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बागपत: निराश्रित गोवंश को गोशाला में छोड़ा, चारे का खर्च भी दिया

Sun, 12 Feb 2023 05:22 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत Updated Sun, 12 Feb 2023 05:22 AM IST
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Left the destitute cattle in the gaushala, also paid the cost of fodder
संवाद न्यूज एजेंसी
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बागपत। निराश्रित गोवंश से फसल बचाने के लिए किसान खेतों में पहरेदारी कर रहे हैं। ऐसे में अग्रवाल मंडी टटीरी, कासमाबाद दुड़भा और अहैड़ा गांवों के किसानों ने इस समस्या से निजात पाने के लिए एक अलग ही पहल की है। उन्होंने निराश्रित पशुओं को पकड़कर गोशाला में छोड़ा और उन्हें वहां चारे की समस्या न हो, इसके लिए एक लाख 60 हजार रुपये चंदा एकत्र कर गोशाला में दिए हैं।

अग्रवाल मंडी टटीरी, कासमाबाद दुड़भा और अहैड़ा के किसानों के खेतों में 150 से अधिक निराश्रित गोवंश घूमते रहते थे और खेतों में खड़ी फसल बर्बाद कर रहे थे। कई किसान निराश्रित गोवंश के हमले में घायल हो चुके थे। किसानों की इस पहल से निराश्रित गोवंश की समस्या का समाधान भी हो गया और उनकी फसल को भी नुकसान नहीं होगा। ग्रामीणों ने भविष्य में भी मदद करने का भरोसा गोशाला प्रबंधन को दिया है।
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उठानी पड़ रही परेशानी

खेत में खड़ी फसल बचाने के लिए पहरा देना पड़ रहा था, इससे किसानों के दूसरे कार्य नहीं हो पाते थे। आपसी सहयोग से इस समस्या का समाधान हुआ है। -धर्म सिंह शर्मा
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गोवंश छोड़ने वालों पर रखेंगे नजर



निराश्रित गोवंश को पकड़वाने से पहले गांव में मुनादी कराकर लोगों से न छोड़ने की अपील की गई थी। अब गोवंश छोड़ने वालों पर भी नजर रखी जा रही है। गोवंश छोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।-अहिराम सिंह

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जंगल गोवंश से मुक्त हुआ

निराश्रित गोवंश की समस्या को देखते हुए अक्सर लोग शिकायत लेकर आ जाते थे। इसके लिए बार-बार पशुपालन विभाग के अधिकारियों से संपर्क करना पड़ता था। टटीरी, अहैड़ा व दुड़भा गांव के किसानों व ग्रामीणों के सहयोग से गोवंशों को गोशाला भिजवाया जा सका। जिसे जंगल गोवंशों से मुक्त हो गया।-हरकरण सिंह, प्रधान, अहैड़ा



वर्जन-किसानों ने गोशाला में गोवंश के चारे-पानी के लिए सहयोग दिया है। भविष्य में भी मदद करने का आश्वासन दिया है। किसानों व प्रधान के सहयोग से 150 से अधिक गोवंशों को सरूरपुरकलां, खट्टा समेत अन्य गोशाला में भिजवाया जा सका।-डाक्टर रमेश चंद्रा, मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी
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