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नए साल की डाक्टरों पर रही खुमारी, विकास भवन और कलक्ट्रेट से कर्मचारी भी नदारद
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साहब क्या गरीब होना हमारी गलती है, बागपत जिला अस्पताल में पति सोनू के ईलाज के लिए आई महिला रजनी बोल
- फोटो : BAGHPAT
बागपत। नए साल की खुमारी जिला अस्पताल के डाक्टरों के साथ ही कलक्ट्रेट और विकास भवन के कर्मियों से पहले दिन नहीं उतरी। जिला अस्पताल में कई डाक्टर पहले दिन ही छुट्टी पर रहे तो कुछ अपने कक्षों से घंटों तक नदारद रहे। इससे मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी। इस तरह ही कलक्ट्रेट व विकास भवन के कई कार्यालयों से कर्मचारी नदारद रहे। इससे अपने कार्य कराने के लिए फरियादी भटकते रहे।
जिला अस्पताल में नए साल के पहले दिन शनिवार को करीब 800 मरीज पहुंचे। मगर, उनका उपचार करने के लिए डाक्टर ही नहीं थे। शनिवार को स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. दिव्या सिरोही, सर्जन डा. जितेंद्र यादव, फिजिशियन डा. राजेश के कक्षों पर छुट्टी होने का पर्चा लगा हुआ था। बाल रोग विशेषज्ञ अपने कक्ष से नदारद थे और हड्डी रोग विशेषज्ञ भी मरीजों को नहीं मिले। ऐसे में साल के पहले ही दिन अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई रही और मरीजों को बिना उपचार कराए ही परेशान होकर लौटना पड़ा। इस तरह ही कलक्ट्रेट व विकास भवन में कई कार्यालयों में पहले ही दिन कर्मचारी नहीं पहुंचे और वहां भी लोग परेशान रहे।
मरीज रहे परेशान तो फरियादी भी कर्मचारियों को ढूंढते रहे
खेकड़ा की रहने वाली रजनी अपने पति सोनू को लेकर आई थी, लेकिन हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं मिला। सीएमएस के पास गई तो उन्होंने भी उनका उपचार कराने के लिए कुछ नहीं किया। रजनी ने बताया कि उसके पति की छत से गिरकर रीढ़ में समस्या हो गई है, जिसके उपचार के लिए वह भटक रही है। उधर, बेगमाबाद गढ़ी के नवाब सिंह, राममेहर, कंवरपाल को एक साल से किसान सम्मान निधि का पैसा नहीं मिल रहा है और वह कृषि विभाग कार्यालय के चक्कर काट रहे है। कार्यालय में उनको कोई अधिकारी व कर्मी नहीं मिला। इनके अलावा युवक राजू ने बताया कि वह कलक्ट्रेट में राजस्व विभाग में अपनी फाइल दिखवाने के लिए पहुंचा था, लेकिन साल के पहले ही दिन कर्मचारी नहीं मिले।
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जिला अस्पताल में डाक्टरों को नियमित रूप से बैठकर मरीज देखने के लिए निर्देश दिए हुए है। इसके बाद भी वहां से डाक्टर गायब रहते है तो वहां दोबारा से निरीक्षण किया जाएगा। इसके साथ ही गायब रहने वाले डाक्टरों पर कार्रवाई होगी। - डा. दिनेश कुमार, सीएमओ
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जिला अस्पताल में नए साल के पहले दिन शनिवार को करीब 800 मरीज पहुंचे। मगर, उनका उपचार करने के लिए डाक्टर ही नहीं थे। शनिवार को स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. दिव्या सिरोही, सर्जन डा. जितेंद्र यादव, फिजिशियन डा. राजेश के कक्षों पर छुट्टी होने का पर्चा लगा हुआ था। बाल रोग विशेषज्ञ अपने कक्ष से नदारद थे और हड्डी रोग विशेषज्ञ भी मरीजों को नहीं मिले। ऐसे में साल के पहले ही दिन अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई रही और मरीजों को बिना उपचार कराए ही परेशान होकर लौटना पड़ा। इस तरह ही कलक्ट्रेट व विकास भवन में कई कार्यालयों में पहले ही दिन कर्मचारी नहीं पहुंचे और वहां भी लोग परेशान रहे।
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मरीज रहे परेशान तो फरियादी भी कर्मचारियों को ढूंढते रहे
खेकड़ा की रहने वाली रजनी अपने पति सोनू को लेकर आई थी, लेकिन हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं मिला। सीएमएस के पास गई तो उन्होंने भी उनका उपचार कराने के लिए कुछ नहीं किया। रजनी ने बताया कि उसके पति की छत से गिरकर रीढ़ में समस्या हो गई है, जिसके उपचार के लिए वह भटक रही है। उधर, बेगमाबाद गढ़ी के नवाब सिंह, राममेहर, कंवरपाल को एक साल से किसान सम्मान निधि का पैसा नहीं मिल रहा है और वह कृषि विभाग कार्यालय के चक्कर काट रहे है। कार्यालय में उनको कोई अधिकारी व कर्मी नहीं मिला। इनके अलावा युवक राजू ने बताया कि वह कलक्ट्रेट में राजस्व विभाग में अपनी फाइल दिखवाने के लिए पहुंचा था, लेकिन साल के पहले ही दिन कर्मचारी नहीं मिले।
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जिला अस्पताल में डाक्टरों को नियमित रूप से बैठकर मरीज देखने के लिए निर्देश दिए हुए है। इसके बाद भी वहां से डाक्टर गायब रहते है तो वहां दोबारा से निरीक्षण किया जाएगा। इसके साथ ही गायब रहने वाले डाक्टरों पर कार्रवाई होगी। - डा. दिनेश कुमार, सीएमओ

बागपत जिला अस्पताल में ओपीडी बाल रोग कक्ष में चिकित्सक के इंतजार में बैठे मरीज- फोटो : BAGHPAT