{"_id":"5f5a72df8ebc3e36b95b18a3","slug":"madan-bhaiya-charged-after-22-years-in-attack-on-former-mla-baghpat-news-mrt5005360104","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्व विधायक चंदर सिंह पर हमले में 22 साल बाद मदन भैया पर आरोप तय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्व विधायक चंदर सिंह पर हमले में 22 साल बाद मदन भैया पर आरोप तय
विज्ञापन
- हाईकोर्ट से स्टे हटते ही अदालत में शुरू हुए मुकदमे की प्रक्रिया
- खेकड़ा के एक प्रकरण की रंजिश में किया गया था चंदर सिंह पर हमला
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। पूर्व विधायक चंदर सिंह पर जानलेवा हमले के मामले में रालोद के पूर्व विधायक मदन भैया पर 22 साल बाद आरोप तय हुए। हाईकोर्ट से स्टे हटने के बाद प्रकरण की सुनवाई शुरू हुई। अदालत में गवाही के लिए अब 25 सितंबर की तिथि तय की गई। मदन भैया समर्थकों के साथ सुनवाई के लिए पहुंचे। पुलिस का कड़ा पहरा रहा।
एडीजीसी सुभाष तोमर ने बताया कि चार मार्च 1998 को पूर्व विधायक चंदर सिंह बागपत नगर स्थित आवास से शेविंग कराने के लिए निकले थे। इसी बीच उन पर जानलेवा हमला हुआ था। वारदात का मुकदमा रालोद के पूर्व विधायक गाजियाबाद के जावली गांव निवासी मदन भैया, उनके गांव के ही नरेश जावली और शमशाद के खिलाफ 307 और 120 बी में दर्ज हुआ था। मुकदमे में राहत के लिए मदन भैया हाईकोर्ट गए, जहां से उन्हें स्टे मिल गया था। पिछले दिनों स्टे हटने के बाद मुकदमे की अदालती प्रक्रिया शुरू हुई। बृहस्पतिवार को एफटीसी प्रथम मिताली गोविंद राव की अदालत में पूर्व विधायक मदन भैया हाजिर हुए। सुनवाई के दौरान उन पर आरोप तय हुए। एडीजीसी सुभाष तोमर ने बताया कि अदालत ने गवाही के लिए 25 सितंबर की तिथि तय की है।
लाव लश्कर के साथ पहुंचे मदन भैया
बागपत। खेकड़ा से रालोद के पूर्व विधायक मदन भैया अपने समर्थकों के साथ पहुंचे। अदालत में सुनवाई के दौरान पुलिस का कड़ा पहरा रहा।
चंदर सिंह की हो चुकी है मौत
बागपत। मूल रूप से अहेड़ा गांव निवासी चंदर सिंह की वर्ष 2015 में मौत हो गई थी। उनका परिवार गांव और नगर स्थित आवास पर रहता है। पोता सपा में सक्रिय है।
विज्ञापन
- खेकड़ा के एक प्रकरण की रंजिश में किया गया था चंदर सिंह पर हमला
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। पूर्व विधायक चंदर सिंह पर जानलेवा हमले के मामले में रालोद के पूर्व विधायक मदन भैया पर 22 साल बाद आरोप तय हुए। हाईकोर्ट से स्टे हटने के बाद प्रकरण की सुनवाई शुरू हुई। अदालत में गवाही के लिए अब 25 सितंबर की तिथि तय की गई। मदन भैया समर्थकों के साथ सुनवाई के लिए पहुंचे। पुलिस का कड़ा पहरा रहा।
एडीजीसी सुभाष तोमर ने बताया कि चार मार्च 1998 को पूर्व विधायक चंदर सिंह बागपत नगर स्थित आवास से शेविंग कराने के लिए निकले थे। इसी बीच उन पर जानलेवा हमला हुआ था। वारदात का मुकदमा रालोद के पूर्व विधायक गाजियाबाद के जावली गांव निवासी मदन भैया, उनके गांव के ही नरेश जावली और शमशाद के खिलाफ 307 और 120 बी में दर्ज हुआ था। मुकदमे में राहत के लिए मदन भैया हाईकोर्ट गए, जहां से उन्हें स्टे मिल गया था। पिछले दिनों स्टे हटने के बाद मुकदमे की अदालती प्रक्रिया शुरू हुई। बृहस्पतिवार को एफटीसी प्रथम मिताली गोविंद राव की अदालत में पूर्व विधायक मदन भैया हाजिर हुए। सुनवाई के दौरान उन पर आरोप तय हुए। एडीजीसी सुभाष तोमर ने बताया कि अदालत ने गवाही के लिए 25 सितंबर की तिथि तय की है।
विज्ञापन
लाव लश्कर के साथ पहुंचे मदन भैया
बागपत। खेकड़ा से रालोद के पूर्व विधायक मदन भैया अपने समर्थकों के साथ पहुंचे। अदालत में सुनवाई के दौरान पुलिस का कड़ा पहरा रहा।
चंदर सिंह की हो चुकी है मौत
बागपत। मूल रूप से अहेड़ा गांव निवासी चंदर सिंह की वर्ष 2015 में मौत हो गई थी। उनका परिवार गांव और नगर स्थित आवास पर रहता है। पोता सपा में सक्रिय है।