{"_id":"67dc634f43314276c4001b44","slug":"malakpur-mill-started-payment-for-the-current-session-by-paying-half-days-money-baghpat-news-c-28-1-bpt1004-128338-2025-03-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Baghpat News: आधे दिन का पैसा देकर मलकपुर मिल ने शुरू किया चालू सत्र का भुगतान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baghpat News: आधे दिन का पैसा देकर मलकपुर मिल ने शुरू किया चालू सत्र का भुगतान
Fri, 21 Mar 2025 12:19 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Fri, 21 Mar 2025 12:19 AM IST
विज्ञापन
बागपत। मलकपुर मिल ने एक दिन में खरीदे गए गन्ने का आधा पैसा देकर चालू सत्र का भुगतान शुरू कर दिया। ऐसा पहली बार हुआ जब मिल बंद होने से पहले ही चालू सत्र का गन्ना भुगतान शुरू हो गया है। पिछले साल मिल बंद होने के बाद मई में गन्ना भुगतान शुरू हुआ था।
मलकपुर मिल पिछली साल का पूरा गन्ना भुगतान कर चुकी हैं। अब मिल पर चालू सत्र का 384 करोड़ रुपये भुगतान बकाया है। डीसीओ अमर प्रताप सिंह ने बताया कि मिल प्रबंधन ने दो करोड़ रुपये देकर चालू सत्र का गन्ना भुगतान शुरू किया। मगर, मिल प्रबंधन से कहा गया कि कि कम से कम एक दिन में खरीदे गए गन्ने का पूरा भुगतान कर देते। एक दिन में 3.40 करोड़ रुपये बनता है।
फिलहाल यह राहत की बात है कि पंद्रह साल में पहली बार ऐसा हो रहा है कि जब मिल बंद होने से पहले चालू सत्र का भुगतान शुरू कर चुकी हैं। पिछले साल अप्रैल में मिल बंद हुई थी और गन्ना भुगतान मई में शुरू किया था। गन्ना भुगतान समय से नहीं मिलने से किसान बेहद परेशान रहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
मलकपुर मिल पिछली साल का पूरा गन्ना भुगतान कर चुकी हैं। अब मिल पर चालू सत्र का 384 करोड़ रुपये भुगतान बकाया है। डीसीओ अमर प्रताप सिंह ने बताया कि मिल प्रबंधन ने दो करोड़ रुपये देकर चालू सत्र का गन्ना भुगतान शुरू किया। मगर, मिल प्रबंधन से कहा गया कि कि कम से कम एक दिन में खरीदे गए गन्ने का पूरा भुगतान कर देते। एक दिन में 3.40 करोड़ रुपये बनता है।
विज्ञापन
फिलहाल यह राहत की बात है कि पंद्रह साल में पहली बार ऐसा हो रहा है कि जब मिल बंद होने से पहले चालू सत्र का भुगतान शुरू कर चुकी हैं। पिछले साल अप्रैल में मिल बंद हुई थी और गन्ना भुगतान मई में शुरू किया था। गन्ना भुगतान समय से नहीं मिलने से किसान बेहद परेशान रहते हैं।
विज्ञापन