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राजनीति खूब हुई, धरातल पर नहीं उतरी मेरठ-पानीपत रेललाइन

Fri, 27 Dec 2019 12:06 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 27 Dec 2019 12:06 AM IST
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Plenty of politics, Meerut-Panipat railway line did not land on the ground
पानीपत-मेरठ मार्ग पर 12 नम्बर रेलवे लाइन का जारी किया गया नक्शा। - फोटो : BAGHPAT
बागपत। एक साल और बीत गया। चार दशक से अधिक लंबे समय से लटकी मेरठ-पानीपत रेलवे लाइन के सर्वे का उद्घाटन तक करा दिया गया, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हुआ। पश्चिम उत्तर प्रदेश की लाइफलाइन साबित होने वाली रेल लाइन मुजफ्फरनगर और बागपत जिले की खींचतान में उलझ गई है। स्वीकृत होने के बावजूद 104 किमी की रेल लाइन का निर्माण शुरू नहीं हुआ। रेल बजट में इसके लिए 1099 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे। दोनों जिलों के ग्रामीण अपने-अपने इलाके से रेलवे लाइन चाहते हैं। वर्ष 2015 में रेल बजट में इसकी घोषणा की गई थी। रेलवे लाइन को सत्र 2016-17 की पिंक बुक में शामिल किया गया। तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने 1099 करोड़ से इस लाइन को तीन वर्षों में पूरा करने का एलान किया था। छह फरवरी 2019 को पूर्व मंत्री डॉ सत्यपाल सिंह ने टीकरी में रेलवे लाइन के नए सर्वे का उद्घाटन भी किया था, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ी।
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इन जिलों को होगा लाभ
बागपत। मेरठ-पानीपत रेलवे लाइन से मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर और शामली को लाभ होगा। सहारनपुर, बिजनौर, गाजियाबाद और हापुड़ और अन्य जिलों के लोग भी पानीपत जाने के लिए इस रेल मार्ग का प्रयोग कर सकेंगे। हरियाणा, पंजाब और अन्य राज्यों में रेल सफर के लिए पहले दिल्ली जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लोग सीधे मेरठ से पानीपत तक का सफर तय कर सकेंगे। इसके अलावा लाइन पर पड़ने वाले गांव के लोगों का आवागमन सरल होगा। टीकरी गांव के आरटीआई कार्यकर्ता शिव कुमार राठी का कहना है कि तीन सर्वे की बात कही जा रही है, लेकिन स्थिति अस्पष्ट है।
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मुद्दा आमजन का और टकराव सियासत का
बागपत। मेरठ-पानीपत रेल लाइन को लेकर मुजफ्फरनगर और बागपत जिले के लोगों के बीच तनाव रहा है। दोनों जिलों के बीच यह सियासी मुद्दा बन गया है। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ सत्यपाल सिंह के लिए भी यह सियासी मुद्दा रहा है। दोनों ने अपने-अपने जिले से लाइन निकलवाने का प्रयास किया।
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किसका क्या तर्क
बागपत। जिले के लोगों का कहना है कि यह लाइन टीकरी, दाहा और झूंडपुर से होकर गुजरनी चाहिए, शुरूआत के सर्वे में यहीं से लाइन को निकाला गया था। मुजफ्फरनगर के लोगों का कहना है कि लाइन खतौली और बुढ़ाना क्षेत्र से होकर गुजरनी चाहिए। एक सर्वे बुढ़ाना के मोहम्मदपुर राय सिंह गांव के पास से भी है। मेरठ से आगे निकलते ही रेलवे लाइन विवादों में घिर जाती है।

बड़ौत तक कब चलेगी मेट्रो
बागपत। मेरठ-पानीपत रेल लाइन के अलावा जिले की तरक्की के लिए बड़ौत तक मेट्रो का दावा किया गया था। पहले विधानसभा और फिर लोकसभा चुनाव में भी मेट्रो को मुद्दा बनाया गया, लेकिन अब तक मंजूरी नहीं हुई है। इसके अलावा बागपत रोड, बड़ौत और खेकड़ा रेलवे स्टेशन अपग्रेड करने की रफ्तार भी बेहद धीमी है।
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