{"_id":"6500a1d9a38445c1f00ce965","slug":"pension-stopped-allowance-stopped-still-not-given-charge-of-store-record-baghpat-news-c-31-1-smrt1003-2641-2023-09-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Baghpat News: पेंशन रूकी, भत्ता रूका, फिर भी नहीं दिया स्टोर रिकार्ड का चार्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baghpat News: पेंशन रूकी, भत्ता रूका, फिर भी नहीं दिया स्टोर रिकार्ड का चार्ज
विज्ञापन
गजब का खेल:
- जलकल विभाग से 2021 से सेवानिवृत हुआ था एक कर्मचारी
- ट्यूबवेल व हैंडपंपों की मरम्मत के बाद लाखों की सामग्री में हुआ है खेल
- मामला उजागर होने पर चेयरपर्सन भी मामले की जांच में जुटी
मुकेश पंवार
बड़ौत। नगरपालिका बड़ौत का एक अजीब मामला प्रकाश में आया है। मामला जलकल विभाग में लाखों रुपयों की सामग्री की हेराफेरी से जुड़ा हुआ है। क्योंकि विभाग में तैनात एक कर्मचारी ने सेवानिवृत होने के दो साल बाद भी पेंशन और भत्ता रुकने के बाद भी अभी तक जलकल विभाग के स्टोर रिकार्ड का चार्ज पूर्ण रूप से किसी को नहीं दिया है। जिसका फायदा उठाते हुए कर्मचारी खूब हेराफेरी करने में जुटे हुए है। हालांकि मामला की भनक लगते ही नवनियुक्त चेयरपर्सन मामले की जांच में जुट गई है।
नगर पालिका परिषद में लगभग 26 ट्यूबवेल संचालित है। इसके अलावा नगर में करीब 600 से अधिक हैंडपंप भी लगे हुए हैं। अक्सर ट्यूबवेलों व हैडपंपों में खराबी आ जाती है, जिसकी सूचना मिलने पर खराब सामग्री को निकालकर नई सामग्री लगा दी जाती है। लेकिन पिछले दो से तीन सालों से लाखों रुपयों की जो खराब सामग्री अभी तक निकाली जा चुकी है, उसके रखरखाव से लेकर उसका पूरा लेखा-जोखा यानी पूरा रिकार्ड किसी कर्मचारी के पास नहीं है।
संभावना है कि पुरानी सामग्री के नाम पर लाखों का गबन हुआ है। क्योंकि जिस कर्मचारी पर नगरपालिका के जलकल विभाग के स्टोर रिकार्ड का चार्ज था, वह वर्ष 2021 में सेवानिवृत होकर अपने घर जा चुका है। आज तक उक्त कर्मचारी ने जलकल विभाग के स्टोर के रिकार्ड का चार्ज पूर्ण रूप से किसी को नहीं दिया। हैरानी की बात तो यह है कि पूर्ण रूप से चार्ज न देने की वजह से उक्त कर्मचारी की लाखों रुपयों की पेंशन व भत्ता भी रुका हुआ है, बावजूद इसके कर्मचारी चार्ज सौंपने को तैयार नहीं है। ऐसे में ट्यूबवेलों की चैनकूपी, हैंडपंपों की नाल, पाइल के अलावा अन्य कीमती सामान का रिकार्ड का लेखा-जोखा पालिका अफसरों के पास मौजूद नहीं है। संवाद
विज्ञापन
वर्जन-
मेरी जानकारी में यह मामला नहीं है, फाइल मंगाकर जांच कराई जाएगी। यदि ऐसा है तो मामला गंभीर है, जांच कराकर कठोर कार्रवाई की जाएगी - अनुज कौशिक ईओ बड़ौत।
वर्जन--
चेयरपर्सन का चार्ज संभाले अभी तीन से चार महीने ही बीते है। इस बीच कई कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय काम मेंं लापरवाही व रूचि न दिखाने पर निलंबित तक कार्रवाई की गई है। अब जलकल विभाग के स्टोर रिकार्ड का पूर्ण चार्ज सेवानिवृत कर्मचारी द्वारा न दिए जाने का मामला सामने आया है। ईओ व अन्य कर्मचारियों से जानकारी जुटाई जा रही है, जांच कराकर कठोर कार्रवाई की जाएगी। किसी तरह का गबन या विभागीय कामों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी- बबीता तोमर
विज्ञापन
- जलकल विभाग से 2021 से सेवानिवृत हुआ था एक कर्मचारी
- ट्यूबवेल व हैंडपंपों की मरम्मत के बाद लाखों की सामग्री में हुआ है खेल
- मामला उजागर होने पर चेयरपर्सन भी मामले की जांच में जुटी
मुकेश पंवार
बड़ौत। नगरपालिका बड़ौत का एक अजीब मामला प्रकाश में आया है। मामला जलकल विभाग में लाखों रुपयों की सामग्री की हेराफेरी से जुड़ा हुआ है। क्योंकि विभाग में तैनात एक कर्मचारी ने सेवानिवृत होने के दो साल बाद भी पेंशन और भत्ता रुकने के बाद भी अभी तक जलकल विभाग के स्टोर रिकार्ड का चार्ज पूर्ण रूप से किसी को नहीं दिया है। जिसका फायदा उठाते हुए कर्मचारी खूब हेराफेरी करने में जुटे हुए है। हालांकि मामला की भनक लगते ही नवनियुक्त चेयरपर्सन मामले की जांच में जुट गई है।
नगर पालिका परिषद में लगभग 26 ट्यूबवेल संचालित है। इसके अलावा नगर में करीब 600 से अधिक हैंडपंप भी लगे हुए हैं। अक्सर ट्यूबवेलों व हैडपंपों में खराबी आ जाती है, जिसकी सूचना मिलने पर खराब सामग्री को निकालकर नई सामग्री लगा दी जाती है। लेकिन पिछले दो से तीन सालों से लाखों रुपयों की जो खराब सामग्री अभी तक निकाली जा चुकी है, उसके रखरखाव से लेकर उसका पूरा लेखा-जोखा यानी पूरा रिकार्ड किसी कर्मचारी के पास नहीं है।
विज्ञापन
संभावना है कि पुरानी सामग्री के नाम पर लाखों का गबन हुआ है। क्योंकि जिस कर्मचारी पर नगरपालिका के जलकल विभाग के स्टोर रिकार्ड का चार्ज था, वह वर्ष 2021 में सेवानिवृत होकर अपने घर जा चुका है। आज तक उक्त कर्मचारी ने जलकल विभाग के स्टोर के रिकार्ड का चार्ज पूर्ण रूप से किसी को नहीं दिया। हैरानी की बात तो यह है कि पूर्ण रूप से चार्ज न देने की वजह से उक्त कर्मचारी की लाखों रुपयों की पेंशन व भत्ता भी रुका हुआ है, बावजूद इसके कर्मचारी चार्ज सौंपने को तैयार नहीं है। ऐसे में ट्यूबवेलों की चैनकूपी, हैंडपंपों की नाल, पाइल के अलावा अन्य कीमती सामान का रिकार्ड का लेखा-जोखा पालिका अफसरों के पास मौजूद नहीं है। संवाद
विज्ञापन
वर्जन-
मेरी जानकारी में यह मामला नहीं है, फाइल मंगाकर जांच कराई जाएगी। यदि ऐसा है तो मामला गंभीर है, जांच कराकर कठोर कार्रवाई की जाएगी - अनुज कौशिक ईओ बड़ौत।
वर्जन
चेयरपर्सन का चार्ज संभाले अभी तीन से चार महीने ही बीते है। इस बीच कई कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय काम मेंं लापरवाही व रूचि न दिखाने पर निलंबित तक कार्रवाई की गई है। अब जलकल विभाग के स्टोर रिकार्ड का पूर्ण चार्ज सेवानिवृत कर्मचारी द्वारा न दिए जाने का मामला सामने आया है। ईओ व अन्य कर्मचारियों से जानकारी जुटाई जा रही है, जांच कराकर कठोर कार्रवाई की जाएगी। किसी तरह का गबन या विभागीय कामों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी- बबीता तोमर