फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   No competition on the playground

खेल के मैदान पर म्हारा कोई मुकाबला नहीं

Fri, 11 Dec 2020 11:17 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 11 Dec 2020 11:17 PM IST
विज्ञापन
No competition on the playground
दादी चंद्रो व दादी प्रकाशो तोमर - फोटो : BAGHPAT
अमर उजाला स्थापना दिवस
विज्ञापन

- छह खिलाडिय़ों ने अब तक जीता अर्जुन अवार्ड
- पैरा एथलीट अंकुर धामा ने किया नाम रोशन
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। खेल के मैदान पर जिले के खिलाड़ियों का कोई मुकाबला नहीं दिखा। पिछले 34 साल में हुनर ऐसा चमका कि जिले के हिस्से में छह अर्जुन अवार्ड आए, इनमें भी अकेले मलकपुर गांव के तीन पहलवान शामिल हैं। कुश्ती, कबड्डी और निशानेबाजी के अलावा क्रिकेट में सितारा बुलंद हुआ। बड़ौत का सौरभ कश्यप आईपीएल के अलावा यूपी रणजी टीम का हिस्सा है।
मलकपुर के अखाड़े से निकले सुभाष तोमर को साल 1987 में अर्जुन अवार्ड मिला था। सुभाष पहलवान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनें। जौहड़ी के पिस्टल शूटर विवेक सिंह को साल 1999 में अर्जुन अवार्ड से नवाजा गया । कॉमनवेल्थ गेम में स्वर्ण और रजत पदक विजेता विवेक सिंह के पिता डॉ राजपाल सिंह शूटिंग कोच रहे हैं। मलकपुर गांव के पहलवान शोकेंद्र तोमर को साल 2003 में अर्जुन अवार्ड से नवाजा गया। कॉमनवेल्थ और एशियाई खेलों में दमदार खेल का प्रदर्शन कर तोमर ने खेल के मैदान पर डंका बजाया था। साल 2010 में मलकपुर के फ्री स्टाइल के पहलवान राजीव तोमर को अर्जुन अवार्ड दिए जाने से बागपत का नाम ऊंचा हुआ। दाहा गांव के पहलवान सुनील राणा को साल 2014 में अर्जुन अवार्ड से नवाजा गया। पैरा एथलीट अंकुर धामा को साल 2018 में अर्जुन अवार्ड दिया गया था। बचपन में ही आंखों की रोशनी गंवाने वाले अंकुर ने पैरा ओलंपिक खेलों में भाग लिया। साल 2014 के एशियाई खेलों में दमदार खेलों का प्रदर्शन कर पदक जीते थे।
विज्ञापन

दादियां तो दादियां, बेटियां भी लाजवाब
बागपत। पिछले 34 साल में बेटियां घरों की दहलीज लांघकर खेल के मैदान पर पहुंची और कामयाबी के झंडे गाड़ दिए। शूटर दादी चंद्रो तोमर, प्रकाशी तोमर के सटीक निशाने लड़कियों के लिए प्रेरणा बनें। मलकपुर गांव की बेटी किसान सत्यवीर सिंह की बेटी पहलवान अंशु तोमर को रानी लक्ष्मीबाई अवार्ड और यश भारती अवार्ड मिल चुका है। देश की पहली डब्ल्यूडब्ल्यू महिला रेसलर कविता दलाल जिले के बिजवाड़ा गांव की बहू हैं। तीरंदाजी में रितिका वेदवान को साल 2019 में यश भारती अवार्ड से नवाजा गया था। ट्रेप शूटिंग में सीमा तोमर टीम इंडिया का हिस्सा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed