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तेल व घी के दाम बढ़े, जेब होने लगी ढीली

Thu, 03 Mar 2022 11:35 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 03 Mar 2022 11:35 PM IST
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Prices of oil and ghee increased, pockets started getting loose
बागपत के ठाकुरद्वारा मोहल्ले में घर स्थित रसोई में सब्जी काटती महिला टीना - फोटो : BAGHPAT
- यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध के कारण दाम बढ़ने की कही जा रही बात
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- वनस्पति घी पर 30 रुपये, देशी घी पर 50 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी
- रिफाइंड, तिल का तेल, पाम ऑयल पर भी 35 रुपये तक बढ़ाए गए दाम
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। खाद्य तेल व घी के दाम अचानक बढ़ गए है। इससे लोगों की जेब ढीली होने लगी है। इसका कारण यूक्रेन व रूस के बीच चल रहा युद्ध बताया जा रहा है। तेल व घी के दाम बढ़ने का असर उन खाद्य पदार्थों पर भी पड़ा है, जिनमें इनका इस्तेमाल किया जाता है।
सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देशी घी के दाम में हुई है। एक लीटर वाले पैक पर 50 रुपये तक बढ़ गए है। पाम ऑयल पर 35 रुपये लीटर तक की बढ़ोतरी हुई है। इनके अलावा भी रिफाइंड, वनस्पति घी, तिल के तेल के दाम में बढ़ोतरी हुई है। किराना व्यापारी देवेंद्र गुप्ता बताते है कि यह बढ़ोतरी एक सप्ताह में हुई है। इसका कारण यूक्रेन व रूस के बीच चल रहा युद्ध कहा जा रहा है। गृहिणी टीना कहती है इस तरह तेल व घी के दाम में बढ़ोतरी होने से रसोई का बजट भी बिगड़ता दिख रहा है।
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इस तरह बढ़े दाम
उत्पाद वर्तमान दाम
- वनस्पति घी 140 से 170 रुपये प्रति किलो
- रिफाइंड 140 से 160 रुपये प्रति किलो
- देशी घी 390 से 440 रुपये प्रति लीटर
- तिल का तेल 130 से 160 रुपये लीटर
- पाम ऑयल 115 से 150 रुपये लीटर
- सरसों के तेल के दाम 2650 रुपये प्रति 15 किलो है जो अब कम होने थे, लेकिन वह अभी स्थिर है।
पहले ही महंगाई काफी है और अब तेल व घी के दाम बढ़ने से बजट बिगड़ रहा है। महंगाई रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाना होगा, जिससे आम आदमी को परेशानी नहीं हो। - साक्षी कौशिक, कोर्ट रोड
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महंगाई काफी बढ़ती जा रही है। सबसे ज्यादा असर रसोई की चीजों पर पड़ रहा है। अब तेल व घी के दाम बढ़ रहे है। ऐसे में हमारा महीने का बजट बिगड़ता जा रहा है। - अन्नू खुराना, ठाकुरद्वारा
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हर वर्ग पर महंगाई की मार हो रही है, जिससे अन्य चीजों के बजट में कटौती करनी पड़ेगी। अब तेल व घी के दाम बढ़ने से परेशानी बढ़ जाएगी। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। - मिथलेश उपाध्याय, बड़ौत रोड
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पहले ही हर चीज महंगी हो रही है और आमदनी में बढ़ोतरी नहीं हो रही है। अब तेल व घी के दाम इतने ज्यादा बढ़ गए है, जिससे रसोई का पूरा बजट ही गड़बड़ा जाएगा। - मुनीजा बेगम, मुगलपुरा

कहीं कालाबाजारी का खेल तो नहीं
जिस तरह से तेल व घी के दाम अचानक बढ़ा दिए गए है, उससे कालाबाजारी का खेल शुरू होने का अंदेशा भी जताया जा रहा है। दिल्ली के थोक विक्रेता और डीलर बागपत जनपद के किराना व्यापारी को रूस व यूक्रेन के बीच युद्ध को महंगाई बढ़ने का कारण बता रहे है। मगर, सवाल यह है कि जिस खाद्य तेल व घी के दामों में वृद्धि बताई जा रही है, उनका दोनों देशों में किसी भी जगह से भारत में आयात नहीं होता है। इसके बाद भी युद्ध को कारण बताकर दाम बढ़ा दिए गए है।
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