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पेट के बल लेटने से कंट्रोल हो सकती है ऑक्सीजन
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होम आइसोलेट मरीज के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी की गई गाइडलाइन
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक बार फिर से प्रोनिंग (पेट के बल लेटना) प्रक्रिया की जानकारी जारी की गई है। ताकि होम क्वारंटीन में रह रहे लोग घर पर ही अपने शरीर में ऑक्सीजन को नियंत्रित कर सकें। सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय कुमार ने कहा कि कोविड के मरीज जो घर पर ही क्वारंटीन हैं, वे प्रोनिंग प्रक्रिया अपनाकर ऑक्सीजन मात्रा को बढ़ा सकते हैं।
ऐसे उठाएं लाभ
1. प्रोनिंग प्रक्रिया वेंटिलेशन को बढ़ाती है, श्वसन कोशिकाओं को खोलकर आसानी से सांस लेने में मदद करती है।
2. इसकी आवश्यकता केवल उसी स्थित में है, जब मरीज को सांस लेने में तकलीफ महसूस हो रही हो और उसका ऑक्सीजन का स्तर 94 से नीचे चला गया हो।
3. होम आइसोलेशन के दौरान तापमान, ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर जैसे अन्य लक्षणों के अलावा ऑक्सीजन स्तर को नियमित रूप से मॉनिटर करना बेहद महत्वपूर्ण है।
4. हाईपोक्सिया (ऑक्सीजन सर्कुलेशन की कमी) मरीज की हालत और ज्यादा बिगड़ने का कारण बन सकती है।
5. उचित समय पर प्रोनिंग और वेंटिलेशन की बेहतर व्यवस्था से कई जिंदगियां बचाई जा सकती है।
प्रोनिंग के दौरान तकिया लगाने का सही तरीका
1. एक तकिया गर्दन के नीचे रखें।
2. एक या दो तकिए छाती और जांघ के ऊपरी हिस्से की बीच रखें।
3. दो तकिये पैर की पिंडलियों के नीचे रखें।
सेल्फ-प्रोनिंग के लिए
1. आपको 4 से 5 तकियों की जरूरत होगी।
2. लेटने की पॉजिशन में नियमित रूप से बदलाव करते रहना होगा।
3. किसी भी पॉजिशन पर 30 मिनट से ज्यादा का समय न लगाएं।
कैसे करें सेल्फ-प्रोनिंग
1. 30 मिनट से 2 घंटे तक पेट के बल लेटें
2. 30 मिनट से 2 घंटे तक दाईं तरफ करवट से लेटें
3. 30 मिनट से 2 घंटे तक शरीर के ऊपरी हिस्से को ऊपर उठाएं और बैठ जाएं
4. 30 मिनट से 2 घंटे तक बाईं तरफ करवट से लेटें
5. यह सब करने के बाद फिर दोबार से पहली वाली पॉजिशन पर वापस लौटें और पेट के बल लेटें।
इन परिस्थितियों में प्रोनिंग से बचें
1. गर्भावस्था
2. डीप वेनस थ्रोम्बॉसिस (जिसका उपचार 48 घंटे के भीतर हुआ हो)
3. हृदय संबंधित प्रमुख बीमारियों की स्थिति में
4. अस्थिर रीढ़, जांघ या कूल्हे की हड्डी फ्रैक्चर होने की स्थिति में
5. भोजन के बाद करीब एक घंटे तक प्रोनिंग न करें।
6. प्रोनिंग को केवल तब तक करें जब तक आप इसे आसानी से कर पा रहे हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक बार फिर से प्रोनिंग (पेट के बल लेटना) प्रक्रिया की जानकारी जारी की गई है। ताकि होम क्वारंटीन में रह रहे लोग घर पर ही अपने शरीर में ऑक्सीजन को नियंत्रित कर सकें। सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय कुमार ने कहा कि कोविड के मरीज जो घर पर ही क्वारंटीन हैं, वे प्रोनिंग प्रक्रिया अपनाकर ऑक्सीजन मात्रा को बढ़ा सकते हैं।
ऐसे उठाएं लाभ
1. प्रोनिंग प्रक्रिया वेंटिलेशन को बढ़ाती है, श्वसन कोशिकाओं को खोलकर आसानी से सांस लेने में मदद करती है।
2. इसकी आवश्यकता केवल उसी स्थित में है, जब मरीज को सांस लेने में तकलीफ महसूस हो रही हो और उसका ऑक्सीजन का स्तर 94 से नीचे चला गया हो।
3. होम आइसोलेशन के दौरान तापमान, ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर जैसे अन्य लक्षणों के अलावा ऑक्सीजन स्तर को नियमित रूप से मॉनिटर करना बेहद महत्वपूर्ण है।
4. हाईपोक्सिया (ऑक्सीजन सर्कुलेशन की कमी) मरीज की हालत और ज्यादा बिगड़ने का कारण बन सकती है।
5. उचित समय पर प्रोनिंग और वेंटिलेशन की बेहतर व्यवस्था से कई जिंदगियां बचाई जा सकती है।
प्रोनिंग के दौरान तकिया लगाने का सही तरीका
1. एक तकिया गर्दन के नीचे रखें।
2. एक या दो तकिए छाती और जांघ के ऊपरी हिस्से की बीच रखें।
3. दो तकिये पैर की पिंडलियों के नीचे रखें।
सेल्फ-प्रोनिंग के लिए
1. आपको 4 से 5 तकियों की जरूरत होगी।
2. लेटने की पॉजिशन में नियमित रूप से बदलाव करते रहना होगा।
3. किसी भी पॉजिशन पर 30 मिनट से ज्यादा का समय न लगाएं।
कैसे करें सेल्फ-प्रोनिंग
1. 30 मिनट से 2 घंटे तक पेट के बल लेटें
2. 30 मिनट से 2 घंटे तक दाईं तरफ करवट से लेटें
3. 30 मिनट से 2 घंटे तक शरीर के ऊपरी हिस्से को ऊपर उठाएं और बैठ जाएं
4. 30 मिनट से 2 घंटे तक बाईं तरफ करवट से लेटें
5. यह सब करने के बाद फिर दोबार से पहली वाली पॉजिशन पर वापस लौटें और पेट के बल लेटें।
इन परिस्थितियों में प्रोनिंग से बचें
1. गर्भावस्था
2. डीप वेनस थ्रोम्बॉसिस (जिसका उपचार 48 घंटे के भीतर हुआ हो)
3. हृदय संबंधित प्रमुख बीमारियों की स्थिति में
4. अस्थिर रीढ़, जांघ या कूल्हे की हड्डी फ्रैक्चर होने की स्थिति में
5. भोजन के बाद करीब एक घंटे तक प्रोनिंग न करें।
6. प्रोनिंग को केवल तब तक करें जब तक आप इसे आसानी से कर पा रहे हैं।