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Baghpat News: 15 अगस्त को मनेगा जन्माष्टमी का त्योहार, गृहस्थ जीवन के लिए उत्तम
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बागपत। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार 15 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन रात 11.50 बजे अष्टमी का प्रवेश होगा और 16 अगस्त को रात 9.35 मिनट पर अष्टमी तिथि का समापन हो जाएगा। 15 अगस्त को जन्माष्टमी त्योहार गृहस्थ जीवन के लिए काफी उत्तम बताया जा रहा है।
शहर के बाबा जानकीदास मंदिर के ज्योतिषाचार्य पंडित राजकुमार शास्त्री ने बताया कि जन्माष्टमी का व्रत गृहस्थी और वैष्णव के लिए अलग-अलग है। वैष्णव अगले दिन सूर्योदय तक उसी तिथि को मान्यता देते हैं। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि को अर्धरात्रि में हुआ था। जन्माष्टमी का व्रत भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप से लेकर बड़े होने तक का पूजन और झूला झुलाना अष्टमी तिथि में ही करना चाहिए।
पंचांग के अनुसार इस बार 15 अगस्त को रात्रि में 11 बजकर 50 मिनट पर अष्टमी का प्रवेश होगा और 16 अगस्त की रात्रि 9 बजकर 35 मिनट पर समाप्त हो जाएगी। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि को रात 12 बजे हुआ था। 16 अगस्त को रात 12 बजे तक अष्टमी नहीं रहेगी, इस कारण गृहस्थी में जन्माष्टमी का पर्व 15 अगस्त दिन शुक्रवार को ही मनाया जाएगा।
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शहर के बाबा जानकीदास मंदिर के ज्योतिषाचार्य पंडित राजकुमार शास्त्री ने बताया कि जन्माष्टमी का व्रत गृहस्थी और वैष्णव के लिए अलग-अलग है। वैष्णव अगले दिन सूर्योदय तक उसी तिथि को मान्यता देते हैं। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि को अर्धरात्रि में हुआ था। जन्माष्टमी का व्रत भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप से लेकर बड़े होने तक का पूजन और झूला झुलाना अष्टमी तिथि में ही करना चाहिए।
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पंचांग के अनुसार इस बार 15 अगस्त को रात्रि में 11 बजकर 50 मिनट पर अष्टमी का प्रवेश होगा और 16 अगस्त की रात्रि 9 बजकर 35 मिनट पर समाप्त हो जाएगी। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि को रात 12 बजे हुआ था। 16 अगस्त को रात 12 बजे तक अष्टमी नहीं रहेगी, इस कारण गृहस्थी में जन्माष्टमी का पर्व 15 अगस्त दिन शुक्रवार को ही मनाया जाएगा।
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