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Baghpat News: साहब! बंदरों की दहशत से घरों में कैद लोग, पानी की टंकी नहीं हुई शुरू
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बागपत। बसी गांव का मंगलवार को आयुष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन प्रमुख सचिव एवं नोडल अधिकारी रंजन कुमार ने निरीक्षण किया। वहां लोगों ने बंदरों को पकड़वाने, पानी निकासी व टंकी चालू नहीं होने की समस्या रखी। इन समस्याओं का निस्तारण कराने का आश्वासन दिया।
प्रमुख सचिव रंजन कुमार ने गांव में लोगों की समस्याएं सुनी। लोगों ने कहा कि बंदरों के आतंक से लोग घरों में कैद हो गए हैं। घरों की छत पर कोई भी नहीं जा सकता और यदि कोई जाता है तो बंदर हमला बोलकर घायल कर देते हैं। इसके अलावा खराब हैंडपंपों को सही कराने, बुजुर्गों की पेंशन बनवाने, मार्गों का निर्माण कराने, पानी की टंकी चालू कराने, जलभराव की समस्या से निजता दिलाने, कचरे का निस्तारण व लोगों को यातायात की सुविधा दिलाने की मांग की। प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को एक सप्ताह में समस्या का निस्तारण और सिंचाई विभाग को नाले का निर्माण कराकर पानी निकासी के निर्देश दिए।
उन्होंने पंचायत घर में एक पेड़ मां के नाम के तहत पौधा लगाया और किसानों को बाजरे की मिनी किट के पैकेट भी वितरित किए। गांव में गठित सात स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को अपना रोजगार शुरू कर आत्मनिर्भर बनने के प्रति जागरूक किया। सिंचाई विभाग व बिजली विभाग के अधिकारियों के उपस्थित नहीं होने पर नाराजगी जताई। रटौल गोशाला का निरीक्षण किया और गोवंश को सही चारा देने व उपचार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने आम का भी स्वाद लिया। इस दौरान डीएम अस्मिता लाल, एसपी सूरज कुमार राय, सीडीओ नीरज कुमार श्रीवास्तव, एडीएम पंकज वर्मा मौजूद रहे।
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खाद-बीज गोदाम पर कई साल से लगा ताला
प्रमुख सचिव के सामने किसानों ने कहा कि कई साल से खाद-बीज के गोदाम पर ताला लगा हुआ है। कई बार शिकायत के बाद भी कृषि विभाग के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे है। ऐसे में किसान परेशान है और दूसरे गांवों में जाकर खाद व बीज लाने को मजबूर है। प्रमुख सचिव ने जिला कृषि अधिकारी को जांच कर खाद-बीज के गोदाम को खोलने के निर्देश दिए।
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प्रमुख सचिव रंजन कुमार ने गांव में लोगों की समस्याएं सुनी। लोगों ने कहा कि बंदरों के आतंक से लोग घरों में कैद हो गए हैं। घरों की छत पर कोई भी नहीं जा सकता और यदि कोई जाता है तो बंदर हमला बोलकर घायल कर देते हैं। इसके अलावा खराब हैंडपंपों को सही कराने, बुजुर्गों की पेंशन बनवाने, मार्गों का निर्माण कराने, पानी की टंकी चालू कराने, जलभराव की समस्या से निजता दिलाने, कचरे का निस्तारण व लोगों को यातायात की सुविधा दिलाने की मांग की। प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को एक सप्ताह में समस्या का निस्तारण और सिंचाई विभाग को नाले का निर्माण कराकर पानी निकासी के निर्देश दिए।
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उन्होंने पंचायत घर में एक पेड़ मां के नाम के तहत पौधा लगाया और किसानों को बाजरे की मिनी किट के पैकेट भी वितरित किए। गांव में गठित सात स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को अपना रोजगार शुरू कर आत्मनिर्भर बनने के प्रति जागरूक किया। सिंचाई विभाग व बिजली विभाग के अधिकारियों के उपस्थित नहीं होने पर नाराजगी जताई। रटौल गोशाला का निरीक्षण किया और गोवंश को सही चारा देने व उपचार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने आम का भी स्वाद लिया। इस दौरान डीएम अस्मिता लाल, एसपी सूरज कुमार राय, सीडीओ नीरज कुमार श्रीवास्तव, एडीएम पंकज वर्मा मौजूद रहे।
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खाद-बीज गोदाम पर कई साल से लगा ताला
प्रमुख सचिव के सामने किसानों ने कहा कि कई साल से खाद-बीज के गोदाम पर ताला लगा हुआ है। कई बार शिकायत के बाद भी कृषि विभाग के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे है। ऐसे में किसान परेशान है और दूसरे गांवों में जाकर खाद व बीज लाने को मजबूर है। प्रमुख सचिव ने जिला कृषि अधिकारी को जांच कर खाद-बीज के गोदाम को खोलने के निर्देश दिए।