Baghpat News: भविष्य से खिलवाड़, सैकड़ो छात्रों को बना दिया दिव्यांग, पोल खुली तो अधिकारियों में मचा हड़कंप
मामला किशनपुर बराल के डीएवी इंटर कॉलेज का है। यहां पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करते हुए सैकड़ों बच्चों को दिव्यांग बना दिया गया।
विस्तार
बड़ौत के डीएवी इंटर कॉलेज किशनपुर बराल की लापरवाही के चलते लगभग 110 सामान्य विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में हैंडीकैप (मूक बधिर और दृष्टिहीन) दर्शा दिया गया। यह मामला जब उजागर हुआ तो अभिभावकों व बच्चों में अफरातफरी मच गई। अब वर्तमान प्रधानाचार्य दोषी कर्मचारियों को बचाने में जुटे हैंं। इस मामले में किसी प्रकार की कार्रवाई से बचने के लिए डीआईओएस को अवगत कराया गया है। इस मामले में अभिभावकों में आक्रोश है।
यह मामला किशनपुर बराल के डीएवी इंटर कॉलेज का है। यहां पर बोर्ड के कुल 376 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। इनमें हाईस्कूल के 140 और इंटरमीडिएट के 236 परीक्षार्थी शामिल हैं। अगले माह 16 फरवरी से बोर्ड परीक्षा शुरू होने जा रही हैं, लेकिन परीक्षा शुरू होने से पहले कॉलेज में घोर लापरवाही का मामला उजागर हुआ है। बोर्ड में शामिल होने वाले 110 से अधिक छात्र-छात्राओं को मूक बधिर बना दिया है। आपको बता दे कि शैक्षिक सत्र 2021-22 में सभी 376 छात्र-छात्राओं का पंजीकरण उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की आधिकारिक वेबसाइट यूपीएमएसपी.ईडीयू. इन पर किया गया थे। बताया जा रहा है कि इसके लिए कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. देवी प्रसाद गुप्ता ने कॉलेज के एक शिक्षक, एक लिपिक और एक चपरासी की ड्यूटी लगाई थी। इनके द्वारा इन छात्रों के किए गए पंजीकरण में से 110 छात्र-छात्राओं को मूक बधिर, दृष्टिहीन दर्ज करा दिया गया।
बच्चो के फार्म में की गई त्रुटी
परीक्षार्थियों की सूची कॉलेज पहुंचने पर उजागर हुआ मामला
यह मामला तब उजागर हुआ, जब 11 दिसंबर 2022 को परिषद की ओर से इन सभी परीक्षार्थियों की सूची कॉलेज पहुंची। सूची में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के इन 110 छात्र-छात्राओं की जानकारी में हैंडीकैप (मूक बधिर और दृष्टिहीन) दर्शाया हुआ था। इनमें हाईस्कूल के 106 छात्रों को मूक बधिर और इंटरमीडिएट के चार छात्र-छात्राओं को दृष्टिहीन दर्शाया गया है। जब इन परीक्षार्थियों और इनके अभिभावकों को इस प्रकरण की जानकारी हुई तो वे कॉलेज के चक्कर काट रहे हैं। समस्या का समाधान नहीं होने से अभिभावकों में रोष व्याप्त है। वहीं कॉलेज प्रबंधन भी जिविनि से लेकर क्षेत्रीय कार्यालय के चक्कर काट रहा है, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
मैने गत सितंबर माह में कार्यभार ग्रहण कियाा, लेकिन यह मामला मेरे सामने गत दिसंबर को आ गया था, तभी तत्काल प्रभाव से बोर्ड कार्यालय से लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक व क्षेत्रीय सचिव को लिखित में अवगत करा दिया गया था। यह गलती तत्कालीन प्रधानाचार्य के समय में हुई थी।
-छत्रपाल सिंह, कॉलेज प्रधानाचार्य
कॉलेज में चल रही राजनीति के तहत उन्हें फंसाया जा रहा है वर्तमान में जो प्रधानाचार्य नियुक्त है। वहीं इस मामले में जिम्मेदार हैं। क्योंकि पिछले पांच माह से वे कार्य को देख रहे है। -डॉ. देवी प्रसाद, तत्कालीन प्रधानाचार्य
इस मामले में गत दिसंबर माह में संज्ञान में आया था, जिसके बाद विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए तत्काल प्रभाव से क्षेत्रीय सचिव को भी लिखा गया था। परीक्षार्थियों के प्रवेशपत्र पर सही जानकारी आएगी। उन्होंने बताया कि पंजीकरण के समय गलत एंट्री करने वाले दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। - रविन्द्र कुमार, डीआईओएस