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Baghpat News: बिजली उपभोक्ताओेंं से की जा रही अवैध उगाही, हंगामा
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-ग्रामीणों ने अवर अभियंता व संविदा लाइनमैन पर लगाया आरोप, एमडी को भेजा पत्र
बड़ौत। रंछाड़ गांव में चेंकिग के नाम पर बिजली उपभोक्ताओं से जमकर अवैध वसूली की जा रही है। बुधवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने जेई व संविदा कर्मचारियों पर आरोप लगाते हुए हंगामा किया। बाद में ग्रामीणों ने एमडी को भी पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में चेंकिग के नाम पर उपभोक्ताओं का मानसिक व आर्थिक उत्पीड़न किया जा रहा है। गांव में तैनात संविदा कर्मचारियों व अवर अभियंता ने गांव मेें एक मकान किराए पर ले रखा है, जहां पर उपभोक्ताओं को बिल जमा कराने के नाम पर बुलाया जाता है और डरा-धमकाकर उनसे अवैध वसूली की जा रही है। जेई सुदेशपाल से जब गांव स्थित बिजलीघर की बजाए एक प्राइवेट मकान में उपभोक्ताओं को बुलाने का कारण पूछा तो वे झूठी एफआईआर दर्ज कराने की धमकी देते हैं। एसडीओ व अन्य अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। आरोप है कि जेई व दोनों संविदा कर्मचारी रोजाना गांव के उपभोक्ताओं से हजारों की अवैध उगाही कर रहे हैं। ग्रामीणों ने जेई व संविदा कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर एमडी को भी पत्र भेजा। मांग करने वालोें में पूर्व प्रधान देवेन्द्र सिंह, ओमपाल, हरवीर, हरेन्द्र, मनोज शामिल रहे।
वर्जन-- --
मुझ पर लगाएं गए तमाम आरोप निराधार हैं। कोई अवैध उगाही नहीं की जा रही है। इस दौरान जब अवर अभियंता से बिजलीघर की बजाएं प्राइवेट कमरे में उपभोक्ताओं को बुलाने का कारण पूछा तो वे सही जवाब नहीं दे पाए। सुदेशपाल अवर अभियंता
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बड़ौत। रंछाड़ गांव में चेंकिग के नाम पर बिजली उपभोक्ताओं से जमकर अवैध वसूली की जा रही है। बुधवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने जेई व संविदा कर्मचारियों पर आरोप लगाते हुए हंगामा किया। बाद में ग्रामीणों ने एमडी को भी पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में चेंकिग के नाम पर उपभोक्ताओं का मानसिक व आर्थिक उत्पीड़न किया जा रहा है। गांव में तैनात संविदा कर्मचारियों व अवर अभियंता ने गांव मेें एक मकान किराए पर ले रखा है, जहां पर उपभोक्ताओं को बिल जमा कराने के नाम पर बुलाया जाता है और डरा-धमकाकर उनसे अवैध वसूली की जा रही है। जेई सुदेशपाल से जब गांव स्थित बिजलीघर की बजाए एक प्राइवेट मकान में उपभोक्ताओं को बुलाने का कारण पूछा तो वे झूठी एफआईआर दर्ज कराने की धमकी देते हैं। एसडीओ व अन्य अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। आरोप है कि जेई व दोनों संविदा कर्मचारी रोजाना गांव के उपभोक्ताओं से हजारों की अवैध उगाही कर रहे हैं। ग्रामीणों ने जेई व संविदा कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर एमडी को भी पत्र भेजा। मांग करने वालोें में पूर्व प्रधान देवेन्द्र सिंह, ओमपाल, हरवीर, हरेन्द्र, मनोज शामिल रहे।
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मुझ पर लगाएं गए तमाम आरोप निराधार हैं। कोई अवैध उगाही नहीं की जा रही है। इस दौरान जब अवर अभियंता से बिजलीघर की बजाएं प्राइवेट कमरे में उपभोक्ताओं को बुलाने का कारण पूछा तो वे सही जवाब नहीं दे पाए। सुदेशपाल अवर अभियंता
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