद ही उसे अंदर जाने दिया गया। इससे अब परिवार की चिंता भी काफी कम हुई है। पिता ओमबीर ने बेटी की सकुशल वापसी के लिए पुरा महादेव में पहुंचकर प्रसाद चढ़ाया। ओमबीर ने बताया कि अब बेटी सुरक्षित है और उसके जल्द ही घर लौटने की उम्मीद है। अग्रवाल मंडी टटीरी के रहने वाले अटल वर्मा के परिवार का बेटे सागर वर्मा से संपर्क नहीं हो सका है। इससे परिजन काफी चिंतित है।
घर लौटी बेटी तो गले से लिपटकर रोई मां
बड़ौत। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर तहसील के सामने रहने वाले अमरीश तोमर की बेेटी साक्षी तोमर इस साल यूक्रेन मेें एमबीबीएस की पढ़ाई करने गई थी। साक्षी का यह पहला साल है। रूस के हमले के बाद साक्षी भी यूक्रेन में फंस गई थी। सोमवार की दोपहर साक्षी ने पिता अमरीश और मां संगीता से वीडियो कॉल कर बताया था कि यूक्रेन में सैनिक मारपीट कर रहे है। वीडियो बनाने पर मोबाइल भी तोड़ रहे है। इसके बाद परिजनों को साक्षी की चिंता हो गई थी। मंगलवार की देर शाम साक्षी सकुशल घर पहुंची गई। मां संगीता ने बेटी को गले से लगा लिया। दोनों के आंसू भी छलक पड़े। बेटी के सकुशल लौटने पर पूरा परिवार खुश है।