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2025 तक बागपत को टीबी मुक्त करने की तैयारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिले में गत चार साल में टीबी के मरीजों में कमी आई है। स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में गत छह माह में केवल जिले में 1282 टीबी के मरीज मिले है और केवल 12 मरीज एमडीआर के है। इनमें से 797 मरीजों को गोद देकर उनका उपचार कराया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 2025 तक जिला टीबी मुक्त हो जाएगा।
बृहस्पतिवार को सीएमओ डॉ दिनेश कुमार ने इस संबंध में प्रेसवार्ता की। बताया कि जिले में पिछले चार सालों में टीबी के मरीजों में कमी आई है।वर्ष 2019 में 3333, वर्ष 2020 में 2869, वर्ष 2021 में 3094 और वर्ष 2022 में कराए गए सर्वे में अब तक 1282 टीबी के मरीज मिले है। इनमें से स्वास्थ्य विभाग के अलावा अन्य सरकारी व गैर सरकारी विभाग को 797 मरीजों को गोद दिया गया है। टीबी के मरीजों को गोद देने में पहले स्थान पर बच्चों और दूसरे स्थान पर महिला मरीजों को वरीयता दी गई है। वर्ष 2019 में एमडीआर के 50 मरीज थे, जो अब घटकर केवल 12 रह गए है। जिले में वर्ष 2020 में एमडीआर के 38 और 2021 में एमडीआर के 47 मरीज मिले थे। जिले को 2025 तक टीबी मुक्त कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए अधिक से अधिक मरीजों की पहचान कराकर उपचार दिलाया जा रहा है। विभाग की ओर से टीबी के मरीजो को प्रति माह निश्चय पोषण योजना के अंतर्गत 500 रुपये दिए जा रहे है। प्रेसवार्ता में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ यशवीर सिंह, डिप्टी सीमएओ डॉ अतुल बंसल मौजूद रहे।
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बागपत। जिले में गत चार साल में टीबी के मरीजों में कमी आई है। स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में गत छह माह में केवल जिले में 1282 टीबी के मरीज मिले है और केवल 12 मरीज एमडीआर के है। इनमें से 797 मरीजों को गोद देकर उनका उपचार कराया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 2025 तक जिला टीबी मुक्त हो जाएगा।
बृहस्पतिवार को सीएमओ डॉ दिनेश कुमार ने इस संबंध में प्रेसवार्ता की। बताया कि जिले में पिछले चार सालों में टीबी के मरीजों में कमी आई है।वर्ष 2019 में 3333, वर्ष 2020 में 2869, वर्ष 2021 में 3094 और वर्ष 2022 में कराए गए सर्वे में अब तक 1282 टीबी के मरीज मिले है। इनमें से स्वास्थ्य विभाग के अलावा अन्य सरकारी व गैर सरकारी विभाग को 797 मरीजों को गोद दिया गया है। टीबी के मरीजों को गोद देने में पहले स्थान पर बच्चों और दूसरे स्थान पर महिला मरीजों को वरीयता दी गई है। वर्ष 2019 में एमडीआर के 50 मरीज थे, जो अब घटकर केवल 12 रह गए है। जिले में वर्ष 2020 में एमडीआर के 38 और 2021 में एमडीआर के 47 मरीज मिले थे। जिले को 2025 तक टीबी मुक्त कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए अधिक से अधिक मरीजों की पहचान कराकर उपचार दिलाया जा रहा है। विभाग की ओर से टीबी के मरीजो को प्रति माह निश्चय पोषण योजना के अंतर्गत 500 रुपये दिए जा रहे है। प्रेसवार्ता में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ यशवीर सिंह, डिप्टी सीमएओ डॉ अतुल बंसल मौजूद रहे।
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