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Baghpat News: प्रोफेशनल कोर्स बनेंगे छात्र-छात्राओं के लिए रोजगार का सहारा
Mon, 06 May 2024 02:49 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Mon, 06 May 2024 02:49 AM IST
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बड़ौत। माध्यमिक शिक्षा परिषद से संचालित यूपी बोर्ड के इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम आ चुका है। अब विद्यार्थियों का रुझान सामान्य एकेडमिक के बजाय प्रोफेशनल कोर्स की तरफ ज्यादा है। वहीं कालेज के प्राचार्य व प्रोफेसर ने भी छात्रों का मार्गदर्शन किया।
दो तरीके के होते हैं बच्चे, जो चुनते हैं अपनी राह
बड़ौत। दिगंबर जैन डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डाक्टर वीरेंद्र सिंह बताते हैं कि अमूमन अच्छी आर्थिक स्थिति के परिवारों के बच्चे हाईस्कूल पास करने के बाद ही आगे का विकल्प तैयार कर लेते हैं। इंटरमीडिएट पास होने के बाद दिल्ली या मेरठ में जाकर तैयारी शुरू कर देते हैं। शेष छात्र-छात्राएं बीए, बीकॉम में प्रवेश लेते हैं। वहीं फीस चुकाने की स्थिति वाले छात्र सेल्फ फाइनेंस के प्रोफेशनल कोर्स में दाखिला करते हैं।
उपयोगी हैं प्रोफेशनल कोर्स
बड़ौत। प्रोफेशनल कोर्स ज्यादा उपयोगी हैं। सेल्फ फाइनेंस के कारण इन कोर्सों की फीस अधिक होती है। फिर भी बड़े पैमाने पर छात्र-छात्राएं प्रवेश लेते हैं।
प्रोफेशनल कोर्स करने पर रोजगार के विकल्प
बड़ौत। डीजे कालेज के प्रोफेसर डाक्टर महेंश कुमार मुछाल बताते हैं कि प्रोफेशनल कोर्स के बाद छात्र-छात्राओं को रोजगार ज्यादा मिलने की संभावना बढ़ जाती है। छात्र चाहते हैं कि डिप्लोमा करने के बाद उन्हें नौकरी मिल जाए चाहे वह छोटी ही क्यों न हो। वहीं दूसरी तरफ एकेडमिक लाइन में जाने वालों को अपने मुकाम तक पहुंचने में समय लग जाता है। पीजी करने के बाद प्रतियोगी परीक्षा निकालने के बाद कुछ बन पाते हैं।
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दो तरीके के होते हैं बच्चे, जो चुनते हैं अपनी राह
बड़ौत। दिगंबर जैन डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डाक्टर वीरेंद्र सिंह बताते हैं कि अमूमन अच्छी आर्थिक स्थिति के परिवारों के बच्चे हाईस्कूल पास करने के बाद ही आगे का विकल्प तैयार कर लेते हैं। इंटरमीडिएट पास होने के बाद दिल्ली या मेरठ में जाकर तैयारी शुरू कर देते हैं। शेष छात्र-छात्राएं बीए, बीकॉम में प्रवेश लेते हैं। वहीं फीस चुकाने की स्थिति वाले छात्र सेल्फ फाइनेंस के प्रोफेशनल कोर्स में दाखिला करते हैं।
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उपयोगी हैं प्रोफेशनल कोर्स
बड़ौत। प्रोफेशनल कोर्स ज्यादा उपयोगी हैं। सेल्फ फाइनेंस के कारण इन कोर्सों की फीस अधिक होती है। फिर भी बड़े पैमाने पर छात्र-छात्राएं प्रवेश लेते हैं।
प्रोफेशनल कोर्स करने पर रोजगार के विकल्प
बड़ौत। डीजे कालेज के प्रोफेसर डाक्टर महेंश कुमार मुछाल बताते हैं कि प्रोफेशनल कोर्स के बाद छात्र-छात्राओं को रोजगार ज्यादा मिलने की संभावना बढ़ जाती है। छात्र चाहते हैं कि डिप्लोमा करने के बाद उन्हें नौकरी मिल जाए चाहे वह छोटी ही क्यों न हो। वहीं दूसरी तरफ एकेडमिक लाइन में जाने वालों को अपने मुकाम तक पहुंचने में समय लग जाता है। पीजी करने के बाद प्रतियोगी परीक्षा निकालने के बाद कुछ बन पाते हैं।
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