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राजपूत समाज की बैठक रोगी, चेतावनी-15 तक गिरफ्तारी नहीं तो करेंगे आंदोलन
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 12 May 2017 12:24 AM IST
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बैठक रोके जाने के बाद डीएम कार्यालय पहुंचकर हंगामा करते क्षत्रिय समाज के लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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सहारनपुर। जातीय संघर्ष के बाद अलर्ट हुए प्रशासन और पुलिस ने बृहस्पतिवार को पैरामाउंट टूलिप में हो रही राजपूत समाज की बैठक को रोक दिया। इस दौरान पुलिस और बैठक कर रहे लोगों में नोकझोंक हुई। बैठक रोके जाने से नाराज लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे। हालांकि वहां एडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट के समझाने के बाद वे लोग एसएसपी के पास पहुंचे। वहां अपना मांग पत्र देकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और मृतक के मुआवजे के लिए 15 मई तक समय दिया। समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
जनपद में सुलगी जातीय संघर्ष की आग बुझने का नाम नहीं ले रही है। धारा 144 लागू होने के बाद भी दोनों ओर से बैठकों का दौर जारी है। बृहस्पतिवार को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की ओर से दिल्ली रोड पैरामाउंट टूलिप कालोनी के क्लब हाउस में बैठक आयोजित की गई। सदर बाजार कोतवाली निरीक्षक जितेंद्र कालरा मय फोर्स वहां पहुंचे। उन्होंने धारा 144 का हवाला देते हुए तत्काल बैठक समाप्त करने को कहा। इस दौरान वहां मौजूद लोगों से नोकझोंक भी हुई।
लोगों ने कहा कि शब्बीरपुर कांड में मृतक सुमित ठाकुर के परिजनों की आर्थिक सहायता के लिए बैठक की जा रही है। बावजूद इसके पुलिस ने इस बैठक को समाप्त करा दिया। इससे नाराज राजपूत समाज के लोग कलक्ट्रेट पहुंच गए। हालांकि डीएम के नहीं होने पर एडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट ने उन्हें समझाने का प्रयास किया।
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इसके बाद वे एसएसपी से मिले और शब्बीरपुर और नौ मई की घटनाओं के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की। 15 मई तक का समय प्रशासन को देते हुए अनशन और आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
उधर, दूसरी बैठक पूर्व राज्य मंत्री के पुत्र कार्तिकेय राणा के निवास पर हुई। यहां भी घटनाओं की निंदा की गई। दोनों बैठकों में शामिल रहे क्षत्रिय समाज के लोगों ने कार्तिकेय राणा के नेतृत्व में डीएम एनपी सिंह से मुलाकात कर शब्बीरपुर में सुमित के हत्यारों और नौ मई को जनपद में उपद्रव मचाने वालों के विरुद्घ कार्रवाई करने की मांग की। महासभा के जिलाध्यक्ष कुशलपाल सिंह पुंडीर, अमित राणा, विशाल राणा, शिव कुमार राणा, जॉनी राणा, अनिल ठाकुर, अभय राणा, विनय राणा, अरुण राणा प्रधान, विजेंद्र राणा, सौरभ राणा, अक्षय राणा आदि शामिल रहे।
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जनपद में सुलगी जातीय संघर्ष की आग बुझने का नाम नहीं ले रही है। धारा 144 लागू होने के बाद भी दोनों ओर से बैठकों का दौर जारी है। बृहस्पतिवार को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की ओर से दिल्ली रोड पैरामाउंट टूलिप कालोनी के क्लब हाउस में बैठक आयोजित की गई। सदर बाजार कोतवाली निरीक्षक जितेंद्र कालरा मय फोर्स वहां पहुंचे। उन्होंने धारा 144 का हवाला देते हुए तत्काल बैठक समाप्त करने को कहा। इस दौरान वहां मौजूद लोगों से नोकझोंक भी हुई।
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लोगों ने कहा कि शब्बीरपुर कांड में मृतक सुमित ठाकुर के परिजनों की आर्थिक सहायता के लिए बैठक की जा रही है। बावजूद इसके पुलिस ने इस बैठक को समाप्त करा दिया। इससे नाराज राजपूत समाज के लोग कलक्ट्रेट पहुंच गए। हालांकि डीएम के नहीं होने पर एडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट ने उन्हें समझाने का प्रयास किया।
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इसके बाद वे एसएसपी से मिले और शब्बीरपुर और नौ मई की घटनाओं के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की। 15 मई तक का समय प्रशासन को देते हुए अनशन और आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
उधर, दूसरी बैठक पूर्व राज्य मंत्री के पुत्र कार्तिकेय राणा के निवास पर हुई। यहां भी घटनाओं की निंदा की गई। दोनों बैठकों में शामिल रहे क्षत्रिय समाज के लोगों ने कार्तिकेय राणा के नेतृत्व में डीएम एनपी सिंह से मुलाकात कर शब्बीरपुर में सुमित के हत्यारों और नौ मई को जनपद में उपद्रव मचाने वालों के विरुद्घ कार्रवाई करने की मांग की। महासभा के जिलाध्यक्ष कुशलपाल सिंह पुंडीर, अमित राणा, विशाल राणा, शिव कुमार राणा, जॉनी राणा, अनिल ठाकुर, अभय राणा, विनय राणा, अरुण राणा प्रधान, विजेंद्र राणा, सौरभ राणा, अक्षय राणा आदि शामिल रहे।