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Baghpat News: इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग से लैस हुए जिले के रेलवे स्टेशन
Wed, 01 Feb 2023 11:08 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Wed, 01 Feb 2023 11:08 PM IST
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बड़ौत रेलवे स्टेशन पर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग की जांच करते रेलवे अधिकारी
बड़ौत। जनपद के रेलवे स्टेशन आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग से लैस हो गए हैं। पुराने लीवर ऑपरेटेड सिस्टम की जगह इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग न सिर्फ गतिशीलता में सुरक्षा और संरक्षा के मापदंड भी बढ़ाएगी।
स्टेशन अधीक्षक सुधीर शर्मा ने बताया कि यात्रियों को रेलवे स्टेशनों पर मुफ्त में वाई-फाई सुविधा उपलब्ध कराने के साथ भारतीय रेलवे अपने स्टेशनों में इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग जैसी मॉडर्न सिग्नल वाले सिस्टम को अपडेट करने में लगा हुआ है। इस सिस्टम में लेवल क्रॉसिंग गेट, इलेक्ट्रिक लिफ्टिंग बैरियर आदि बिना किसी मैनपावर के ही स्वचालित रहते हैं। ये सुरक्षा की दृष्टि के काफी कारगर हैं। बागपत, खेकड़ा व कासिमपुर रेलवे स्टेशन पहले चरण में ही इस सुविधा से पूर्ण हो चुके थे। वहीं, अब बड़ौत रेलवे स्टेशन पर भी इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग का कार्य पूर्ण हो गया है। जिले के सभी स्टेशन इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग की आधुनिक प्रणाली से अब रेलगाड़ियों का संचालन किया जाने लगा है। रेलगाड़ी आने पर रास्ते के बैरियर या सिग्नल स्वत: ही कार्य करने लग जाते हैं।
ये हैं फायदें
इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग का फायदा यह मिलता है कि अगर किसी क्रासिंग पर गेट खुला हुआ है तो सर्वर अपने आप उस रूट की रेलगाड़ियों को लाल बत्ती दिखा देता है जिससे रेलगाड़ी भी रुक जाएगी। इससे हादसे की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है। रेलवे क्रॉसिंग से पहले लाल बत्ती पर खड़ी रेलगाड़ी तब ही चल सकती है, जब आगे क्रॉसिंग का बैरियर लग जाए। इसके बाद ही सिग्नल हरा होगा। हरे सिग्नल पर ही रेलगाड़ी आगे बढ़ सकती है। रेलवे फाटक गेटमैन के बिना ही रेलगाड़ियों का आवागमन हो सकेगा। रेलगाड़ी फाटक रेलगाड़ी के आने के पहले ही स्वत बंद हो जाएगा और जाने के बाद खुल जाएगा। केबिन में बटन वाला पैनल हटा कर दो एलसीडी पैनल (वीडियो डिस्प्ले यूनिट) को भी लगाया गया है और यहां बैठे-बैठे स्टेशन प्रबंधक रेलगाड़ियों के आवागमन को देख सकेंगे। कोहरे के कारण दुर्घटना भी शून्य हो जाएगी।
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स्टेशन अधीक्षक सुधीर शर्मा ने बताया कि यात्रियों को रेलवे स्टेशनों पर मुफ्त में वाई-फाई सुविधा उपलब्ध कराने के साथ भारतीय रेलवे अपने स्टेशनों में इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग जैसी मॉडर्न सिग्नल वाले सिस्टम को अपडेट करने में लगा हुआ है। इस सिस्टम में लेवल क्रॉसिंग गेट, इलेक्ट्रिक लिफ्टिंग बैरियर आदि बिना किसी मैनपावर के ही स्वचालित रहते हैं। ये सुरक्षा की दृष्टि के काफी कारगर हैं। बागपत, खेकड़ा व कासिमपुर रेलवे स्टेशन पहले चरण में ही इस सुविधा से पूर्ण हो चुके थे। वहीं, अब बड़ौत रेलवे स्टेशन पर भी इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग का कार्य पूर्ण हो गया है। जिले के सभी स्टेशन इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग की आधुनिक प्रणाली से अब रेलगाड़ियों का संचालन किया जाने लगा है। रेलगाड़ी आने पर रास्ते के बैरियर या सिग्नल स्वत: ही कार्य करने लग जाते हैं।
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ये हैं फायदें
इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग का फायदा यह मिलता है कि अगर किसी क्रासिंग पर गेट खुला हुआ है तो सर्वर अपने आप उस रूट की रेलगाड़ियों को लाल बत्ती दिखा देता है जिससे रेलगाड़ी भी रुक जाएगी। इससे हादसे की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है। रेलवे क्रॉसिंग से पहले लाल बत्ती पर खड़ी रेलगाड़ी तब ही चल सकती है, जब आगे क्रॉसिंग का बैरियर लग जाए। इसके बाद ही सिग्नल हरा होगा। हरे सिग्नल पर ही रेलगाड़ी आगे बढ़ सकती है। रेलवे फाटक गेटमैन के बिना ही रेलगाड़ियों का आवागमन हो सकेगा। रेलगाड़ी फाटक रेलगाड़ी के आने के पहले ही स्वत बंद हो जाएगा और जाने के बाद खुल जाएगा। केबिन में बटन वाला पैनल हटा कर दो एलसीडी पैनल (वीडियो डिस्प्ले यूनिट) को भी लगाया गया है और यहां बैठे-बैठे स्टेशन प्रबंधक रेलगाड़ियों के आवागमन को देख सकेंगे। कोहरे के कारण दुर्घटना भी शून्य हो जाएगी।
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