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जेई ने लगाया विद्युत निगम को 4.78 लाख का चूना
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छह लोगों को अवैध रूप से मुलसम बिजलीघर पर कर रखा था तैनात
हर माह निगम से दिला रहे थे वेतन, अवैध वसूली कराने का भी आरोप
मामला उजागर होने पर ऊर्जा निगम ने इस प्रकरण की जांच शुरू की
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत (बागपत)। ऊर्जा निगम में तैनात एक अवर अभियंता ने अपने ही विभाग को करीब 4.78 लाख रुपये का चूना लगा दिया है। इतना ही नहीं जेई ने बिना निगम अधिकारियों को सूचना दिए छह लोगों की विद्युत वितरण खंड द्वितीय से जुडे़ मुलसम गांव के बिजलीघर पर तैनाती भी कर दी। हर माह वेतन भी दिलाते रहे। मामला उजागर होने पर ऊर्जा निगम ने इस प्रकरण की जांच शुरू की है।
मामला मुसलम गांव के बिजलीघर का है। 16 जुलाई 2021 मेें जेई सोमेश कर्णवाल की मुलसम गांव के बिजलीघर पर तैनाती हुई। तैनाती के बाद से ही उनकी विभागीय कार्यों में रुचि न लेने, उपभोक्ताओं से अभद्र व्यवहार करने की शिकायत ऊर्जा निगम के अफसरों को मिलनी शुरू हो गई थी। एक्सईएन द्वितीय राजेश कुमार को अप्रैल माह में शिकायत मिली कि जेई सोमेश कर्णवाल विभाग को नुकसान पहुंचा रहा है। जेई ने छह लोगों को निजी तौर पर रख रखा है, जो उपभोक्ताओं को चेकिंग के नाम पर डरा-धमकाकर अवैध वसूली कर रहे है। मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिशासी अभियंता ने 21 अप्रैल 2022 को निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान न तो बिजलीघर पर उपस्थिति रजिस्टर मिला और न ही अन्य रिकार्ड। इसके बाद एक्सईएन ने विभाग में काम करने वाली कंपनी से संपर्क साधा। जानकारी मिली कि बिजलीघर पर नौ लाइनमैन तैनात है। पूछने में एसएसओ बालिस्टर ने बताया कि बिजलीघर पर मात्र तीन लाइनमैन महेश कुमार, सतेंद्र व अजित काम करते है, अन्य कोई व्यक्ति बिजलीघर पर काम नहीं करता।
एक्सईएन ने बताया कि जेई सोमेश कर्णवाल ने तैनाती से पूर्व ही एक जुुुलाई को हलालपुर गांव निवासी विनीत, उत्तमवीर बावली, उसके बाद अगस्त माह में दीपक, अक्टूबर माह में शामली के गगन बिहार के रहने वाले गौरव, नवंबर माह में अंकित व इसी माह में अंकित निवासी बुडेढ़ा को विभाग को बिना सूचना दिए अपने निजी काम से रख लिया और विभाग से प्रत्येक को दस से 12 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिलाते रहे। मानदेय की यह रकम करीब 4.78 लाख रुपये बैठती है। मामला उजागर होने पर एक्सईएन ने इन सभी छह लोगों को हटा दिया है। एसई को मामले की जानकारी देकर जांच शुरू करा दी है।
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जेई ने छह लोगों को निजी तौर पर बिजलीघर पर रखा हुआ था। इन लोगों ने कभी भी बिजली संबंधित विभाग का काम नहीं किया, लेकिन जेई उन्हें बराबर मानदेय दिलाते रहे। इस संबंध में एसई रणविजय सिंह को अवगत करा दिया गया है। साथ ही छह लोगों को तुरंत हटा दिया गया है। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - राजेश कुमार, एक्सईएन द्वितीय
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हर माह निगम से दिला रहे थे वेतन, अवैध वसूली कराने का भी आरोप
मामला उजागर होने पर ऊर्जा निगम ने इस प्रकरण की जांच शुरू की
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत (बागपत)। ऊर्जा निगम में तैनात एक अवर अभियंता ने अपने ही विभाग को करीब 4.78 लाख रुपये का चूना लगा दिया है। इतना ही नहीं जेई ने बिना निगम अधिकारियों को सूचना दिए छह लोगों की विद्युत वितरण खंड द्वितीय से जुडे़ मुलसम गांव के बिजलीघर पर तैनाती भी कर दी। हर माह वेतन भी दिलाते रहे। मामला उजागर होने पर ऊर्जा निगम ने इस प्रकरण की जांच शुरू की है।
मामला मुसलम गांव के बिजलीघर का है। 16 जुलाई 2021 मेें जेई सोमेश कर्णवाल की मुलसम गांव के बिजलीघर पर तैनाती हुई। तैनाती के बाद से ही उनकी विभागीय कार्यों में रुचि न लेने, उपभोक्ताओं से अभद्र व्यवहार करने की शिकायत ऊर्जा निगम के अफसरों को मिलनी शुरू हो गई थी। एक्सईएन द्वितीय राजेश कुमार को अप्रैल माह में शिकायत मिली कि जेई सोमेश कर्णवाल विभाग को नुकसान पहुंचा रहा है। जेई ने छह लोगों को निजी तौर पर रख रखा है, जो उपभोक्ताओं को चेकिंग के नाम पर डरा-धमकाकर अवैध वसूली कर रहे है। मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिशासी अभियंता ने 21 अप्रैल 2022 को निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान न तो बिजलीघर पर उपस्थिति रजिस्टर मिला और न ही अन्य रिकार्ड। इसके बाद एक्सईएन ने विभाग में काम करने वाली कंपनी से संपर्क साधा। जानकारी मिली कि बिजलीघर पर नौ लाइनमैन तैनात है। पूछने में एसएसओ बालिस्टर ने बताया कि बिजलीघर पर मात्र तीन लाइनमैन महेश कुमार, सतेंद्र व अजित काम करते है, अन्य कोई व्यक्ति बिजलीघर पर काम नहीं करता।
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एक्सईएन ने बताया कि जेई सोमेश कर्णवाल ने तैनाती से पूर्व ही एक जुुुलाई को हलालपुर गांव निवासी विनीत, उत्तमवीर बावली, उसके बाद अगस्त माह में दीपक, अक्टूबर माह में शामली के गगन बिहार के रहने वाले गौरव, नवंबर माह में अंकित व इसी माह में अंकित निवासी बुडेढ़ा को विभाग को बिना सूचना दिए अपने निजी काम से रख लिया और विभाग से प्रत्येक को दस से 12 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिलाते रहे। मानदेय की यह रकम करीब 4.78 लाख रुपये बैठती है। मामला उजागर होने पर एक्सईएन ने इन सभी छह लोगों को हटा दिया है। एसई को मामले की जानकारी देकर जांच शुरू करा दी है।
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जेई ने छह लोगों को निजी तौर पर बिजलीघर पर रखा हुआ था। इन लोगों ने कभी भी बिजली संबंधित विभाग का काम नहीं किया, लेकिन जेई उन्हें बराबर मानदेय दिलाते रहे। इस संबंध में एसई रणविजय सिंह को अवगत करा दिया गया है। साथ ही छह लोगों को तुरंत हटा दिया गया है। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - राजेश कुमार, एक्सईएन द्वितीय