सियासत: जयंत को एनडीए के कोटे से राज्यसभा भेजने की तैयारी, विधानसभा चुनाव में सपा के मुद्दे को रोकने की रणनीति
रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी को एनडीए के कोटे से राज्यसभा भेजे जाने की चर्चा तेज है। पार्टी नेताओं के अनुसार इस पर अंतिम फैसला जयंत के विदेश से लौटने के बाद हो सकता है।
विस्तार
रालोद अध्यक्ष और केंद्रीय राज्यमंत्री चौधरी जयंत सिंह को एनडीए के कोटे से राज्यसभा भेजे जाने की चर्चा तेज हो गई है। जयंत अभी राज्यसभा सदस्य हैं और उनका कार्यकाल 2028 तक है। रालोद नेताओं के अनुसार उन्हें कार्यकाल पूरा होने से पहले एनडीए के कोटे से दोबारा राज्यसभा भेजने की तैयारी पर विचार चल रहा है। हालांकि इस संबंध में अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
सपा के कोटे से राज्यसभा भेजे गए थे जयंत
जून 2022 में सपा और रालोद के बीच गठबंधन था। उस समय रालोद के नौ विधायक होने के बावजूद सपा ने अपने कोटे से जयंत चौधरी को राज्यसभा भेजा था। मौजूदा रिकॉर्ड के अनुसार उनका राज्यसभा कार्यकाल 2022 से 2028 तक है।
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विधानसभा चुनाव में मुद्दा बनने की चर्चा
रालोद नेताओं के बीच चर्चा है कि सपा अपने कोटे से जयंत को राज्यसभा भेजे जाने को आगामी विधानसभा चुनाव में राजनीतिक मुद्दा बना सकती है। हाल के दिनों में सपा और रालोद नेताओं के बीच बयानबाजी भी हुई है। इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में जयंत को एनडीए के कोटे से राज्यसभा भेजे जाने की संभावना पर चर्चा हो रही है।
विदेश से लौटने के बाद हो सकता है फैसला
रालोद नेताओं के अनुसार जयंत चौधरी इस समय विदेश में हैं और उनके दो दिन बाद लौटने के बाद इस संबंध में अंतिम फैसला लिया जा सकता है। पार्टी के वरिष्ठ नेता इस मुद्दे पर फिलहाल खुलकर बोलने से बच रहे हैं और अंतिम निर्णय के बाद ही स्थिति स्पष्ट करने की बात कह रहे हैं।
राज्यसभा सीट देने का हुआ था वादा
रालोद नेताओं का कहना है कि भाजपा के साथ गठबंधन के समय राज्यसभा की एक सीट देने का वादा किया गया था। 2024 में रालोद के एनडीए में शामिल होने के समय भी राज्यसभा सीट को लेकर चर्चा सामने आई थी।
यूपी में 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव 16 अक्टूबर 2026 को होना है। चुनाव आयोग ने इसके लिए कार्यक्रम घोषित किया है।