फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Pitraksha starts today, father will be remembered

आज से पितृपक्ष शुरू, याद किए जाएंगे पितर

Tue, 01 Sep 2020 10:33 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 01 Sep 2020 10:33 PM IST
विज्ञापन
Pitraksha starts today, father will be remembered
17 अक्तूबर से शुरू होंगे नवरात्र
विज्ञापन

बड़ौत। पितृपक्ष की शुरूआत आज बुधवार से हो गई है। हालांकि कोरोना की वजह से गंगा घाट पर पिंडदान करना मुश्किल होगा। सनातन परंपरा में आश्विन मास का कृष्ण पक्ष पितरों के लिए होता है। इसमें लोग पितरों को याद करते हैं। उनकी आत्मा की तृप्ति के लिए तिथि के अनुसार पिंडदान करते हैं। अमावस्या तिथि को पितृ विसर्जन किया जाता है।
पंडित कुंदन भारद्वाज ने बताया कि आज बुधवार को ही स्नान ध्यान पूर्णिमा भी है। पूर्णिमा सुबह नौ बजकर 34 मिनट तक है और इसके बाद प्रतिपदा की शुरूआत होगी। पिंडदान आमतौर पर दोपहर में किया जाता है। ऐसे में प्रथम श्राद्ध बुधवार को ही होगा। वहीं तृतीया तिथि चार और पांच सितंबर दो दिन रहेगी। बताया कि यदि पिता के मृत्यु की तिथि ज्ञात है तो उस तिथि को पिंडदान अथवा जलदान करना चाहिए। इससे पितरों को शांति मिलती है और वे प्रसन्न होते हैं। इससे घर में सुख समृद्धि आती है। जिसे तिथि का ज्ञान नहीं है वे अमावस्या तिथि को पितरों का पिंडदान करते हैं। 17 सितंबर को अमावस्या को पितृ विसर्जन किया जाएगा।
विज्ञापन

कौन है पितर, जिनके लिए होता है पिंडदान
बड़ौत। पितृ गण हमारे पूर्वज हैं। जिनका ऋण हमारे ऊपर हैं। उन्होंने कोई ना कोई उपकार हमारे जीवन के लिए किया है। गरुण पुराण के अनुसार मनुष्य लोक से ऊपर पितृ लोक है। पितृ लोक के ऊपर सूर्य लोक है एवं इस से भी ऊपर स्वर्ग लोक है। करोड़ों में एक-दो आत्मा ही ऐसी होती है, जो परमात्मा में समाहित होती है। उसे दोबारा जन्म नहीं लेना पड़ता। मनुष्य लोक एवं पितृ लोक में बहुत सारी आत्माएं पुन: अपनी इच्छा वश, मोह वश अपने कुल में जन्म लेती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

पितृ विसर्जन के एक माह बाद शुरू होगा नवरात्र
बड़ौत। इस वर्ष पितृ विसर्जन के एक माह बाद शक्ति उपासना का महापर्व दुर्गा नवरात्रि की शुरूआत होगी। यह स्थिति लगभग दो दशक बाद आ रही है। आमतौर पर पितृविसर्जन के अगले दिन नवरात्र की शुरूआत हो जाती है। इस वर्ष 17 सितंबर को पितृ पक्ष की समाप्ति होगी लेकिन नवरात्र एक माह बाद 17 अक्टूबर से होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed