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मां से मिली प्रेरणा तो छू लिया आसमां
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एसडीएम बड़ौत पूजा चौधरी अपने मां मितलेश चौधरी के साथ
- फोटो : BARAUT
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मदर्स-डे पर विशेष
सफलता के कदम चूमने वाली बेटियां बोली, मां ने हमेशा हौसला बढ़ाया
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। जब खुद को अकेला पाया, प्यार से तूने मेरा माथा सहलाया, सिर्फ काला टीका दूध मलाई ही नहीं, तूने जीवन जीना भी सिखाया। एक बच्चे से उसकी मां का अटूट रिश्ता होता है। बच्चे की पहली शिक्षक भी मां होती है। बच्चों को प्रेरणा देकर आगे तरक्की के मार्ग पर चलने के लिए अग्रसर करती है। यह कहना है उन बेटियों का, जिन्होंने मां से प्रेरणा लेकर सफलता पाई।
दूसरों की सेवा करना सिखाया
एसडीएम पूजा चौधरी ने बताया कि मेरी मां मिथलेश चौधरी मेरी सबसे पहली शिक्षक और प्रेरणा स्त्रोत हैं। मुझे हमेशा दूसरों की सेवा करना सिखाया। एसडीएम बनने के लिए प्रेरित किया और आज उसके सहयोग से इस मुकाम तक पहुंची हूं। बताया कि कई बार मैं परेशान हो जाती थी, लेकिन हर बार मां ने मेरा हौसलाअफजाई किया। एक अधिकारी होने के साथ-साथ जरूरतमंदों व असहाय लोगों को न्याय दिलाना मेरा मकसद है।
मां के हर दिन विशेष
मलकपुर गांव की बेटी साक्षी तोमर जनपद की पहली महिला लेफ्टिनेंट है। साक्षी तोमर मलकपुर का कहना है कि मां के लिए कोई विशेष दिन नहीं होता। मां साल के 365 दिन पूजनीय है। मां के सहयोग से ही आज इस पद पर हूं। मां ने मुझे हमेशा आगे बढ़ने के लिए अग्रसर किया है।
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हर कदम में मां का रहा साथ
फतेहपुर पुट्ठी गांव निवासी और श्रीराम शिक्षा मंदिर इंटर कॉलेज की इंटरमीडिएट की यूपी टॉपर छात्रा तनु तोमर और इसी कॉलेज में गत वर्ष हाईस्कूल में यूपी टॉपर करने वाली हिलवाड़ी गांव की छात्रा रिया जैन का कहना है कि सभी के जीवन में मां का अहम रोल है। मां अपने बच्चे के जीवन की बुनियाद रखती हैं। मां ने हमेशा सिखाया है कि किसी भी काम को पूरी मेहनत और लगन के साथ करना चाहिए।
लक्ष्य बनाकर कड़ी मेहनत करने का मां ने दिया संदेश
मलकुपर गांव की महिला पहलवान साक्षी और जिवाना गांव की शूटर दिव्या का कहना है कि शुरूआत में जब खेलने के लिए घर से बाहर कदम रखा तो लोग तरह-तरह की बात करते थे। मगर, मां ने हमेशा हमारा हौसला बढ़ाया। मां की मेहनत और आशीर्वाद से खेल के मैदान में ढेरों पदक जीत रहे है। यह सब मां के आशीर्वाद का ही परिणाम है।
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सफलता के कदम चूमने वाली बेटियां बोली, मां ने हमेशा हौसला बढ़ाया
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। जब खुद को अकेला पाया, प्यार से तूने मेरा माथा सहलाया, सिर्फ काला टीका दूध मलाई ही नहीं, तूने जीवन जीना भी सिखाया। एक बच्चे से उसकी मां का अटूट रिश्ता होता है। बच्चे की पहली शिक्षक भी मां होती है। बच्चों को प्रेरणा देकर आगे तरक्की के मार्ग पर चलने के लिए अग्रसर करती है। यह कहना है उन बेटियों का, जिन्होंने मां से प्रेरणा लेकर सफलता पाई।
दूसरों की सेवा करना सिखाया
एसडीएम पूजा चौधरी ने बताया कि मेरी मां मिथलेश चौधरी मेरी सबसे पहली शिक्षक और प्रेरणा स्त्रोत हैं। मुझे हमेशा दूसरों की सेवा करना सिखाया। एसडीएम बनने के लिए प्रेरित किया और आज उसके सहयोग से इस मुकाम तक पहुंची हूं। बताया कि कई बार मैं परेशान हो जाती थी, लेकिन हर बार मां ने मेरा हौसलाअफजाई किया। एक अधिकारी होने के साथ-साथ जरूरतमंदों व असहाय लोगों को न्याय दिलाना मेरा मकसद है।
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मां के हर दिन विशेष
मलकपुर गांव की बेटी साक्षी तोमर जनपद की पहली महिला लेफ्टिनेंट है। साक्षी तोमर मलकपुर का कहना है कि मां के लिए कोई विशेष दिन नहीं होता। मां साल के 365 दिन पूजनीय है। मां के सहयोग से ही आज इस पद पर हूं। मां ने मुझे हमेशा आगे बढ़ने के लिए अग्रसर किया है।
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हर कदम में मां का रहा साथ
फतेहपुर पुट्ठी गांव निवासी और श्रीराम शिक्षा मंदिर इंटर कॉलेज की इंटरमीडिएट की यूपी टॉपर छात्रा तनु तोमर और इसी कॉलेज में गत वर्ष हाईस्कूल में यूपी टॉपर करने वाली हिलवाड़ी गांव की छात्रा रिया जैन का कहना है कि सभी के जीवन में मां का अहम रोल है। मां अपने बच्चे के जीवन की बुनियाद रखती हैं। मां ने हमेशा सिखाया है कि किसी भी काम को पूरी मेहनत और लगन के साथ करना चाहिए।
लक्ष्य बनाकर कड़ी मेहनत करने का मां ने दिया संदेश
मलकुपर गांव की महिला पहलवान साक्षी और जिवाना गांव की शूटर दिव्या का कहना है कि शुरूआत में जब खेलने के लिए घर से बाहर कदम रखा तो लोग तरह-तरह की बात करते थे। मगर, मां ने हमेशा हमारा हौसला बढ़ाया। मां की मेहनत और आशीर्वाद से खेल के मैदान में ढेरों पदक जीत रहे है। यह सब मां के आशीर्वाद का ही परिणाम है।