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खेल के मैदान पर म्हारा कोई मुकाबला नहीं
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दादी चंद्रो व दादी प्रकाशो तोमर
- फोटो : BAGHPAT
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अमर उजाला स्थापना दिवस
- छह खिलाडिय़ों ने अब तक जीता अर्जुन अवार्ड
- पैरा एथलीट अंकुर धामा ने किया नाम रोशन
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। खेल के मैदान पर जिले के खिलाड़ियों का कोई मुकाबला नहीं दिखा। पिछले 34 साल में हुनर ऐसा चमका कि जिले के हिस्से में छह अर्जुन अवार्ड आए, इनमें भी अकेले मलकपुर गांव के तीन पहलवान शामिल हैं। कुश्ती, कबड्डी और निशानेबाजी के अलावा क्रिकेट में सितारा बुलंद हुआ। बड़ौत का सौरभ कश्यप आईपीएल के अलावा यूपी रणजी टीम का हिस्सा है।
मलकपुर के अखाड़े से निकले सुभाष तोमर को साल 1987 में अर्जुन अवार्ड मिला था। सुभाष पहलवान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनें। जौहड़ी के पिस्टल शूटर विवेक सिंह को साल 1999 में अर्जुन अवार्ड से नवाजा गया । कॉमनवेल्थ गेम में स्वर्ण और रजत पदक विजेता विवेक सिंह के पिता डॉ राजपाल सिंह शूटिंग कोच रहे हैं। मलकपुर गांव के पहलवान शोकेंद्र तोमर को साल 2003 में अर्जुन अवार्ड से नवाजा गया। कॉमनवेल्थ और एशियाई खेलों में दमदार खेल का प्रदर्शन कर तोमर ने खेल के मैदान पर डंका बजाया था। साल 2010 में मलकपुर के फ्री स्टाइल के पहलवान राजीव तोमर को अर्जुन अवार्ड दिए जाने से बागपत का नाम ऊंचा हुआ। दाहा गांव के पहलवान सुनील राणा को साल 2014 में अर्जुन अवार्ड से नवाजा गया। पैरा एथलीट अंकुर धामा को साल 2018 में अर्जुन अवार्ड दिया गया था। बचपन में ही आंखों की रोशनी गंवाने वाले अंकुर ने पैरा ओलंपिक खेलों में भाग लिया। साल 2014 के एशियाई खेलों में दमदार खेलों का प्रदर्शन कर पदक जीते थे।
दादियां तो दादियां, बेटियां भी लाजवाब
बागपत। पिछले 34 साल में बेटियां घरों की दहलीज लांघकर खेल के मैदान पर पहुंची और कामयाबी के झंडे गाड़ दिए। शूटर दादी चंद्रो तोमर, प्रकाशी तोमर के सटीक निशाने लड़कियों के लिए प्रेरणा बनें। मलकपुर गांव की बेटी किसान सत्यवीर सिंह की बेटी पहलवान अंशु तोमर को रानी लक्ष्मीबाई अवार्ड और यश भारती अवार्ड मिल चुका है। देश की पहली डब्ल्यूडब्ल्यू महिला रेसलर कविता दलाल जिले के बिजवाड़ा गांव की बहू हैं। तीरंदाजी में रितिका वेदवान को साल 2019 में यश भारती अवार्ड से नवाजा गया था। ट्रेप शूटिंग में सीमा तोमर टीम इंडिया का हिस्सा है।
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- छह खिलाडिय़ों ने अब तक जीता अर्जुन अवार्ड
- पैरा एथलीट अंकुर धामा ने किया नाम रोशन
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। खेल के मैदान पर जिले के खिलाड़ियों का कोई मुकाबला नहीं दिखा। पिछले 34 साल में हुनर ऐसा चमका कि जिले के हिस्से में छह अर्जुन अवार्ड आए, इनमें भी अकेले मलकपुर गांव के तीन पहलवान शामिल हैं। कुश्ती, कबड्डी और निशानेबाजी के अलावा क्रिकेट में सितारा बुलंद हुआ। बड़ौत का सौरभ कश्यप आईपीएल के अलावा यूपी रणजी टीम का हिस्सा है।
मलकपुर के अखाड़े से निकले सुभाष तोमर को साल 1987 में अर्जुन अवार्ड मिला था। सुभाष पहलवान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनें। जौहड़ी के पिस्टल शूटर विवेक सिंह को साल 1999 में अर्जुन अवार्ड से नवाजा गया । कॉमनवेल्थ गेम में स्वर्ण और रजत पदक विजेता विवेक सिंह के पिता डॉ राजपाल सिंह शूटिंग कोच रहे हैं। मलकपुर गांव के पहलवान शोकेंद्र तोमर को साल 2003 में अर्जुन अवार्ड से नवाजा गया। कॉमनवेल्थ और एशियाई खेलों में दमदार खेल का प्रदर्शन कर तोमर ने खेल के मैदान पर डंका बजाया था। साल 2010 में मलकपुर के फ्री स्टाइल के पहलवान राजीव तोमर को अर्जुन अवार्ड दिए जाने से बागपत का नाम ऊंचा हुआ। दाहा गांव के पहलवान सुनील राणा को साल 2014 में अर्जुन अवार्ड से नवाजा गया। पैरा एथलीट अंकुर धामा को साल 2018 में अर्जुन अवार्ड दिया गया था। बचपन में ही आंखों की रोशनी गंवाने वाले अंकुर ने पैरा ओलंपिक खेलों में भाग लिया। साल 2014 के एशियाई खेलों में दमदार खेलों का प्रदर्शन कर पदक जीते थे।
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दादियां तो दादियां, बेटियां भी लाजवाब
बागपत। पिछले 34 साल में बेटियां घरों की दहलीज लांघकर खेल के मैदान पर पहुंची और कामयाबी के झंडे गाड़ दिए। शूटर दादी चंद्रो तोमर, प्रकाशी तोमर के सटीक निशाने लड़कियों के लिए प्रेरणा बनें। मलकपुर गांव की बेटी किसान सत्यवीर सिंह की बेटी पहलवान अंशु तोमर को रानी लक्ष्मीबाई अवार्ड और यश भारती अवार्ड मिल चुका है। देश की पहली डब्ल्यूडब्ल्यू महिला रेसलर कविता दलाल जिले के बिजवाड़ा गांव की बहू हैं। तीरंदाजी में रितिका वेदवान को साल 2019 में यश भारती अवार्ड से नवाजा गया था। ट्रेप शूटिंग में सीमा तोमर टीम इंडिया का हिस्सा है।
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