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नागपंचमी : घर-घर पूजे गए नागदेवता
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बागपत में नागपंचमी पर यमुना में पूजा कराते पंडित राजकुमार शास्त्री
- फोटो : BAGHPAT
बागपत/बड़ौत/खेकड़ा। नागपंचमी का पर्व शुक्रवार को हर्षोल्लास से मनाया गया। घर-घर नागदेवता की पूजा की गई। दूध और लावा चढ़ाकर पूजन किया गया और सुख समृद्धि की कामना की। बागपत के बाबा जानकी दास मंदिर में नाग पंचमी के अवसर पर धातु के नागों की विधिवत पूजन कराया गया। भगवान आशुतोष का दूध से अभिषेक किया गया। इसके बाद धातु के नागों का यमुना में विसर्जन किया गया।
ज्योतिषाचार्य पंडित राजकुमार शास्त्री ने बताया कि चांदी, तांबा, पीतल और लोहे से निर्मित नागों की पूजा का महत्व अलग-अलग है। चांदी के नागों की पूजा करने से तन मन शीतल होता हैै, तांबे के नागों की पूजा करने से रक्त शुद्ध होता है और शरीर में रक्त का संचार सही होता है, पीतल के नागों की पूजा करने से जीवन में आ रही बाधाओं से मुक्ति मिलती है और लोहे के नागों की पूजा करने से शारीरिक रोगों से मुक्ति मिलती है। पूजा अर्चना में ठाकुर तेजवीर सिंह, राम अवतार सिंह, ललित गुलिया, मनीष, नमन जैन, विवेक शर्मा, मनोज दूधिया, अमित धामा, भूपेंद्र शर्मा, राजेश गौतम, अमित गौतम, तेजपाल शास्त्री, श्रवण शास्त्री, सुबोध शास्त्री, सुनील शास्त्री, विवेक शास्त्री, शिवानी, शिवा और शिवम रहे।
उधर, बड़ौत में शुक्रवार की सुबह से ही महिलाएं घरों की साफ-सफाई में जुटी रहीं। घरों, दुकानों व प्रतिष्ठानों में कोने-कोने में दूध और लावा चढ़ाकर नागदेवता की पूजा हुई। इस अवसर पर पंचवटी मंदिर, बिजरौल रोड स्थित प्राचीन शिव मंदिर, पंचमुखी मंदिर, ठाकुर द्वार में भोलेनाथ का दर्शन और पूजन किया गया। महिलाओं नागदेवता को दूध लावा चढ़ाने के साथ ही गंगा जल, फूल, माला, वेलपत्र, भांग, धतूरा चढ़ाकर भगवान शिव से सुख समृद्धि की कामना की।
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वहीं, खेकड़ा में बाबा काले सिंह मंदिर, छोटा बाजार स्थित ठाकुरद्वारा मंदिर, प्राचीन शिव मंदिर औरंगाबाद, चक्रसेनपुर, शिव मंदिर अहिरान, बालाजी मंदिर, सदाशिव शक्ति मंदिर में भगवान शिव के रुद्राभिषेक के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसके बाद हवन यज्ञ का आयोजन हुआ। बाबा काले सिंह मंदिर में नाग पंचमी पर्व पर विशाल भंडारे का आयोजन हुआ।
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ज्योतिषाचार्य पंडित राजकुमार शास्त्री ने बताया कि चांदी, तांबा, पीतल और लोहे से निर्मित नागों की पूजा का महत्व अलग-अलग है। चांदी के नागों की पूजा करने से तन मन शीतल होता हैै, तांबे के नागों की पूजा करने से रक्त शुद्ध होता है और शरीर में रक्त का संचार सही होता है, पीतल के नागों की पूजा करने से जीवन में आ रही बाधाओं से मुक्ति मिलती है और लोहे के नागों की पूजा करने से शारीरिक रोगों से मुक्ति मिलती है। पूजा अर्चना में ठाकुर तेजवीर सिंह, राम अवतार सिंह, ललित गुलिया, मनीष, नमन जैन, विवेक शर्मा, मनोज दूधिया, अमित धामा, भूपेंद्र शर्मा, राजेश गौतम, अमित गौतम, तेजपाल शास्त्री, श्रवण शास्त्री, सुबोध शास्त्री, सुनील शास्त्री, विवेक शास्त्री, शिवानी, शिवा और शिवम रहे।
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उधर, बड़ौत में शुक्रवार की सुबह से ही महिलाएं घरों की साफ-सफाई में जुटी रहीं। घरों, दुकानों व प्रतिष्ठानों में कोने-कोने में दूध और लावा चढ़ाकर नागदेवता की पूजा हुई। इस अवसर पर पंचवटी मंदिर, बिजरौल रोड स्थित प्राचीन शिव मंदिर, पंचमुखी मंदिर, ठाकुर द्वार में भोलेनाथ का दर्शन और पूजन किया गया। महिलाओं नागदेवता को दूध लावा चढ़ाने के साथ ही गंगा जल, फूल, माला, वेलपत्र, भांग, धतूरा चढ़ाकर भगवान शिव से सुख समृद्धि की कामना की।
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वहीं, खेकड़ा में बाबा काले सिंह मंदिर, छोटा बाजार स्थित ठाकुरद्वारा मंदिर, प्राचीन शिव मंदिर औरंगाबाद, चक्रसेनपुर, शिव मंदिर अहिरान, बालाजी मंदिर, सदाशिव शक्ति मंदिर में भगवान शिव के रुद्राभिषेक के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसके बाद हवन यज्ञ का आयोजन हुआ। बाबा काले सिंह मंदिर में नाग पंचमी पर्व पर विशाल भंडारे का आयोजन हुआ।